World Athletics Championships: ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय और पहले भारतीय पुरूष एथलीट बन चुके हैं. इस जीत के बाद नीरज चोपड़ा का पहला रिएक्यशन सामने आया है. उन्होंने मेडल जीतने के बाद कहा कि मुकाबला बहुत ही कड़ा था. हवा की वजह से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा. यहां चर्चा कर दें कि भारत के लिये विश्व चैम्पियनशिप में एकमात्र पदक 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लंबी कूद में कांस्य जीता था.
आगे सिल्वर मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि वहां की स्थिति अच्छी नहीं थीं. हवा की गति बहुत ज्यादा थी. लेकिन मुझे पूरा विश्वास था कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा और मैंने ऐसा करके दिखाया भी. विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भारत के लिए मेडल लाने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि जो भी परिणाम आया उससे मैं संतुष्ट हूं. मुझे खुशी है कि मैं अपने देश के लिए मेडल जीतने में कामयाब रहा.
नीरज चोपड़ा ने कहा कि मैं हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश करता रहूंगा. देश का मान मैं आगे भी विश्व पटल पर बढ़ाता रहूंगा. मैंने आज मेडल जीता है तो अच्छा लग रहा है. अब अगले साल फिर कोशिश करूंगा ताकि इससे अच्छा करने में कामयाब हो सकूं. आपको बता दें कि भालाफेंक स्पर्धा में 88. 13 मीटर के थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता है जिसके बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
Also Read: Neeraj Chopra: वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, जीता सिल्वर मेडल कैसे नीरज चोपड़ा ने जीता मेडलफाउल से शुरूआत करने वाले नीरज चोपड़ा ने शानदार वापसी करते हुए दूसरे प्रयास में 82.39, तीसरे में 86.37 और चौथे प्रयास में 88.13 मीटर का थ्रो फेंका जो सत्र का उनका चौथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. उनका पांचवां और छठा प्रयास फाउल रहा. ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 90.54 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता. वहीं चेक गणराज्य के याकूब वालडेश को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 88 . 09 मीटर का थ्रो फेंका.
