रात भर चली मुठभेड़, गोलियों की आवाज सुन ग्रामीणों ने समझा- गांव में आ गए हाथी

झारखंड के गढ़वा जिले में जेजेएमपी उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ में रंका के थाना प्रभारी घायल हो गए. लेकिन, ग्रामीणों ने गोलीबारी की आवाज सुनी, तो उन्हें ऐसा लगा कि गांव में हाथी आ गए हैं. उसे भगाने के लिए पटाखे फोड़े जा रहे हैं. लेकिन, सुबह जब मुठभेड़ की जानकारी मिली, तो दहशत फैल गया.

गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के कुदरुम गांव के ढेंगुरा जंगल में उग्रवादियों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़ रात भर चलती रही. रात भर दोनों ओर से फायरिंग होती रही. गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों को लगा कि जंगल में हाथी आ गए हैं. हाथियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़े जा रहे हैं. तड़के जब लोग उठे, तो उन्हें मालूम हुआ कि झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई है. इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. सूत्रों ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी के एरिया कमांडर टुनेश उरांव का दस्ता ढेंगुरा जंगल में सक्रिय है. उग्रवादियों को पकड़ने के लिए गढ़वा जिले के तीन थाना की पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसी दौरान जंगल में पुलिस और जेजेएमपी के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई. दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई. इसमें कम से कम दो नक्सलियों के घायल होने की खबर है. वहीं, रंका के थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा भी मुठभेड़ में घायल हो गए. उन्हें तत्काल रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया. रांची में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेडिका अस्पताल में जाकर उनका हाल-चाल जाना. झारखंड के एडीजी (ऑपरेशन) संजय आनंद लाटकर और रांची के सिटी एसपी राज कुमार मेहता ने मेडिका हॉस्पिटल में जाकर उनका हालचाल जाना.

देर रात रंका पहुंचे एसपी दीपक कुमार पांडेय

इससे पहले, देर रात में ही गढ़वा के एसपी दीपक कुमार पांडेय डीएसपी संतोष कुमार के साथ रंका पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली. रंका के थाना प्रभारी कुशवाहा की स्थिति खतरे से बाहर है. ऐसा लगता है कि उनके बाएं हाथ में चोट लगी है. बता दें कि रंका के कुदरुम गांव के ढिंगरा टोला से करीब 300 मीटर की दूरी पर जंगल में मुठभेड़ हुई. सोमवार सुबह से जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी है. सर्च ऑपरेशन में रंका, चिनिया और रमकंडा की पुलिस के अलावा जगुआर के जवानों को भी लगाया गया है.

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By Mithilesh Jha

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