कुछ सीखने का है मूड... तो OTT पर अभी देख डाले सच्ची घटनाओं पर बेस्ड ये 10 वेब सीरीज, मिलेगा जबरदस्त ट्विस्ट

Real Life Web Series: वेब सीरीज देखना सभी को पसंद है. ऐसे में क्या आप जानते हो, कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई ऐसी सीरीज मौजूद है, जो सच्ची घटनाओं पर आधारित है. इसे देखने से आपको एंटरटेनमेंट के साथ-साथ बड़ी सीख भी मिलेगी.

Real Life Web Series: पहले के जमाने में हम देखते थे कि दर्शक अपने एंटरटेनमेंट के लिए सिनेमाघरों में जाकर फिल्में देखते थे. कई लोग तो पैसों की वजह से अपना मन मारकर रह जाते थे. हालांकि जब से ओटीटी प्लेटफॉर्म की एंट्री हुई, तबसे एंटरटेनमेंट की दुनिया में धूम मच गया है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग तरह की फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही है, जो हर टाइप के लोगों के लिए है. जिस किसी को रोमाटिंक सीरीज पसंद हैं, उनके लिए कई ऑप्शन है, जिसे थ्रिलर, हॉरर और कॉमेडी पसंद है, उनके लिए भी कई सारी सीरीज रहती हैं. हालांकि अब तो कई डायरेक्टर्स सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में और वेब सीरीज लेकर भी आये हैं. जो हमे वास्तविक जीवन और अपराध की कहानियों को जानने में मदद करता है. ये देखकर हमारा एंटरटेनमेंट तो होता ही है, लेकिन जो तथ्य हम नहीं जानते हैं, उसके बारे में जानकारी भी मिलती है.

ये हैं रियल लाइफ बेस्ट वेब सीरीज

वास्तविक जीवन की कहानियां रोमांचकारी हैं! दिल दहला देने वाले नाटकों से लेकर दिल दहला देने वाले एक्शन तक, रियल लाइफ की घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. ये मनोरंजक सीरीज प्रेरणादायक नेताओं, गुमनाम नायकों के जीवन और वास्तविक जीवन की अपराध कहानियों की झलक पेश करती है. ढेर सारे ओटीटी प्लेटफॉर्म उपलब्ध होने के साथ, हम आपके लिए सच्ची घटनाओं पर आधारित सर्वश्रेष्ठ हिंदी वेब सीरीज़ लेकर आए हैं, जो आपको भावनाओं के एक रोमांचक रोलर कोस्टर पर ले जाएंगी, जिससे आप अपनी सीट से खड़े हो जाएंगे.

1. स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी (Scam 1992: The Harshad Mehta Story)

यह फाइनेंशियल ड्रामा 80 और 90 के दशक में स्टॉकब्रोकर हर्षद मेहता के वास्तविक जीवन के इर्द-गिर्द घूमता है. यह शो आपको एक स्टॉकब्रोकर की यात्रा पर ले जाता है, जो डाउनफॉल से पहले बेजोड़ ऊंचाइयों तक पहुंचा. थ्रिलर वेब ड्रामा देबाशीष बसु और सुचेता दलाल की किताब ‘द स्कैम: हू वोन, हू लॉस्ट, हू गॉट अवे’ पर आधारित है. यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक की कहानी बताता है. मेहता को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और 2001 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई.

2. दिल्ली क्राइम – सीज़न 1 (Delhi Crime – Season 1)

नेटफ्लिक्स का यह क्राइम ड्रामा 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले की वास्तविक घटना पर आधारित है, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था. इस वेब सीरीज में शेफाली शाह, रसिका दुग्गल और आदिल हुसैन मुख्य भूमिका में हैं. यह सीरीज 2012 के दिल्ली सामूहिक बलात्कार के बाद के परिणामों पर प्रकाश डालती है. यह पुलिस उपायुक्त वर्तिका चतुर्वेदी (शेफाली शाह) का अनुसरण करती है क्योंकि वह जटिल मामले को सुलझाती है और शहर की कानून और व्यवस्था की स्थिति से प्रभावित अपने निजी जीवन को संतुलित करती है. इस सीरीज़ को 48वें एमी अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ ड्रामा सीरीज़ का पुरस्कार मिला. इस वेब सीरीज को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.

3. जामताड़ा- सबका नंबर आएगा (Jamtara – Sabka Number Ayega)

जामताड़ा वास्तव में भारत के झारखंड का एक जिला है. यह भारत में इंटरनेट घोटालों और फ़िशिंग घोटालों का केंद्र है. जामताड़ा बैंकों और बीमा धोखाधड़ी का उद्गम स्थल है, जिसका हम जैसे लोगों को नियमित आधार पर सामना करना पड़ता है. भारत में हर साल फर्जी बैंक और बीमा कंपनियों के एजेंट लाखों लोगों को चूना लगाते हैं. नेटफ्लिक्स की क्राइम ड्रामा सीरीज़ जामताड़ा इन्हीं मामलों पर आधारित है. यह शो फ़िशिंग संगठन चलाने वाले युवाओं के एक समूह की अविश्वसनीय सच्ची कहानी का खुलासा करता है. इस धमाकेदार वेब सीरीज को नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं और मजा ले सकते हैं. इससे आपका ज्ञान भी बढेगा.

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4. रंगबाज (Rangbaaz)

रंगबाज़ एक क्राइम ड्रामा है, जो प्रकाश शुक्ला (सीरीज में शिव प्रकाश शुक्ला) की सच्ची कहानी पर आधारित है, जो एक कुख्यात गैंगस्टर और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का मोस्ट वांटेड अपराधी था. सीरीज में डीडीयू के एक छात्र से लेकर भारत में दूसरा सबसे वांछित अपराधी बनने तक की उसकी यात्रा को दिखाया गया है. पहला सीज़न जहां श्रीप्रकाश शुक्ला की सच्ची कहानी पर आधारित था, वहीं दूसरा और तीसरा सीज़न क्रमशः आनंदपाल सिंह और मोहम्मद शहाबुद्दीन के जीवन पर आधारित था. इसे आप जी5 पर देख सकते हैं.

5. मुंबई डायरीज (Mumbai Diaries)

मुंबई डायरीज 26/11 भारत के सबसे काले अध्यायों में से एक का रोमांचक और भावनात्मक चित्रण है. 2008 के मुंबई हमलों के दौरान सेट, यह 26 नवंबर, 2008 की भयानक रात के दौरान बॉम्बे जनरल अस्पताल के कर्मचारियों और उनके मजदूरों का वर्णन करता है. यह ताज महल पैलेस होटल में होने वाली घटनाओं को भी दिखाता है, और एक पत्रकार इन सभी घटनाओं की रिपोर्ट करने की कोशिश करता है. मुंबई डायरीज़ अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. 26/11 – एक ऐसी तारीख जो हर मुंबई नागरिक की याद में अंकित है, उस दिन के रूप में जब शहर की ताज पर सीमा पार से भयानक हमला हुआ था और एक पत्रकार के रूप में, जिसने 26/11 के आतंकी हमलों को तीनों दिनों तक बिना रुके कवर किया, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि वास्तविक आतंक की उन ठंडी रातों में जो हुआ, वह रील पर किसी भी चित्रण की तुलना में कहीं अधिक भयावह और नाटकीय था और मुंबई डायरीज कोई अपवाद नहीं है. निर्देशक निखिल आडवाणी और निखिल गोंसाल्वेस कहानी के सबसे प्रभावशाली दृश्य के साथ शुरुआत करते हैं. वह है मुंबई पुलिस की चलती जीप से मेट्रो सिनेमा सिग्नल पर पत्रकारों पर गोलियों की बौछार करने वाले आतंकवादी. जैसे-जैसे शो आगे बढ़ता है, वास्तविक घटना के ऐसे कई दृश्य फिर से बनाए जाते हैं और लेखक (यश छेतिजा, निखिल गोंसाल्वेस और अनुष्का मेहरोत्रा) अपनी आंशिक रूप से काल्पनिक पटकथा में बहुत कुछ जोड़ते हैं.

6. भौकाल (Bhaukaal)

एमएक्स ओरिजिनल सीरीज भौकाल आईपीएस अधिकारी नवनीत सेकेरा की सच्ची घटनाओं से प्रेरित है, जिन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में उत्तर प्रदेश से संगठित अपराध को खत्म करने का कठिन काम संभाला था. मोहित रैना ने एक सख्त और निडर पुलिसकर्मी नवीन सिखेरा की मुख्य भूमिका निभाई है, जिसे एसएसपी के रूप में मुजफ्फरनगर ट्रांसफर कर दिया गया है. लेकिन यह कोई आसान उपलब्धि नहीं है क्योंकि शहर पर दो शक्तिशाली गिरोहों का नियंत्रण है – शौकीन गिरोह और डेढ़ा बंधु. भौकाल एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीमिंग कर रहा है.

7. काफिर (Kaafir)

कहानी कैनाज अख्तर नाम की एक पाकिस्तानी महिला की है, जो नियंत्रण रेखा (एलओसी) के भारतीय हिस्से में पहुंच जाती है और उसे आतंकवादी होने के संदेह में जेल में डाल दिया जाता है. कैनाज़ और उनकी बेटी को एक भारतीय पत्रकार द्वारा मदद की जाती है, जिसका लक्ष्य सात साल की कैद के दौरान एक बच्चे को जन्म देने के बाद उन्हें न्याय दिलाना है. यह शेहनाज परवीन की सच्ची कहानी पर आधारित है. काफिर ज़ी5 पर स्ट्रीमिंग कर रहा है.

https://www.youtube.com/watch?v=gwwttJihCu4

8. फैसला: राज्य बनाम नानावटी (The Verdict: State Vs Nanavati)

1959 के कुख्यात केएम नानावटी बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले पर आधारित, यह कोर्ट रूम ड्रामा एक हत्या के मामले के इर्द-गिर्द घूमता है, जहां एक सम्मानित नौसेना अधिकारी ने अपनी पत्नी के साथ विवाहेतर संबंध के बारे में जानने के बाद एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, द वर्डिक्ट: स्टेट वर्सेस नानावटी एएलटी बालाजी पर स्ट्रीमिंग हो रही है.

9. रॉकेट बॉयज (Rocket Boys)

बायोपिक ड्रामा दो महान परमाणु वैज्ञानिकों, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. होमी जे. भाभा की अविश्वसनीय कहानियों पर प्रकाश डालता है, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद के व्यवधान के बीच भारत के भविष्य को आकार देते हुए इतिहास रचा. यह नाटक भारत के इतिहास के तीन प्रमुख दशकों (1940-1960) और एक शक्तिशाली, बहादुर और स्वतंत्र देश बनने की दिशा में इसकी प्रगति पर केंद्रित था. रॉकेट बॉयज़ सोनी लिव पर स्ट्रीमिंग कर रहा है.

10. द फॉरगॉटेन आर्मी – आज़ादी के लिए (The Forgotten Army – Azaadi Ke Liye)

यह शो सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्रीय सेना (आईएनए) के सैनिकों के बारे में सच्ची घटनाओं पर आधारित है. यह उन भारतीय सैनिकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन से भारतीय स्वतंत्रता हासिल करने के लिए ‘चलो दिल्ली’ के नारे के साथ राजधानी की ओर मार्च किया था. राजवीर चौहान, सनी कौशल और शारवरी वाघ अभिनीत, यह वेब श्रृंखला दो अलग-अलग अवधियों पर आधारित है – 1942 से 1945 तक और जब 1996 में INA का गठन हुआ था. शो इन दो समयसीमाओं के बीच एक तोप के गोले की सूक्ष्मता के साथ आगे और पीछे कूदता है – 1943 में एक ट्रेन पर एक दृश्य 1996 में एक समान दृश्य द्वारा प्रतिबिंबित होता है. जब कोई पात्र 40 के दशक में एक निश्चित देश में जाता है, तो वह ‘वर्तमान’ समयरेखा में फिर से उन्हीं देशों का दौरा करना सुनिश्चित करता है. 20-25 मिनट लंबे एपिसोड, इन लोगों के व्यक्तिगत संघर्षों को बेचने के लिए बहुत छोटे हैं, खासकर सुरिंदर, जिनका भारतीय राष्ट्रीय सेना में एक सैनिक के रूप में अतीत कई वर्षों बाद भी उन्हें परेशान करता है.

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Author: Ashish Lata

आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं, इनके पास पत्रकारिता एवं डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर एवं एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर काम करती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म आशीष लता की सबसे पसंदीदा बीट्स में से एक है. फिल्मों, टीवी शोज, ओटीटी कंटेंट और सेलिब्रिटी वर्ल्ड की हर छोटी-बड़ी अपडेट पर उनकी खास नजर रहती है. उन्होंने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS (Behind The Scenes) अपडेट्स, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल, वायरल मोमेंट्स, वेब सीरीज रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स और एक्सक्लूसिव एंटरटेनमेंट स्टोरीज पर लगातार काम किया है. ट्रेंडिंग टॉपिक्स को ऑडियंस की पसंद के साथ जोड़कर पेश करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, इनसाइट्स और एंटरटेनमेंट का ऐसा बैलेंस देखने को मिलता है, जो पाठकों को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अंत तक जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित करता है. बदलते डिजिटल ट्रेंड्स, ऑडियंस बिहेवियर और सर्च पैटर्न को समझते हुए वह ऐसा कंटेंट तैयार करती हैं, जो न सिर्फ जानकारीपूर्ण और भरोसेमंद हो, बल्कि पाठकों के लिए आसान, एंगेजिंग और पढ़ने लायक भी हो. SEO और रीडर-फर्स्ट अप्रोच के साथ उनका फोकस हमेशा उन खबरों पर रहता है जो लोगों के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं. अपने पत्रकारिता सफर में आशीष लता ने सिर्फ एंटरटेनमेंट ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया और अलग-अलग राज्यों से जुड़ी बड़ी खबरों को भी करीब से कवर किया है. पत्रकारिता की शुरुआत आशीष लता ने प्लस न्यूज से की, जहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स तैयार कीं. फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के इंटरव्यू भी किए. ग्राउंड जर्नलिज्म का यह अनुभव आज भी उनके कंटेंट को गहराई, विश्वसनीयता और तथ्यपरक दृष्टिकोण प्रदान करता है. इसके बाद उन्होंने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया. आशीष लता की पत्रकारिता की नींव मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड और ऑन-ग्राउंड अनुभव पर आधारित है. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. अकादमिक सीख और न्यूजरूम के वास्तविक अनुभव का यही मेल उन्हें खबरों को गहराई से समझने और आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करता है. फैक्ट-आधारित रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws+1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है, जिसके कारण उनका कंटेंट विश्वसनीय, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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