20 दिन-43 रीटेक्स...110 डांस मूव्स ट्राई करने के बाद बना ब्लॉकबस्टर सॉन्ग 'नाटु-नाटु',जानें इसके पीछे की कहानी

गोल्डन ग्लोब्स इस साल एक बार फिर अपनी पुरानी चमक-दमक के साथ लौटा, जहां भारत की ओर से एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर के फेमस गाने नाटु-नाटु ने अवॉर्ड जीतकर इंडियन सिनेमा में एक सुनहरा पंख जोड़ दिया. अब हम आपको इस गाने के पीछे की कहानी बताएंगे.

Naato Naato Song: गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स 2023 में ‘आरआरआर’ फिल्म के फेमस सॉन्ग नाटू-नाटू ने इंडियन सिनेमा में एक सुनहरा पंख जोड़ दिया है. जी हां इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स 2023 में बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग का पुरस्कार जीता है. यह टीम के लिए ऐतिहासिक जीत है. इस गाने को साउथ स्टार जूनियर एनटीआर और राम चरण ने काफी एनर्जी के साथ परफॉर्म किया है. आज हम गाने के पीछे की स्टोरी आपको बताएंगे.

अवॉर्ड पाकर काफी खुश हूं

गोल्डन अवॉर्ड्स में आरआरआर की टीम स्टाइलिश अंदाज में रेड कार्पेट पर पहुंची. निर्देशक एसएस राजामौली, अभिनेता जूनियर एनटीआर और राम चरण ने अवॉर्ड लिया और सभी को धन्यवाद दिया. अब ‘नाटु-नाटु’ के कोरियोग्राफर प्रेम रक्षित ने आजतक से बात करते हुए कहा कि इस अवॉर्ड के मिलने से काफी खुश हूं, कबी सोचा नहीं था, ऐसा भी होगा. मैं बस भगवान का शुक्रियादा कर सकता हूं, कि हमलोग की मेहनत रंग लाई. आज मेरा कॉन्फिडेंस कई गुना बढ़ गया है.


2 महीने में हुआ गाना कोरियोग्राफ

प्रेम रक्षित ने आगे कहा, साउथ के दो बड़े सुपरस्टार जूनियर एनटीआर और राम चरण के साथ काम करना काफी अच्छा था. दोनों साथ थे, तो मैंने सोचा कि इनसे कुछ अलग स्टेप्स करवाया जाए. नाटु-नाटु को कोरियोग्राफ करने में करीब दो महीने का समय लग गया. मैंने स्टार्स के लिए 110 मूव्स तैयार किए थे. दोनों की एनर्जी मैच होनी बहुत जरूरी थी, इसके लिए हमने दिन-रात मेहनत की और रिहर्सल रखा.


43 रीटेक्स के बाद हुआ गाने का शूट

गाने की रीटेक को लेकर बात करते हुए प्रेम ने कहा कि इस ब्लॉकबस्टर गाने को शूट करने में 20 दिन लग गए और इसमें 43 रीटेक्स आया, तब जाकर परफेक्शन मिली. गाने की शूटिंग यूक्रेन में हुई थी. जूनियर एनटीआर, राम चरण और अन्य शूटिंग के लिए दो सप्ताह तक कीव में रहे थे. विजय टेलीविजन को दिये एक इंटरव्यू के दौरान, जूनियर एनटीआर ने शिकायत की कि उन्हें और राम चरण को कई दिनों तक गाने के हुक स्टेप की प्रैक्टिस करनी पड़ी थी. दोनों की खूब पसीना बहाया था. अरविंद समेथा ने मजाक में कहा कि गाने की शूटिंग के दौरान राजामौली ने दोनों को खूब टॉर्चर किया किया था.

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Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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