Narayana Murthy ने एक दिन में 2.5 लाख रुपये कमाने के अपने डीपफेक वायरल वीडियो पर तोड़ी चुप्पी, जानें

narayana murthy deepfake viral video tempts to earn rs 2.5 lakh daily - इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने उन्हें लेकर वायरल किये जा रहे वीडियो को फेक बताया है. इसे लेकर उन्होंने चिंता जतायी है और लोगों को अलर्ट किया है.

Narayan Murthy On Deepfake Video : इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं. इसमें एक कथित निवेश प्लैटफॉर्म क्वांटम एआई को बढ़ावा देते हुए वह दावा कर रहे हैं कि इस नयी तकनीक की मदद से यूजर एक दिन में तीन हजार डॉलर यानी लभग ढाई लाख रुपये कमा सकेंगे.

क्या है वीडियो में?

वीडियो में नारायण मूर्ति को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि वह और अरबपति एलन मस्क साथ में क्वांटम एआई परियोजना पर काम कर रहे हैं. वहीं, इस वीडियो पर नारायण मूर्ति की प्रतिक्रिया सामने आयी है. इसमें उन्होंने वायरल वीडियो को फेक बताया है. इसे लेकर उन्होंने चिंता जतायी है और लोगों को अलर्ट किया है.

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नारायण मूर्ति ने जतायी चिंता

इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने बृहस्पतिवार को उन फेक न्यूज को लेकर चिंता जतायी, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने स्वचालित ट्रेडिंग अनुप्रयोगों का समर्थन किया है. उन्होंने साथ ही आम लोगों को ऐसे धोखाधड़ी वाले दावों में न फंसने की चेतावनी दी है.

डीपफेक तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल

एन आर नारायण मूर्ति ने फर्जी साक्षात्कारों की भी आलोचना की, जिनमें उनकी डीपफेक तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल किया गया था. मूर्ति ने एक्स पर कई पोस्ट कर जनता का ध्यान दुर्भावनापूर्ण साइटों और उनके नाम का गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से बेचे जा रहे उत्पादों या सेवाओं के प्रति दिलाया. उन्होंने लोगों से ऐसे किसी भी मामले की शिकायत संबंधित नियामकीय अधिकारियों को करने का आग्रह किया.

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फेक न्यूज फैलायी गई

मूर्ति ने कहा, हाल के महीनों में, सोशल मीडिया ऐप और इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न वेबपेज के माध्यम से कई फेक न्यूज फैलायी गई हैं. इनमें दावा किया गया है कि मैंने स्वचालित ट्रेडिंग ऐप का समर्थन किया है या उनमें निवेश किया है. इन ऐप के नाम बीटीसी एआई इवेक्स, ब्रिटिश बिटकॉइन प्रॉफिट, बिट लाइट सिंक, इमीडियेट मोमेंटम, कैपिटलिक्स वेंचर्स आदि हैं.

फेक है वायरल वीडियो

ये भ्रामक विज्ञापन धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों पर दिखाई देते हैं, जिन्हें लोकप्रिय समाचार पत्रों की वेबसाइटों से मिलते जुलते लेआउट में तैयार किया गया है. इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने उन्हें लेकर वायरल किये जा रहे वीडियो को फेक बताया है. इसे लेकर उन्होंने चिंता जतायी है और लोगों को अलर्ट किया है.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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