West Bengal : महुआ मोइत्रा ने कहा, कैश फॉर क्वेरी मामले में एथिक्स कमेटी उन पर पेश होने के लिए बना रही है दबाव

महुआ मोइत्रा ने कहा एथिक्स पैनल इस तरह की कथित आपराधिकता की जांच करने के लिए एक सही मंच नहीं है, क्योंकि ऐसे मामले समिति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते है.पैनल पर 'दोहरे मानदंड' रखने का आरोप लगाया है.

पश्चिम बंगाल की तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) कैश फॉर क्वेरी मामले में गुरुवार को लोकसभा की एथिक्स कमेटी के सामने पेश होंगी. इससे पहले उन्होंने कमेटी से सामने एक खास मांग भी रख दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह की मांग की है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में जरूरत है कि हीरानंदानी से भी पूछताछ की जानी चाहिए. महुआ मोइत्रा ने एथिक्ट कमेटी को एक पत्र भी लिखा है. इसमें उन्होंने यह भी दावा किया कि संसदीय समितियों को आपराधिक मामलों में जांच का कोई अधिकार नहीं है.

महुआ मोइत्रा ने पत्र में लगाया आरोप

महुआ मोइत्रा ने इस पत्र में आरोप लगाया कि लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने मामले में सुनवाई की तारीख बढ़ाने के उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया और उन पर पेश होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है.उन्होंने हीरानंदानी से भी पूछताछ करने की मांग रखी है.

संसदीय पैनल पर ‘दोहरे मानदंड’ रखने का लगाया आरोप

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा बसपा सांसद दानिश अली पर असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल के संबंध में एक अलग मामले का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि उस मामले में बसपा सांसद के विपरीत भाजपा सांसद के लिए ‘एक अलग दृष्टिकोण’ अपनाया गया था और पैनल पर ‘दोहरे मानदंड’ रखने का आरोप लगाया है.

Also Read: डॉ निशिकांत दुबे का ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोईत्रा पर डबल अटैक, कहा- दुबई दीदी क्या है मामला

व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने पहले समिति को दिए गये एक हलफनामे में कहा था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले में महुआ को उपहार दिए थे. महुआ मोइत्रा लगातार इन आरोपों को खारिज करती नजर आ रही है. व्यवसायी ने कहा था कि टीएमसी नेता ने प्रधानमंत्री को ‘बदनाम और शर्मिंदा’ करने के लिए गौतम अडानी को निशाना बनाया. उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्होंने मोइत्रा को जानकारी दी थी जिसके आधार पर उन्होंने संसद में अडानी समूह पर हमला किया था.

Also Read: ‘मैं अकेले मामले से निपटने में सक्षम’, जानें ममता बनर्जी की खामोशी पर क्या बोलीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा टीएमसी सांसद ने कहा सबूतों का है अभाव

हीरानंदानी को ‘रिश्वत देने वाला’ कहते हुए, टीएमसी सांसद ने कहा कि उनके आरोपों में बहुत कम विवरण हैं और सबूतों का अभाव है. उन्होंने बिजनेसमैन के साथ-साथ उन संबंधित विभागों को भी जिरह करने की मांग की है जिनसे पैनल ने मामले पर रिपोर्ट मांगी थी. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एथिक्स पैनल इस तरह की कथित आपराधिकता की जांच करने के लिए एक सही मंच नहीं है क्योंकि ऐसे मामले समिति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते है.

Also Read: Apple पर आया अलर्ट, केन्द्र सरकार मेरा फोन, ईमेल हैक करने की कर रही है कोशिश : महुआ मोइत्रा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >