Navratri 2022 7th Day Live Updates: मां कालरात्रि की उपासना से सभी प्रकार की सिद्धि होगी प्राप्त

Navratri Maa Kalratri Puja: अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता. आइए पढ़ते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि और मंत्र के बारे में…

Live Updates
7:36 PM. 2 Oct 22 2:06 PM. 2 Oct

‘दुर्गा सप्तशती’ में कहा गया है-

विद्या: समस्तास्तव देवि भेदा:,

स्त्रिया: समस्ता: सकला जगत्सु।

त्वयैकया पूरितमम्बयैतत्,

का ते स्तुति: स्तव्यपरा परोक्ति:।।

अर्थात- ‘हे देवी! समस्त संसार की सब विद्याएं तुमसे ही निकली हैं. जगत की समस्त स्त्रियां तुम्हारा ही स्वरूप हैं…’ अतः स्त्री का हर रूप में सम्मान करें.

7:36 PM. 2 Oct 22 2:06 PM. 2 Oct

हर रूप में करें स्त्री का सम्मान

एक लड़क�� के जन्म से लेकर एक स्त्री, एक मां बनने तक के सफर में वह अन्य कई रिश्तों से गुजरती है. इनमें से उसके हरेक रूप से उससे जुड़े हर रिश्ते की कुछ उम्मीदें होती हैं, जिन्हें पूरा करने का वह भरसक प्रयास करती है. इसके बदले में वह बस इतनी ही अपेक्षा रखती है कि उसके अस्तित्व की रक्षा हो. उसे भले ‘देवी’ का दर्जा न दें, किंतु उसके अस्तित्व का सम्मान करें.

7:36 PM. 2 Oct 22 2:06 PM. 2 Oct

कालरात्रि को पेठे की दें बलि

देवी कालरात्रि की पूजा-पाठ के दौरान पेठा का भोग लगाना चाहिए. सप्तमी तिथि को देवी कालरात्रि के लिए पेठे की बलि देने से देवी कालरात्रि अति प्रसन्न होती है. मान्यता है कि इससे बल और विजय की प्राप्ति होती. साथ ही आप अगर किसी कानूनी मामलों में फंसे हुए हैं तो उसमें भी विजय प्राप्त होगा.

2:28 PM. 2 Oct 22 8:58 AM. 2 Oct

इस मंत्र का 108 बार करें जाप

मंत्र

ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम: .

ॐ कालरात्र्यै नम:

ॐ फट् शत्रून साघय घातय ॐ

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं दुर्गति नाशिन्यै महामायायै स्वाहा।

2:28 PM. 2 Oct 22 8:58 AM. 2 Oct

सप्तमी नवरात्रि पर कालरात्रि को ऐसे करें खुश

सप्तमी नवरात्रि पर मां को खुश करने के लिए गुड़ या गुड़ से बने व्यंजनों का भोग लगाना शुभ होता है. अगर आपको भी किसी चीज का भय बना रहता है तो आज मां कालरात्रि का ध्यान करके उनके इस मंत्र का जप अवश्य ही करना चाहिए.

2:28 PM. 2 Oct 22 8:58 AM. 2 Oct

मां कालरात्रि का वाहन गधा है

मां दुर्गा के सातवें स्वरूप की अराधना की जाती है. इस दिन साधक का मन सहस्रार चक्र में स्थित होता है. ये दुष्टों का संहार करती हैं. इनका रूप देखने में अत्यंत भयंकर है लेकिन ये अपने भक्तों को हमेशा शुभ फल प्रदान करती हैं, इसलिए इन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है. मां कालरात्रि का वाहन गधा है और इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से ऊपर का दाहिना हाथ वरद मुद्रा में और नीचे का हाथ अभयमुद्रा में रहता है. जबकि बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड़ग है.

मुख्य बातें

Navratri Maa Kalratri Puja: अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता. आइए पढ़ते हैं मां कालरात्रि की पूजा विधि और मंत्र के बारे में…

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लेखक के बारे में

Published by: Anita tanvi

Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.
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