इरफान खान संग इस वजह से करण जौहर ने नहीं की कोई भी फिल्म, बोले- मैं उनके चमचमाते करियर में धब्बा...

फिल्मकार करण जौहर ने खुलासा किया कि उन्होंने कभी दिवंगत अभिनेता इरफान खान संग फिल्म क्यों नहीं बनाई. निर्माता ने कहा, वह कभी किसी ऐसी पटकथा, किसी फिल्म या किसी ऐसे विचार तक नहीं पहुंच पाए जो इरफान खान की शख्सियत के साथ न्याय कर पाए.

फिल्मकार करण जौहर ने अपने निर्देशन की शुरुआत रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा कुछ कुछ होता है से की, फिल्म को दर्शकों ने काफी ज्यादा प्यार दिया. जिसके बाद उन्होंने कभी खुशी कभी गम, माई नेम इज खान, राज़ी, शेरशाह जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाई. अब उन्होंने एक इंटरव्यू ने कहा कि वह दिवंगत अभिनेता इरफान खान के करियर में कोई ‘धब्बा’ नहीं बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उनके साथ कभी कोई फिल्म नहीं की.

इरफान खान संग इस वजह से करण जौहर ने नहीं की कोई फिल्म

पत्रकार एवं लेखिका शुभ्रा गुप्ता को उनकी किताब ‘इरफान: लाइफ इन मूवीज’ के सिलसिले में दिए साक्षात्कार में करण जौहर ने कहा कि इरफान का कद उन सभी प्रस्तावों से बढ़कर था, जो वह उन्हें दे सकते थे. उन्होंने कहा कि वह कभी किसी ऐसी पटकथा, किसी फिल्म या किसी ऐसे विचार तक नहीं पहुंच पाए जो इरफान खान की शख्सियत के साथ न्याय कर पाए. किताब में करण जौहर के हवाले से कहा गया, ”यही कारण है कि मैंने कभी इरफान के साथ कोई फिल्म नहीं बनाई, क्योंकि मैं ऐसा फिल्मकार नहीं बनना चाहता था, जो उन्हें मामूली फिल्म दे. मैं उनके बेहतरीन करियर में कोई धब्बा नहीं बनना चाहता था.”

इरफान खान के बारे में

करण जौहर ने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘माय नेम इज़ खान’ और ‘ए दिल है मुश्किल’ जैसी कई हिट फिल्मों का निर्देशन किया है. करण जौहर ने कहा कि हालांकि, अभिनेता के निधन के बाद उन्हें पांच ऐसी कहानियां मिलीं, जिसके साथ इरफान खान ही न्याय कर सकते थे और वह इस बात से बेहद निराश थे कि ये कहानियां उनके जाने के बाद उन्हें मिलीं. इरफान खान का अप्रैल 2020 में कैंसर के कारण निधन हो गया था. बता दें कि करण जौहर ने शाहरुख खान के लिए दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995), दिल तो पागल है (1997), डुप्लीकेट (1998), मोहब्बतें (2000), मैं हूं ना (2004), वीर- जैसी कई फिल्मों में कॉस्ट्यूम डिजाइनर के रूप में काम किया है. (भाषा इनपुट के साथ)

Also Read: Sonali Seygall Wedding: कौन हैं आशीष सजनानी, जिनके संग प्यार का पंचनामा फेम सोनाली सहगल ने रचाई शादी, PHOTOS

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >