पीएम आवास योजना में गड़बड़झाला : मिलते-जुलते फर्जी नामों पर हो रही सपनों के आशियाने की बिक्री, जानिए कैसे?

Jharkhand news, Garhwa news : गढ़वा शहर से सटे नवादा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास की बिक्री की जा रही है़ इसके लिए पीएम आवास की चोरी की जा रही है़ चोरी करने के बाद उसे दूसरे लोगों को ऊंचे दाम पर बेचे जा रहे हैं. बिचौलिये मिलते- जुलते नाम को आधार पर बना कर सही लाभुक की जगह फर्जी लाभुक को पीएम आवास ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं.

Jharkhand news, Garhwa news : गढ़वा (पीयूष तिवारी) : गढ़वा शहर से सटे नवादा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास की बिक्री की जा रही है़ इसके लिए पीएम आवास की चोरी की जा रही है़ चोरी करने के बाद उसे दूसरे लोगों को ऊंचे दाम पर बेचे जा रहे हैं. बिचौलिये मिलते- जुलते नाम को आधार पर बना कर सही लाभुक की जगह फर्जी लाभुक को पीएम आवास ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं.

क्या है मामला

नवादा गांव निवासी बसंत राम (आईडी नंबर 1110003, क्रम संख्या 20), संत राम (आईडी नंबर 1902641, क्रम संख्या-51), नंदलाल राम ( आईडी नंबर 2359834, क्रम संख्या 72) और विंदेश्वरी राम (आईडी नंबर 1214379) को मिलनेवाले आवास में गड़बड़ी करने के लिए कर्मियों की ओर से बड़े ही शातिर तेज दिमाग का उपयोग किया गया है़ उपरोक्त सभी लाभुकों का नाम सेक डाटा 2011 में दर्ज है, जिसका क्रम संख्या भी ऊपर लिखा हुआ है़ क्रम संख्या के हिसाब से उन्हें अब तक आवास मिल जाना चाहिए था, लेकिन सरकारी कर्मियों ने उनके जैसे मिलते-जुलते नामवाले दूसरे गांव बघमनवा के लोगों को आवास आवंटित कर दिया है़ साथ ही सभी के खाते में राशि भी डाल दी गयी़ लेकिन, पिता का नाम मैच नहीं करने की वजह से अब यह पकड़ में आ गया है़ पकड़ में आने के बाद इस मामले में काफी हो-हल्ला मचना शुरू हो गया है.

कैसे की जा रही है गड़बड़ी

गढ़वा प्रखंड के बघमनवा गांव के एक भी व्यक्ति का नाम सेक डाटा में नहीं है, जबकि बिना सेक डाटा में नामवाले को इस आवास का लाभ अभी नहीं दिया जाना है. इस वजह से कर्मियों ने इसके लिए नायाब तरीका निकालते हुए नवादा गांव के लाभुक बसंत राम पिता महोदर राम के सेकडाटा एवं आईडी नंबर का उपयोग कर उसी के नाम से मिलते-जुलते बघमनवा गांव के बसंत राम पिता स्व विरकेश राम को आवास आवंटित कर दिया गया है़ बघमनवा गांव के बसंत राम के खाते में आवास योजना की 2 किस्त में 1.25 लाख रुपये डाल दिये गये हैं.

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आरोप है कि इसके लिए बघमनवा के बसंत राम से मोटी रिश्वत की वसूली की गयी है, जबकि असली नवादा गांव का बसंत राम सारे दुरुस्त कागजात के साथ आवास का लाभ लेने के लिए वार्ड पार्षद से लेकर डीडीसी तक के दरवाजे पर माथा पटक रहा है़ यही स्थिति नवादा गांव के संत राम पिता महोदर राम के साथ भी हुई है़ उसका आवास बघमनवा के संत राम पिता फेंकू राम को दे दिया गया है़ उसे प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये भी आवंटित कर दिये गये हैं. इसके अलावा नवादा गांव के नंदलाल राम पिता पारस भुईयां के स्थान पर बघमनवा के नंदलाल राम पिता शिवनाथ राम और नवादा गांव के विंदेश्वरी राम के स्थान पर बघमनवा गांव के विंदेश्वरी राम को को दे दिया गया है़ इनके खाते में भी 40- 40 हजार रुपये डाल दिये गये हैं, जबकि मूल लाभुक पीएम आवास के लिए परेशान होकर भटक रहा है.

उल्लेखनीय है कि आवास का लाभ देने के लिए लाभुक के घर जाकर उसके साथ आवास बननेवाले स्थल का जीओ टैग किया जाता है. ऐसे में लाभुक के साथ-साथ गांव भी बदल दिया जाना स्वयंसेवक की भूमिका को कटघरे में खड़ा करता है.

मृत व्यक्ति का भी किया गया रजिस्ट्रेशन

इसी तरह, गढ़वा प्रखंड के सुखबाना गांव निवासी राजेश सिंह पिता इंद्रदेव सिंह (आईडी नंबर 2714819, क्रम संख्या 173) का भी आवास के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है, जबकि राजेश सिंह की कुछ साल पहले ही मौत हो गयी है. अब उसके परिवार का कोई भी व्यक्ति उपलब्ध नहीं है, लेकिन कर्मियों ने गड़बड़झाला करते हुए मृत राजेश सिंह के स्थान पर राजेश राम पिता प्रदीप राम को लाभुक बनाते हुए उसका रजिस्ट्रेशन कर दिया है, जबकि इस दूसरे राजेश राम का नाम सेक डाटा में भी नहीं है. साथ ही वह आवास का पात्र भी नहीं है. हालांकि, उसके बैंक खाते में राशि नहीं डाली गयी है.

स्वयंसेवक एवं ऑपरेटरों पर लगा आरोप

इस संबंध में लाभुक बसंत राम ने उपविकास आयुक्त (DDC) को आवेदन दिया है. आवेदन में उसने सारी गड़बड़ी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. इसके अलावा गढ़वा प्रखंड प्रमुख तेतरी देवी, नवादा पंचायत की मुखिया सुषमा देवी, बीडीसी हजरू निशा, उपमुखिया चंद्रिका दास, वार्ड पार्षद कविता देवी और रेणु देवी ने बताया कि ये सारी गड़बड़ी स्वयंसेवक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर की है़ उन्होंने कहा कि नवादा पंचायत से आवास योजना के लाभुकों से बड़े पैमाने पर राशि की वसूली की गयी है़ इस मामले में डीडीसी से जांच कराने की मांग की है, ताकि सही लाभुक को उसका सही हक मिल सके.

Posted By : Samir Ranjan.

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