गोरखनाथ मंदिर परिसर से बाहर अब नहीं सुनायी देगी भजन की गूंज, CM योगी के निर्देश के बाद लिया गया फैसला

गोरखनाथ मंदिर सहित उससे जुड़े सभी मंदिरों में लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है. मंदिरों में भजन की गूंज अब परिसर से बाहर नहीं जा रही है. उससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण के मानक स्तर से कम कर दिया गया है.

Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद ध्वनि के मानक स्तर पर धार्मिक स्थलों पर भजन सुबह शाम बजने लगे हैं. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया था कि धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की आवाज उतनी ही आनी चाहिए, जिससे किसी को असुविधा ना हो. प्रदेश भर में यह निर्देश जारी करने के साथ ही उन्होंने इसे बतौर गोरक्ष पीठाधीश्वर पीठ और उससे जुड़े मंदिरों में भी लागू करा दिया है.

गोरखनाथ मंदिर सहित उससे जुड़े सभी मंदिरों में लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है. मंदिरों में भजन की गूंज अब परिसर से बाहर नहीं जा रही है. उससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण के मानक स्तर से कम कर दिया गया है. मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, भजन बजाने वालों को सख्त निर्देश दे दिया गया है कि वह मानक के आधार पर ही लाउड स्पीकर की आवाज रखें.

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मंदिरों के माहौल में भक्ति भाव खोलने के लिए भजनों की गूंज ध्वनि प्रदूषण के मानक से काफी अधिक रहती थी, लेकिन गुरुवार को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आवाज को कम रखने का निर्देश धार्मिक स्थलों के लिए जारी किया तो उसके बाद गोरक्षपीठ पर भी सख्ती से लागू करके अन्य के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया गया. मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, अब भजनों की गूंज मंदिर परिसर से बाहर नहीं जाएगी. उसे ध्वनि प्रदूषण के सामान्य स्तर 45 डेसीबल के आस पास ही रखा जाएगा.

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बता दें, गोरखनाथ मंदिर और जिले में इससे जुड़े मंदिर जैसे मानसरोवर मंदिर, मंगला माता मंदिर, राम जानकी मंदिर, सोनबरसा मंदिर में प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे से 7:30 बजे तक यानी 3 घंटे तक और शाम को 5:00 से 7:30 यानी ढाई घंटे तक लाउडस्पीकर से भजन बजाया जाता है.

रिपोर्ट- कुमार प्रदीप

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