नीरज चोपड़ा की पहल पर भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मिला हंगरी का वीजा

भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के दखल के बाद आखिरकार भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना को हंगरी का वीजा मिल गया है. वह अब वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेंगे. वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जेना चार सदस्यीय भाला फेंक टीम का हिस्सा हैं.

नयी दिल्ली : भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना को 19 से 27 अगस्त तक बुडापेस्ट में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए शुक्रवार को हंगरी की यात्रा के लिए वीजा मिल गया. इस खबर की पुष्टि करते हुए भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के एक सूत्र ने कहा कि शुक्रवार सुबह उनके साक्षात्कार के बाद वीजा को मंजूरी दे दी गई है. उन्हें कुछ समय के बाद यात्रा संबंधी दस्तावेज मिल जाएंगे.

बुधवार को रद्द हुआ था वीजा

बुधवार को भारत में हंगरी के दूतावास ने जेना का वीजा आवेदन रद्द कर दिया. जेना का वीजा रद्द होने के बाद साथी भाला फेंक खिलाड़ी और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने गुरुवार को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की जिससे कि यह खिलाड़ी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा पेश कर सके. अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर नीरज ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से ‘समाधान खोजने’ का आग्रह किया था.

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नीरज चोपड़ा ने की थी अपील

नीरज चोपड़ा ने विदेश मंत्रालय और जयशंकर को टैग करते हुए पोस्ट किया, ‘अभी सुना है कि किशोर जेना के वीजा के साथ कुछ समस्याएं हैं जो उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए हंगरी में प्रवेश करने से रोक रही हैं. मुझे उम्मीद है कि अधिकारी कोई समाधान ढूंढने में सक्षम होंगे क्योंकि यह उसके करियर के सबसे बड़े लम्हों में से एक है. आइए वह सब कुछ करें जो हम कर सकते हैं.’ जेना ने विश्व रैंकिंग कोटा के जरिए विश्व चैंपियनशिप में जगह बनाई है.


चार भारतीय खिलाड़ी क्वालीफाई

किशोर जेना ने 30 जुलाई को श्रीलंकाई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 84.38 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता था. तीस जुलाई को क्वालिफिकेशन अवधि पूरी होने के बाद विश्व एथलेटिक्स द्वारा अपडेट की गई ‘रोड टू बुडापेस्ट’ सूची में 36वें स्थान पर रहने के बाद जेना ने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था. यह 27 वर्षीय खिलाड़ी विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले चार भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों में से एक है.

नीरज चोपड़ा से है उम्मीदें

डीपी मनु और रोहित यादव ने भी क्वालीफाई किया था. रोहित हालांकि बाद में कोहनी की सर्जरी के कारण बाहर हो गए. जून में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले जेना और मनु 28 सदस्यीय टीम में शामिल दो खिलाड़ी हैं जो अब तक बुडापेस्ट नहीं पहुंचे हैं. दोनों के जल्द ही बुडापेस्ट पहुंचने की संभावना है. भारत को यहां नीरज चोपड़ा से गोल्ड मेडल की उम्मीद है.

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नीरज चोपड़ा ने कहा, 90 मीटर की दूरी पार करने के करीब हूं

इधर भारत के स्टार खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा पिछले कुछ समय से 90 मीटर की दूरी पार करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि वह यह लक्ष्य हासिल करने के करीब हैं और उन्हें इसके लिए केवल अनुकूल परिस्थितियों की जरूरत है. तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा पिछले साल 90 मीटर की दूरी तक भाला फेंकने के बेहद करीब पहुंच गए थे. तब उन्होंने स्टॉकहोम में डायमंड लीग प्रतियोगिता में 89.94 मीटर भाला फेंका था.

मै दबाव झेलने का आदी हूं : चोपड़ा

चोपड़ा ने जिओ सिनेमा से कहा, ‘निश्चित तौर पर मैं इस लक्ष्य के करीब हूं. मुझे बस एक अच्छे दिन की जरूरत है जिसमें मौसम की परिस्थितियां अनुकूल हों. मुझे विश्वास है कि मैं यह लक्ष्य हासिल करने में सफल रहूंगा.’ उन्होंने कहा कि वह उनसे लगाई जा रही उम्मीदों से निपटने के आदी हो चुके हैं. चोपड़ा ने कहा, ‘मैं दबाव झेलने का आदी हो चुका हूं. हालांकि जब मैं हर दो या चार साल में होने वाली प्रतियोगिताओं (जैसे विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक) भाग लेता हूं तो निश्चित तौर पर जिम्मेदारी का बोध रहता है.’

मैं हमेशा अपना 100 फीसदी देता हूं : नीरज चोपड़ा

उन्होंने कहा, ‘लेकिन मैं हमेशा अपना शत-प्रतिशत देता हूं और अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान लगाता हूं. पहले कुछ चीजें मुझ पर हावी हो जाती थी लेकिन धीरे-धीरे मुझे इनकी आदत पड़ गई.’ चोपड़ा ने 30 जून को 87.66 मीटर भाला फेंक कर लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित डायमंड लीग का खिताब जीता था लेकिन वह अभी तक 90 मीटर की दूरी तक नहीं पहुंच पाए हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रतियोगिताओं में भाग लेना और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के सामने शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है. इस साल के शुरू में मैं बहुत अच्छी तरह से तैयार था लेकिन इसके बाद मैं चोटिल हो गया जिसके कारण मुझे कुछ प्रतियोगिताओं से हटना पड़ा.’

करीब एक महीने चोटिल रहे नीरज चोपड़ा

चोटिल होने के कारण एक महीने तक बाहर रहने वाले चोपड़ा ने कहा, ‘इसके बाद मैंने लुसाने डायमंड लीग में वापसी की जहां मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा. इसके बाद से सब कुछ अच्छा हो रहा है तथा मैं अपने प्रदर्शन और अभ्यास से खुश हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार होना है क्योंकि विश्व चैंपियनशिप करीब है और मैं उसमें अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं.’ चोपड़ा ने कहा, ‘मैं अपने दिमाग में किसी खास दूरी या पदक को लक्ष्य लेकर नहीं जा रहा हूं. मैं नहीं चाहता कि जब मैं वहां प्रतिस्पर्धा में भाग लूं तो मेरे दिमाग में चोट का डर या कोई अन्य चीज रहे. मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और अगर ऐसा होता है तो मैं पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ वापस लौटूंगा.’

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