Kaali Poster Row: लीना मणिमेकलाई को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक

Kaali Poster Row: काली पोस्ट विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई को राहत देते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा. इधर लीना की ओर से पेश वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का इरादा किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने का नहीं था.

Kaali Poster Row: सुप्रीम कोर्ट ने आज फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई को देवी काली से जुड़े उनकी फिल्म के विवादित पोस्टर को लेकर विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया. इस फिल्म के पोस्टर में देवी काली को कथित तौर पर सिगरेट पीते दिखाया गया था.प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने लीना की याचिका पर केंद्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों को नोटिस जारी किया.

लीना मणिमेकलाई को सुप्रीम कोर्ट से राहत

पीठ ने पाया कि लीना के खिलाफ एक लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. पीठ ने कहा, ”याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों के संबंध में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. इस स्तर पर, यह ध्यान दिया जा सकता है कि कई प्राथमिकी दर्ज करना गंभीर पूर्वाग्रह का कारण हो सकता है. हम नोटिस जारी करने के इच्छुक हैं, ताकि कानून के अनुसार सभी प्राथमिकी को एक जगह समेकित किया जा सके.”

लीना ने खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

लीना की ओर से पेश वकील कामिनी जायसवाल ने अदालत से कहा कि याचिकाकर्ता का इरादा किसी की धार्मिक भावनाएं आहत करने का नहीं था. लीना की ओर से दायर याचिका में पोस्टर को लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को आपस में जोड़ने और रद्द करने का अनुरोध किया गया है.

Also Read: Pathaan फिल्म देखने के लिए फैंस हुए ओवर एक्साइटेड, फर्स्ट डे फर्स्ट शो को लेकर बुक किया पूरा थिएटर
क्या है पूरा मामला

फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई ने जुलाई 2022 में माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट, ट्विटर पर ‘काली’ का पोस्टर साझा किया और कहा कि यह डोक्यूमेंट्री टोरंटो में आगा खान म्यूजियम में ‘रिदम्स ऑफ कनाडा’ खंड का हिस्सा था. इस पोस्ट का पूरे देश में जमकर विरोध हुआ. लीना ने एक बार कहा था कि उनका उदेश्य किसी भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है. वह समावेशी देवी की छवि को दिखाना चाहती थी. लीना ने यह भी कहा था कि इस पोस्ट के बाद से मुझे जाने से मारने और सिर कलम करने की धमकी मिली थी. (भाषा इनपुट के साथ)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >