"मैं उनकी खाल उतारकर ढोल बनाऊँगा", TMC उम्मीदवार हुमायूं कबीर की विपक्ष को चेतावनी

Humayun Kabir: हुमायूं कबीर ने पश्चिम मिदनापुर के देबरा से तृणमूल टिकट पर एकुशे विधानसभा चुनाव जीता था. इस बार उन्हें सत्ताधारी पार्टी ने डोमकल से मैदान में उतारा है. चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष को चेतावनी देने वाली उनकी टिप्पणी से हंगामा मचा हुआ है.

Humayun Kabir: डोमकल: डोमकल से तृणमूल उम्मीदवार हुमायूं कबीर पर चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष को धमकाने का आरोप लगा है. उन्होंने तृणमूल की एक सभा में विपक्षी कार्यकर्ताओं के बारे में विवादित टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “मैं उन्हें पीटूँगा, मैं ढोल बनाऊँगा और उनकी खाल उतारकर उसे बजाऊँगा.” उनकी टिप्पणी के बाद, वहां मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया. हालांकि, हुमायूं कबीर की टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है. सीपीएम उम्मीदवार मुस्तफिजुर रहमान ने इस टिप्पणी पर उन पर कटाक्ष किया. सीपीएम उम्मीदवार ने हुमायूं कबीर पर तृणमूल संस्कृति का पालन करने का आरोप लगाया.

सार्वजनिक रूप से दी धमकी

डोमकल आयोजित एक सभा में तृणमूल उम्मीदवार हुमायूं कबीर ने कहा- अगर विपक्ष कुछ कहता है या हमारे कार्यकर्ताओं को पीटता है, तो आप उन्हें नहीं पीटेंगे. मुझे फोन करें या व्हाट्सएप पर संदेश भेजें. मैं जाकर उन्हें इतना पीटूँगा कि उनकी पीठ की खाल उतर जाएगी. मैं उसका ढोल बनाऊँगा और उनके घर के सामने बजाऊँगा. तृणूल उम्मीदवार हुमायूं कबीर ने डोमकल टाउन एंड ब्लॉक यूथ कांग्रेस द्वारा बुलाई गई चुनावी सभा में यह विवादास्पद टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा- मैं उन्हें ऐसा सबक सिखाऊंगा कि वे सोचेंगे कि वे जाल में फंस गए हैं. राजनीतिक गलियारों में इस बात पर नजर टिकी है कि क्या चुनाव आयोग हुमायूं कबीर की टिप्पणियों पर कोई कार्रवाई करेगा.

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सीपीएम ने की कड़ी आपत्ति

हुमायूं कबीर की इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि एक उम्मीदवार होने के नाते वे विपक्षी खेमे के कार्यकर्ताओं के बारे में ऐसी टिप्पणी कैसे कर सकते हैं. हुमायूं की टिप्पणियों की निंदा करते हुए, डोमकल से सीपीएम उम्मीदवार मुस्तफिजुर रहमान ने कहा- तृणमूल के उम्मीदवार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तृणमूल का संचालन घटिया हरकतों के बिना नहीं हो सकता. डोमकल के लोगों को देखना चाहिए कि उन्होंने छात्रों और युवाओं को क्या संदेश दिया है. ऐसा लगता है कि वह डरे हुए हैं. दो-चार दिन बीतने दीजिए, उनका डर और बढ़ जाएगा. कुछ और दिन बीतने दीजिए, वे और भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करेंगे. हो सकता है कि वे चुनाव से भाग भी जाएं.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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