Naxals Surrender News: झारखंड में नक्सली दंपती समेत भाकपा माओवादी के 15 सदस्यों का चाईबासा में सरेंडर

Naxals Surrender News: एंटी नक्सल ऑपरेशन से परेशान भाकपा माओवादी के नक्सली सरेंडर करने लगे हैं. आज 2 महिला, एक नाबालिग समेत 15 नक्सलियों ने सरेंडर किया.

Naxals Surrender News: झारखंड में दशकों तक आतंक मचाने वाले नक्सलियों की कमर धीरे-धीरे टूटती जा रही है. कोल्हान और सारंडा के बीहड़ों में आतंक मचाने वाले भाकपा माओवादी के 15 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है. पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा में गुरुवार (11 अप्रैल) को सभी ने सीआरपीएफ एवं झारखंड पुलिस के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.

Naxals Surrender News: सरेंडर करने वाले नक्सलियों के नाम

  1. प्रधान कोड़ा उर्फ देवेन कोड़ा (45)
  2. चंद्रमोहन उर्फ चंद्रो अंगारिया उर्फ रोशन (29)
  3. पगला गोप उर्फ घासीराम गोप (49)
  4. विजय बोयपाई उर्फ अमन बोयपाई (23)
  5. गंगा राम पुरती उर्फ मोटरा पुरती (19)
  6. बोयो कोड़ा (46)
  7. जोगेन कोड़ा (44)
  8. पेलोंग कोड़ा उर्फ नीशा कोड़ा (19)
  9. सोनू चांपिया (19)
  10. रामजा पुरती उर्फ डुगूद पुरती (49)
  11. नाबालिग
  12. सोहन सिंह हेम्ब्रम उर्फ सीनू (24)
  13. डोरन चांपिया उर्फ गोलमाय (23)
  14. सुशील उर्फ मोगा चांपिया (50)
  15. मनी चांपिया (40)

पुलिस एवं सीआरपीएफ के सामने सरेंडर करेंगे 10-15 नक्सली

सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालने वाले 15 नक्सलियों में 7 की उम्र 30 साल से कम है. एक नाबालिग है और 3 की उम्र महज 19 साल है. एक नक्सली की उम्र 50 साल है. पुलिस एवं सुरक्षा बलों का कहना है कि भाकपा माओवादी संगठन के आंतरिक शोषण, भयादोहन एवं पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश की वजह से कई नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. नक्सलियों ने झारखंड पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के समक्ष सामूहिक रूप से सरेंडर किया.

Naxals Surrender News: कोल्हान के बीहड़ों में थे सक्रिय

ये सभी नक्सली कोल्हान और सारंडा के बीहड़ों में सक्रिय थे. शाम 04.00 बजे पुलिस केंद्र चाईबासा में पुलिस उप-महानिरीक्षक, सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र, पुलिस उप-महानिरीक्षक (अभियान) सीआरपीएफ, पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और कहा कि वे मुख्यधारा में लौटने के लिए सरेंडर कर रहे हैं. पुलिस ने यह भी बताया कि ये सभी नक्सली पश्चिमी सिंहभूम के स्थानीय निवासी हैं.

Also Read : झारखंड के 33 प्रमुख नक्सली पुलिस की रडार पर, जानें किस इलाके में कौन हैं सक्रिय

सरकार की समर्पण नीति का मिलेगा लाभ : एसपी

पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि भाकपा (माओ) संगठन के विरिद्ध संयुक्त बलों के लगातार ऑपरेशन, संगठन के आंतरिक शोषण व प्रत्यर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन लोगों ने सरेंडर किया है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की समर्पण नीति के तहत लाभ मिलेगा.

पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने किया स्वागत

समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए सभी 15 नक्सलियों को सीआरपीएफ के डीआइजी पूर्णचंद और कोल्हान डीआइजी मनोज रतन चौथे, उपायुक्त कुलदीप चौधरी, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार मीणा और जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर स्वागत किया. मौके पर जिला पुलिस व सीआरपीएफ के जवान मौजूद रहे.

2022 से नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बल चला रहे ऑपरेशन

पुलिस के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम जिले में वर्ष 2022 से लगातार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पुलिस ने अब तक 161 नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं वर्ष 2022-23 में 11 नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. पुलिस ने नक्सलियों के 375 विस्फोट, हथियार, कारतूस एवं अन्य दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए हैं.

Also Read : Jharkhand Naxal News: 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर समेत 5 नक्सली आज करेंगे सरेंडर, आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित

एंटी नक्सल ऑपरेशन में ईआरबी मुख्यालय को किया गया ध्वस्त

एंटी नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों (भाकपा माओवादी) के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो (ईआरबी) मुख्यालय के साथ-साथ 8-10 अस्थायी कैंप एवं 15 बंकरों को ध्वस्त किए हैं. वहीं, पश्चिमी सिंहभूम की जनता के मन में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास जगाने के लिए 16 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं.

माओवादी गतिविधियों पर लगेगा अंकुश : पुलिस का दावा

सरेंडर करने वाले ये सभी नक्सली भाकपा माओवादी नक्सली संगठन की केंद्रीय कमेटी के सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के दस्ते के सक्रिय सदस्य हैं. कोल्हान एवं सारंडा के सुदूर जंगलों एवं पहाड़ों की इन्हें अच्छी समझ है. पुलिस का कहना है कि नक्सली संगठन के इन 15 सदस्यों के समर्पण से जिले में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा.

गिरफ्तार नक्सलियों का पूरा विवरण

  1. प्रधान कोड़ा उर्फ देवेन कोड़ा (45), पिता- दुरूवा कोड़ा ग्राम रेंगड़ा टोला गुटुसाई, थाना टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के खिलाफ टोंटो थाना में 8 मुकदमे दर्ज हैं.
  2. चंद्रोमोहन उर्फ चंद्रो अंगारिया उर्फ रोशन (29), पिता- स्व महेश अंगारिया, ग्राम सासांगवाल, थाना-गोईलकेरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के खिलाफ गोईलकेरा थाने में 7 मुकदमे दर्ज हैं.
  3. पगला गोप उर्फ घासीराम गोप (49), पिता- बोनबाई गोप, ग्राम- हुसीपी, थाना-टोंटो, जिला – पश्चिमी सिंहभूम के खिलाफ जिले के टोंटो एवं गोईलकेरा थाने में 5 मुकदमे दर्ज हैं.
  4. विजय बोयपाई उर्फ अमन बोयपाई (23), पिता- सुरेश बोयपाई, ग्राम- बोयपाई सासांगसाल कुइड़ा, टोला- श्रजंगकोचा, थाना- गोईलकेरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो एवं गोईलकेरा थाने में 4 मुकदमे दर्ज हैं.
  5. गंगा राम पुरती उर्फ मोटका पुरती (19), पिता- सिंनू पुरती, ग्राम- तुम्बाहाका, टोला पुरती टोला, थाना- टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो थाने में 3 केस दर्ज हैं.
  6. बोयो कोड़ा (46), पिता- स्व बिरसिंह कोड़ा, ग्राम- रेंगड़ाहातु, थाना-टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो थाने में 2 मुकदमे दर्ज हैं.
  7. जोगेन कोड़ा (44), पिता- गोमेया कोड़ा, ग्राम- रेंगड़ाहातु, थाना- टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के खिलाफ टोंटो थाने में 2 मुकदमे दर्ज हैं.
  8. पेलोंग कोड़ा उर्फ नीशा कोड़ा (19), पिता- सेलाय कोड़ा, पति- सोनू चांपिया, ग्राम- रेंगड़ाहातु, थाना- टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो थाने में 2 केस दर्ज हैं.
  9. सोनू चांपिया (19), पिता- स्व तुरी चांपिया, ग्राम- बाहदा, थाना- छोटा नागरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम का रहने वाला सोनू चांपिया भाकपा माओवादी संगठन के लोकल गुरिल्ला स्क्वायड का सदस्य रहा है.
  10. रामजा पुरती उर्फ डुगूद पुरती (49), पिता- स्व पांडू पुरती, ग्राम- तुंबाहाका, टोला- पुरती टोला, थाना- टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो थाने में 2 मुकदमे दर्ज हैं.
  11. भाकपा माओवादी के एक नाबालिग सदस्य के विरुद्ध टोंटो थाना में यूएपीए, सीएलए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एक मुकदमा दर्ज है.
  12. सोहन सिंह हेम्ब्रम उर्फ सीनू (24), पिता- स्व मोरन सिंह हेम्ब्रम, ग्राम- तुम्बाहाका, टोला- बारूसाई टोला, थाना- टोंटो, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध टोंटो थाना में एक केस दर्ज है.
  13. डोरन चांपिया उर्फ गोलमाय (23), पिता- बुड़े चांपिया, ग्राम- बोयपाई सासांग, थाना- गोईलकेरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम वर्ष 2016-17 से भाकपा माओवादी संगठन का सब जोनल कमेटी सदस्य रहा है.
  14. सुशील उर्फ मोगा चांपिया (50), पिता- टोपो चांपिया, ग्राम- तितलीघाट, थाना-छोटानागरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध नोवामुंडी थाने में एक केस दर्ज है.
  15. मनी चांपिया (40), पति- सुशील उर्फ मोगा चांपिया, ग्राम- तितलीघाट, थाना- छोटानागरा, जिला- पश्चिमी सिंहभूम अपने पति के साथ भाकपा माओवादी के दस्ते की सक्रिय सदस्य थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >