मुख्य बातें
Abhishek Banerjee: कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के लालबाग सिंघी हाइस्कूल मैदान, पूर्व बर्दवान के जमालपुर व हुगली के पांडुआ में पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी रैलियों को संबोधित किया. साथ ही फरक्का में आयोजित रोड शो में भी शिरकत की. इस दौरान उन्होंने सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को भी आड़े हाथ लिया. मुर्शिदाबाद में आयोजित चुनावी रैली में अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल के अलावा किसी भी पार्टी को वोट देना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट देने के बराबर है. मुर्शिदाबाद, ऐतिहासिक रूप से कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है.
कांग्रेस कभी जनता के लिए हमारे साथ खड़ी नहीं हुई
अभिषेक बनर्जी यहीं नहीं रुके. उन्होंने दावा किया कि भाजपा जहां कांग्रेस को तोड़ रही है, वहीं, तृणमूल जमीनी स्तर पर भाजपा के प्रभाव को कम कर रही है. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पिछले दो वर्षों में कांग्रेस का कोई भी सांसद या प्रतिनिधि जनता की मांगों को पूरा करने के लिए उनके साथ खड़ा नहीं हुआ. उन्होंने कहा – कांग्रेस, आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर और केंद्रीय एजेंसियां, भाजपा की ‘तीन एजेंसियां’ हैं, जो इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. जहां गरीब और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के प्रयास किये जा रहे हैं. वहीं, विपक्षी दल ‘समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़’ कर रहे हैं.
आपको बांटने की कोशिश कर रही है भाजपा
अभिषेक बनर्जी ने कहा- मैं हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों से आग्रह करता हूं कि वे गुमराह न हों. जो लोग आपको बांटने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें मतदान के दिन मुंहतोड़ जवाब देना होगा. अगर आप भाजपा को हराना चाहते हैं, तो एकमात्र तरीका तृणमूल का समर्थन करने में है. तृणमूल नेता ने भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा संसद में महिलाओं को आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने में विफल रहने को लेकर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन प्रक्रिया को ‘हमारे देश को विभाजित करने’ के उद्देश्य से लागू कर रही है. उन्होंने कहा- हम संविधान में किसी भी प्रकार का जबरदस्ती परिवर्तन नहीं होने देंगे.
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बंगाल में एनआरसी की अनुमति नहीं
असम में एनआरसी प्रक्रिया के जरिये लाखों अल्पसंख्यकों के साथ-साथ हिंदुओं को भी हिरासत केंद्रों में भेजे जाने का दावा करते हुए, अभिषेक बनर्जी ने कहा- हमने 2020 में कहा था कि बंगाल में एनआरसी की अनुमति नहीं दी जायेगी, और हम उस पर कायम हैं. जब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां हैं, लोगों को कतार में खड़े होकर अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जायेगा. इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने गंगा कटाव के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि फरक्का और शमशेरगंज में गंगा कटाव से लोगों को भारी नुकसान हो रहा है. लेकिन केंद्र ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
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