जोशीमठ में असुरक्षित भवनों को गिराने का काम शुरू, ठंड के कारण शिविरों में रह रहे लोगों की बढ़ी परेशानी

Joshimath Sinking: जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना के कारण असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम शनिवार को मौसम में सुधार के साथ शुरू हो गया.

Joshimath Crisis: उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन धंसने की घटना के कारण असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम शनिवार को मौसम में सुधार के साथ शुरू हो गया. दरअसल, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को हुई बर्फबारी और बारिश के कारण ठंड बढ़ गयी है. इस कारण अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे जोशीमठ के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

269 परिवारों को अस्थायी राहत केंद्रों में किया गया स्थानांतरित

इससे पहले, चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने कहा था कि जोशीमठ में असुरक्षित होटलों और घरों को खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, जोशीमठ में भूमि धंसने के बाद 849 घरों में दरारें आ गई हैं और 269 परिवारों को अस्थायी राहत केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है.

बंगले को ध्वस्त करने में ड्रिलिंग मशीन और बुलडोजर लगाए गए

वहीं, शनिवार सुबह मौसम साफ होने के साथ ही होटलों मलारी इन और माउंट व्यू तथा पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण बंगले को ध्वस्त करने में ड्रिलिंग मशीन और बुलडोजर लगा दिये गये. यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि जोशीमठ में प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शीर्ष प्राथमिकताओं में है.

ठंड से बचाव के लिए अस्थाई राहत केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम

बयान में कहा गया है कि प्रभावित लोगों को ठंड से बचाने के लिए अस्थाई राहत केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. विज्ञप्ति के अनुसार, 76 परिवारों को हीटर और ब्लोअर, 110 लोगों को गरम पोशाकें, 175 को गर्म पानी की बोतलें, 516 को ऊनी टोपी, 280 को गर्म मोजे और 196 लोगों को शॉल की आपूर्ति की गई है. बताया गया कि 771 लोगों को खाद्यान्न, 601 को कंबल और 114 को दैनिक इस्तेमाल की चीजों की आपूर्ति की गई है.

सरकार को इन कठिनाइयों का करना पड़ रहा सामना

बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों तथा अंतरराष्ट्रीय स्कीइंग के लिए मशहूर औली के लिए प्रवेश द्वार कहलाने वाला जोशीमठ इमारतों, सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं में दिखाई देने वाली दरारों के कारण संकट में दिखाई दे रहा है. भीषण सर्दी में प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने को लेकर राज्य सरकार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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लेखक के बारे में

By Samir Kumar

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