खास बातें
Bengal Polls 2026: बंगाल चुनाव 2026 के रण में अब भाषाई समीकरणों ने जोर पकड़ लिया है. राज्य की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इसका फैसला इस बार बंगाल के करीब 1.40 करोड़ हिंदी भाषी मतदाता करने वाले हैं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राज्य की लगभग 50 से 55 विधानसभा सीटों पर हिंदी भाषी वोटर्स की भूमिका निर्णायक है.
भाजपा-टीएमसी दोनों ने लगाया एड़ी-चोटी का जोर
यही वजह है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने इन मतदाताओं को रिझाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. हिंदी बेल्ट के इन वोटों को साधने के लिए दोनों ही दलों ने भारी संख्या में हिंदी भाषी चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है.
कहां और कितनी है हिंदी भाषियों की ताकत?
पश्चिम बंगाल की कुल 10.5 करोड़ की आबादी में हिंदी भाषियों की हिस्सेदारी लगभग 1.40 करोड़ है. ये मतदाता मुख्य रूप से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में केंद्रित हैं.
- प्रमुख क्षेत्र : कोलकाता का बड़ाबाजार (Burrabazar), बेहाला, दमदम और हावड़ा.
- औद्योगिक बेल्ट : आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, खड़गपुर, सिलीगुड़ी, मालदा और हुगली.
- 24 परगना : उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के शहरी इलाकों में भी हिंदी भाषियों की घनी आबादी है.
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ममता का ‘हिंदी कार्ड’ बनाम भाजपा का ‘बिजनेस क्लास’
हिंदी भाषियों को अपने पाले में लाने के लिए दोनों दलों की रणनीतियां अलग-अलग हैं. आईए, जानते हैं.
- TMC की रणनीति : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी अकादमी की स्थापना की और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर 2 दिन की सरकारी छुट्टी का ऐलान कर अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है.
- BJP की रणनीति : भाजपा ने स्थानीय व्यापारियों और हिंदी भाषी समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ सीधा संपर्क साधा है. भाजपा का दावा है कि हिंदी भाषी जनता उनके ‘पक्के’ वोटर हैं.
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मैदान में हिंदी भाषी चेहरे, दांव पर दिग्गजों की साख
दोनों ही पार्टियों ने कई कद्दावर हिंदी भाषी उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है.
- भाजपा के बड़े चेहरे : नोआपाड़ा से अर्जुन सिंह, भाटपाड़ा से पवन सिंह, चौरंगी से संतोष पाठक, कोलकाता पोर्ट से राकेश सिंह, उत्तर हावड़ा से उमेश राय और पांडवेश्वर से जितेंद्र तिवारी जैसे नेता मैदान में हैं.
- TMC के प्रमुख सिपाही : बाली से कैलाश मिश्रा, जामुड़िया से हरेराम सिंह, बाराबनी से विधान उपाध्याय और जोरासांकू से विजय उपाध्याय टीएमसी की नैया पार लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
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Bengal Polls 2026: 50 सीटों पर कांटे का मुकाबला
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदीभाषी 50 सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प होगा. भाजपा को उम्मीद है कि भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण हिंदी भाषी उनके पक्ष में एकजुट होंगे, तो टीएमसी को अपने कल्याणकारी कार्यों और ‘हिंदी अकादमी’ जैसे कदमों पर भरोसा है. 23 और 29 अप्रैल को होने वाला मतदान और 4 मई का परिणाम तय करेगा कि ‘हिंदी भाषी’ दिल किसके लिए धड़कता है.
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