झारसुगुड़ा : दो साल में सड़क दुर्घटनाओं में 244 लोगों की हो चुकी है मौत, फिर भी सेफ्टी पर ध्यान नहीं

वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में अधिक सड़क दुर्घटनाओं में अधिक लोगों की मौत हुई है. जहां वर्ष 2021 के मार्च महीने में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई.

झारसुगुड़ा जिले में सड़क दुर्घटना रुकने का नाम नहीं ले रही है. गत 2021 में जहां कुल 244 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं. वहीं, वर्ष 2022 में 508 दुर्घटनाएं हुई हैं. झारसुगुड़ा आरटीओ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में जनवरी से लेकर दिसंबर के बीच कुल 244 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं. इनमें 111 सड़क दुघर्टनाओं में 120 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, वर्ष 2022 में जनवरी से दिसंबर के बीच 508 दुर्घटनाएं हुई थीं. इसमें 109 दुर्घटनाओं में 124 लोगों की जान जा चुकी है.

यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन बना कारण

वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में अधिक सड़क दुर्घटनाओं में अधिक लोगों की मौत हुई है. जहां वर्ष 2021 के मार्च महीने में सबसे अधिक 18 लोगों की मौत हुई. वहीं, वर्ष 2022 के सितंबर महीने में सबसे अधिक 23 लोगों की मौत हुई थी. जिले में लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं की संख्या व इसमें मरने वालों की संख्या की संख्या बढ़ने का कारण यातायात नियमों का खुलेआम उल्लंघन, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना व बिना हेल्मेट के बाइक चलाना है.

वहीं, दूसरी ओर बिना फिटनेस व तकनीकी खामी वाली वाहनों का सड़क पर चलना भी दुर्घटना का कारण होने की बात विभाग द्वारा कही जा रही है. सबसे बड़ी बात जो सामने आयी है वह है तेज गति से वाहन चलना व सड़कों का सही नहीं होना है.

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बढ़तीं सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय

  • 2021 में 111 दुर्घटनाओं में 120 लाेगों की हुई मौत, 2022 में 109 दुर्घटना में 124 लोगों ने गंवायी जान

  • फिटनेस व तकनीकी खामी वाले वाहनों का सड़क पर चलना भी दुर्घटना का कारण

  • विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाने के बावजूद दुर्घटनाओं में नहीं आ रही कमी

  • दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़कों की मरम्मत जरूरी

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