मुख्य बातें
Navratri 2022 5th Day, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: नवरात्रि के पांचवे दिन कल स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.माना जाता है कि स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ संतान प्राप्ति होती है.
Navratri 2022 5th Day, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: नवरात्रि के पांचवे दिन कल स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.माना जाता है कि स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ संतान प्राप्ति होती है.

Navratri 2022, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: आज नवरात्रि का पांचवां दिन, करें मां स्कंदमाता की पूजा
मां स्कंदमाता की पूजन का ललिल मुहूर्त 30 सितम्बर 2022 को सुबह 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर रात 10 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा.
मान्यताओं के अनुसार तारकासुर नामक एक राक्षस था जो ब्रह्मदेव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप करता था. एक दिन भगवान उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर उसके सामने प्रकट हो गए. तब उसने उसने अजर-अमर होने का वरदान माँगा. ब्रह्मा जी ने उसे समझाया की इस धरती पर जिसने भी जन्म लिया है उसे मरना ही है. फिर उसने सोचा कि शिव जी तपस्वी हैं, इसलिए वे कभी विवाह नहीं करेंगे. अतः यह सोचकर उसने भगवान से वरदान माँगा कि वह शिव के पुत्र द्वारा ही मारा जाए. ब्रह्मा जी उसकी बात से सहमत हो गए और तथास्तु कहकर चले गए. उसके बाद उसने पूरी दुनिया में तबाही मचाना शुरू कर दिया और लोगों को मारने लगा.
उसके अत्याचार से तंग होकर देवतागण शिव जी के पास पहुँचे और विवाह करने का अनुरोध किया. तब उन्होंने देवी पार्वती से विवाह किया और कार्तिकेय के पिता बनें. जब भगवान कार्तिकेय बड़े हुए, तब उन्होंने तारकासुर दानव का वध किया और लोगों को बचाया.
नवरात्र के पांचवें दिन देवी स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए केले का भोग लगाएं. केले का भोग लगाकर जरूरतमंत को दें. साथ ही नवरात्र के पांचवें दिन ब्रह्माणों को केला दान करने बुद्धि और बल में वृद्धि होती है.
मां की उपासना से परम शांति और सुख का अनुभव होता है. मां स्कंदमाता को श्वेत रंग प्रिय है. मां की उपासना में श्वेत रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें. मां की पूजा के समय पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
आज प्रातः स्नान के बाद मां स्कंदमाता को स्मरण करके उनकी मूर्ति या तस्वीर पर लाल फूल, अक्षत्, सिंदूर, धूप, दीप, गंध आदि अर्पित करें. इस दौरान मां स्कंदमाता के मंत्र का उच्चारण शुद्धता से करें. फिर उनको केले या बताशे का भोग लगाएं. उसके बाद दुर्गा चालीसा पाठ और मां स्कंदमाता की महिमा का बखान करें. उनकी घी के दीपक से आरती उतारें.
जो लोग संतान की प्राप्ति से मां स्कंदमाता की पूजा कर रहे हैं, उनको माता से अपनी मनोकामना व्यक्त करते हुए उनका भजन कीर्तन करना चाहिए, ताकि उनके आशीर्वाद से आपके घर में खुशियां आएं.
1. मां स्कंदमाता की पूजा करने से दुख दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है.
2. जो लोग संतानहीन हैं, उनको मां स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए और उनसे पुत्र प्राप्ति का आशीष मांगना चाहिए.
3. मां स्कंदमाता की पूजा करने से कार्यों में सफलता भी प्राप्त होती है. यदि शत्रुओं पर विजय की कामना से यह व्रत या पूजन कर रहे हैं तो आपको सफलता मिलेगी.
4. मां स्कंदमाता की पूजा करने से मोक्ष मिलता है. जो व्यक्ति जीवन और मरण के चक्र से बाहर निकलना चाहता है, उसे भी मां स्कंदमाता की आराधना करनी चाहिए.
5. परिवार में खुशहाली के लिए भी मां स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए.
Navratri 2022 5th Day, Skandamata Devi Puja LIVE Updates: नवरात्रि के पांचवे दिन कल स्कंदमाता की पूजा की जाएगी.माना जाता है कि स्कंदमाता की विधिवत पूजा करने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ संतान प्राप्ति होती है.