Vat Savitri Puja के दिन रांची के मणिटोला में बड़ा पूजा महोत्सव, लाखों की संख्या में देश-विदेश से आएंगे भक्त

रांची के हिनू स्थित मणिटोला में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव मनाया जाना है. जय मां काली जगदम्बा ट्रस्ट के मुख्य सचिव पवन पासवान की मानें तो इस वर्ष करीब 1.25 लाख की संख्या में भक्त जुटेंगे.

रांची: रांची के हिनू स्थित मणिटोला में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव मनाया जाना है. जय मां काली जगदम्बा ट्रस्ट के मुख्य सचिव पवन पासवान की मानें तो इस वर्ष करीब 1.25 लाख की संख्या में भक्त जुटेंगे.

वट सावित्री पूजा के दिन बड़ा पूजा महोत्सव

आपको बता दें यह वार्षिकोत्सव हर वर्ष सुहागिनों के सबसे बड़े पर्व वट सावित्री पूजा के दिन मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार वट सावित्री पूजा ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन पड़ता है. इस बार तीन दिवसीय बड़ा पूजा महोत्सव की शुरुआत 18 मई 2023, गुरुवार से हो रही है. इस दिन संध्या 04 बजे से शोभा यात्रा निकाली जाएगी. वहीं, वट सावित्री पूजा यानी 19 मई 2023, शुक्रवार को मुख्य पूजन होगी. जबकी 20 मई शनिवार को संध्या में जागरण के साथ महोत्सव का समापन होगा.

बड़ा पूजा महोत्सव 2023

  • 18 मई 2023, गुरुवार: शोभा यात्रा

  • 19 मई 2023, शुक्रवार: मुख्य पूजन

  • 20 मई 2023, शनिवार: जागरण


प्रचंड गर्मी में भक्तों का उत्साह

पूजा की तैयारी अपने अंतिम चरण पर है. ऐसे में प्रभात खबर से बातचीत करते हुए ट्रस्ट के सचीव पवन पासवान ने कहा कि इस बार की पूजा को लेकर भक्तों में काफी उत्साह दिख रहा है. इस बार भक्त झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा, आसपास के राज्यों व मेट्रो सिटी समेत विदेश से भी आ रहे है. पवन पासवान की मानें तो तीन दिन में लाखों की संख्या में भीड़ होगी. गांव में उत्सव वाला माहौल है. गर्मी प्रचंड है बावजूद इसके भक्तों का आगमन शुरु हो चुका है.

सुरक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

गांव के लोग व काफी समय से जुड़े भक्त वालंटियर की भूमिका में रहेंगे. वहीं, सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर प्रसाशन से बातचीत हो गयी है. जबकि, स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर अलग से शिविर लगाएं जाएंगे. साफ-सफाई के लिए नगर निगम की टीम काम कर रही है.

क्यों वट सावित्री पूजा के दिन ही मनाया जाता है बड़ा पूजा महोत्सव

जय मां काली जगदम्बा ट्रस्ट के सचीव पवन पासवान की मानें तो बड़ा पूजा महोत्सव सन् 1978 से किया जा रहा है. इसकी शुरुआत मंदिर की मुख्य पूजारिन सोना देवी के द्वारा की गयी थी. वट सावित्री के दिन ही वार्षिकोत्सव मनाने का उन्हें आभास हुआ था तब से यह त्रिदिवसीय महोत्सव उसी दिन से की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >