Navratri 2022, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: आज नवरात्रि का पांचवां दिन, करें मां स्कंदमाता की पूजा

Navratri 2022 5th Day, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: नवरात्रि के पांचवे दिन कल स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.माना जाता है कि स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ संतान प्राप्ति होती है.

Live Updates
4:14 PM. 30 Sept 22 10:44 AM. 30 Sept

मां स्कंदमाता की पूजन

मां स्कंदमाता की पूजन का ललिल मुहूर्त 30 सितम्बर 2022 को सुबह 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 10 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा.

3:51 PM. 30 Sept 22 10:21 AM. 30 Sept

पौराणिक मान्यताएँ

मान्यताओं के अनुसार तारकासुर नामक एक राक्षस था जो ब्रह्मदेव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप करता था. एक दिन भगवान उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर उसके सामने प्रकट हो गए. तब उसने उसने अजर-अमर होने का वरदान माँगा. ब्रह्मा जी ने उसे समझाया की इस धरती पर जिसने भी जन्म लिया है उसे मरना ही है. फिर उसने सोचा कि शिव जी तपस्वी हैं, इसलिए वे कभी विवाह नहीं करेंगे. अतः यह सोचकर उसने भगवान से वरदान माँगा कि वह शिव के पुत्र द्वारा ही मारा जाए. ब्रह्मा जी उसकी बात से सहमत हो गए और तथास्तु कहकर चले गए. उसके बाद उसने पूरी दुनिया में तबाही मचाना शुरू कर दिया और लोगों को मारने लगा.

उसके अत्याचार से तंग होकर देवतागण शिव जी के पास पहुँचे और विवाह करने का अनुरोध किया. तब उन्होंने देवी पार्वती से विवाह किया और कार्तिकेय के पिता बनें. जब भगवान कार्तिकेय बड़े हुए, तब उन्होंने तारकासुर दानव का वध किया और लोगों को बचाया.

3:51 PM. 30 Sept 22 10:21 AM. 30 Sept

नवरात्र में स्कंदमाता की पूजा विधि

नवरात्र के पांचवें दिन देवी स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए केले का भोग लगाएं. केले का भोग लगाकर जरूरतमंत को दें. साथ ही नवरात्र के पांचवें दिन ब्रह्माणों को केला दान करने बुद्धि और बल में वृद्धि होती है.

3:51 PM. 30 Sept 22 10:21 AM. 30 Sept

मां स्कंदमाता को प्रिय हैं ये चीजें

मां की उपासना से परम शांति और सुख का अनुभव होता है. मां स्कंदमाता को श्वेत रंग प्रिय है. मां की उपासना में श्वेत रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें. मां की पूजा के समय पीले रंग के वस्त्र धारण करें.

3:51 PM. 30 Sept 22 10:21 AM. 30 Sept

मां स्कंदमाता की पूजा विधि

आज प्रातः स्नान के बाद मां स्कंदमाता को स्मरण करके उनकी मूर्ति या तस्वीर पर लाल फूल, अक्षत्, सिंदूर, धूप, दीप, गंध आदि अर्पित करें. इस दौरान मां स्कंदमाता के मंत्र का उच्चारण शुद्धता से करें. फिर उनको केले या बताशे का भोग लगाएं. उसके बाद दुर्गा चालीसा पाठ और मां स्कंदमाता की महिमा का बखान करें. उनकी घी के दीपक से आरती उतारें.

जो लोग संतान की प्राप्ति से मां स्कंदमाता की पूजा कर रहे हैं, उनको माता से अपनी मनोकामना व्यक्त करते हुए उनका भजन कीर्तन करना चाहिए, ताकि उनके आशीर्वाद से आपके घर में खुशियां आएं.

2:34 PM. 30 Sept 22 9:04 AM. 30 Sept

मां स्कंदमाता की पूजा का महत्व

1. मां स्कंदमाता की पूजा करने से दुख दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है.

2. जो लोग संतानहीन हैं, उनको मां स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए और उनसे पुत्र प्राप्ति का आशीष मांगना चाहिए.

3. मां स्कंदमाता की पूजा करने से कार्यों में सफलता भी प्राप्त होती है. यदि शत्रुओं पर विजय की कामना से यह व्रत या पूजन कर रहे हैं तो आपको सफलता मिलेगी.

4. मां स्कंदमाता की पूजा करने से मोक्ष मिलता है. जो व्यक्ति जीवन और मरण के चक्र से बाहर निकलना चाहता है, उसे भी मां स्कंदमाता की आराधना करनी चाहिए.

5. परिवार में खुशहाली के लिए भी मां स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए.

मुख्य बातें

Navratri 2022 5th Day, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: नवरात्रि के पांचवे दिन कल स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.माना जाता है कि स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ संतान प्राप्ति होती है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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