Katihar: जिन्ना के डीएनए वाले लोग चाहते हैं शरिया कानून : गिरिराज, कहा- देश तोड़नेवाली हरकत बरदाश्त नहीं

Katihar: भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर कटिहार पहुंचने पर कहा कि जिन्ना के डीएनए वाले लोग शरिया कानून चाहते हैं. उन्होंने कहा कि देश तोड़नेवाली हरकत बरदाश्त नहीं की जायेगी.

Katihar: भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर सोमवार की शाम कटिहार पहुंचे. कटिहार जिला अतिथि गृह में प्रेस वार्ता कर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित शोभायात्रा पर पथराव और कातिलाना हमला, यह साबित करता है कि देश को अस्थिर करना और अपनी ताकत को दिखाना ही उनकी मंशा है.

ओवैसी टाइप लोग पैदा करना चाहते हैं आपस में विभेद

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद ओवैसी टाइप के लोग, जो कहते हैं, उस गली में क्यों गये, क्या उन्होंने देश को बांट दिया है कि यह हिंदू की गली है, वह मुसलमान की गली है. यह मानसिकता बता करके वह आपस में विभेद करना चाहते हैं. ऐसे लोग कान खोल कर सुन लें, भारत में रामनवमी जुलूस, हनुमान जयंती नहीं मनेगा, इन अवसरों पर शोभायात्रा नहीं निकलेगी, तो क्या यह बांग्लादेश, अफगानिस्तान, पाकिस्तान या अन्य देशों में होगा.

कुछ लोग लाना चाहते हैं भारत में शरिया कानून

गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं देश के तमाम ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि आज तक तो कभी ताजिया के जुलूस पर लाठी या भाला या पत्थरों से हमला नहीं हुआ है, कोई बता दे. कुछ लोग भारत में शरिया कानून लाना चाहते हैं, यह वही लोग हैं, जो कभी हिजाब के नाम पर कभी सीएए कानून के विरोध के नाम पर यह देश को तबाह और बरबाद करना चाहते हैं. ये लोग जिन्ना के डीएनए वाले हैं.

कोई ना ले हमारी सहिष्णुता की परीक्षा 

उन्होंने कहा कि चाहे ओवेसी हो, चाहे जो भी हो, यह देश में नहीं चलनेवाले हैं. भारत में हमारी जो सहिष्णुता है, टॉलरेंस है. उसकी परीक्षा कोई ना ले. अब परीक्षा लेने का समय बीत रहा है. आजादी के बाद पाकिस्तान में जो हमारी मंदिरें थीं. वह तो टूट गयी. मारी बेटियां मंडप पर से उठ गयीं. लेकिन, भारत के अंदर आप तीन करोड़ थे, 30 करोड़ हो गये हैं.

भारत में धार्मिक स्वतंत्रता

गिरिराज सिंह ने कहा कि हमने गले लगाया है, फिर भी हमने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की. हमारी मंदिरें टूट गयीं. हमारी आबादी गिर गयी. आज अगर भारत के अंदर देश तोड़नेवाली हरकत होती है, तो यह बरदाश्त नहीं किया जायेगा. भारत के अंदर धार्मिक स्वतंत्रता है. हम अपने देवी-देवताओं की पूजा करते रहेंगे, जिस पर ना रोक लगा है, ना लगने देंगे.

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