Makar Sankranti: गंगासागर में जनसैलाब, 65 लाख श्रद्धालुओं ने किया पुण्य स्नान

Makar Sankranti|गंगासागर में 65 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान करके लौट चुके हैं. राज्य के बिजली व युवा मामलों के मंत्री अरूप विश्वास ने गंगासागर मेला कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी.

गंगासागर में पवित्र स्नान शुरू हो गया है. सागर में डुबकी लगाने के लिए देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना स्थित सागरद्वीप पहुंचे हैं.

रविवार दोपहर 12 बजे तक गंगासागर में 65 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान करके लौट चुके हैं. राज्य के बिजली व युवा मामलों के मंत्री अरूप विश्वास ने रविवार को गंगासागर मेला कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी.

मंत्री ने बताया कि गंगासागर मेले में पवित्र स्नान का पुण्यकाल रविवार रात 12:13 बजे से सोमवार रात 12:13 बजे तक रहेगा. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 20 लाख श्रद्धालुओं ने गंगासागर में आस्था की डुबकी लगायी है.

शनिवार दोपहर 12 बजे तक कुल 45 लाख श्रद्धालु सागर में स्नान कर चुके थे. श्री विश्वास ने बताया कि गंगासागर मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए 1150 सीसीटीवी, 22 ड्रोन और 10 सैटेलाइट फोन लगाए गए हैं.

उन्होंने बताया कि गंगासागर मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. इमरजेंसी के लिए अस्पताल है, तो हेलिकॉप्टर भी तैयार हैं.

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मंत्री ने बताया कि कोलकाता के बाबूघाट से सागर मेला परिसर तक के मार्ग पर कुल 17 बफर जोन बनाये गये हैं.

इन बफर जोन में जेटी घाटों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यकता के अनुसार बसों को निश्चित स्थानों पर रोक कर रखा जा रहा है.

मंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस दौरान तीर्थयात्रियों के विश्राम के लिए प्रत्येक बफर जोन में जरूरी व्यवस्था की गयी है.

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हृषिकेश पंजिका के अनुसार, मकर संक्रांति पर ‘पुण्य स्नान’ का शुभ मुहूर्त रविवार देर रात 12:13 बजे शुरू होकर और अगले 24 घंटों तक रहेगा. अधिकांश श्रद्धालु इसी काल में पुण्य स्नान करेंगे.

संवदादाता सम्मेलन में राज्य के कृषि और संसदीय कार्य मंत्री शोभन देव चट्टोपाध्याय, सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, पीडब्ल्यूडी मंत्री पुलक राय, परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती, सिचाईं एवं जलमार्ग मंत्री मंत्री पार्थ भौमिक, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस, सूचना और संस्कृति विभाग के राज्य मंत्री इंद्रनील सेन मौजूद रहे.

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By Mithilesh Jha

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