PHOTOS: धनबाद में रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों को मिली राहत, तो शहरवासियों को आफत

झारखंड में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है. बारिश के कारण धनबाद में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. जगह-जगह पेड़ व डालियों के गिरने और जल जमाव से लोगों को काफी परेशानी है.

धनबाद शहर में मंगलवार की शाम से रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल गये हैं, तो शहर के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. उमस व गर्मी से राहत के बीच जगह-जगह पेड़ व डालियों के गिरने और जल जमाव से लोगों को काफी परेशानी है. बाजार व कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति पर भी असर दिखा. दरअसल बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण सावन की पहली जबरदस्त बारिश जारी है. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रही, तो वर्षा भी 27 एमएम रिकॉर्ड की गयी.

इन जगहों पर बिजली तार पर गिरी पेड़ की डाल : गोल बिल्डिंग, बलियापुर रोड, हीरक, सरायढेला, धैया, बरमसिया, भूदा, दामोदरपुर, सुगियाडीह, कुसुम विहार, लिपिडीह, कोलाकुसमा समेत 40 से ज्यादा जगहों पर बिजली के तार पर पेड़ की डाल टूट कर गिर गये. देर शाम तक डालों को हटाने का काम जारी था. तेज आंधी में बलियापुर रोड के विभिन्न इलाकों में सबसे ज्यादा क्षति हुई है.

मौसम विभाग के विशेषज्ञ अभिषेक आनंद की माने तो लगातार होने वाली हल्की बारिश ग्राउंड वाटर के लिए बहुत फायदेमंद होती है. बारिश का पानी जमीन में अच्छी तरह से समा पाता है. इससे ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है. शहर के कई तालाबों में पानी भर गया है. जिले में सबसे अधिक बारिश गोविंदपुर प्रखंड में दर्ज की गयी है. गोविंदपुर में 46.2, बलियापुर में 38.6, एग्यारकुंड में 34.2, निरसा में 28.6, केलियासोल में 26.6, धनबाद में 26.4, टुंडी में 20.8, तोपचांची में 12, बाघमारा में नौ एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई.

जेबीवीएनएल के कार्यपालक अभियंता शिवेंद्र कुमार ने बताया कि तेज आंधी व बारिश की वजह से पांडरपाला व हीरापुर बटखरा ऑफिस के समीप विशाल पेड़ टूट कर गिर गये. इस वजह से पास से गुजर रहे बिजली के तारों व खंभों को नुकसान पहुंचा है. नगर निगम के सहयोग से टूटे पेड़ को हटाया गया. इसके बाद क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति शुरू की गयी. पांडारपाला पॉलिटेक्निक मार्ग में स्थित काली मंदिर के समीप करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा.

विभिन्न जगहों पर ट्रांसमिशन लाइन की खराबी व लोकल फॉल्ट दूर कर विभिन्न इलाकों में बुधवार देर रात तक बिजली शुरू की गयी. बारिश के साथ तेज हवाओं में शहरी क्षेत्र में 40 से ज्यादा जगहों पर बिजली के तार पर पेड़ के डाल टूट कर गिरने के कारण निर्बाध बिजली आपूर्ति में परेशानी हुई. बारिश का असर रहा कि स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम रही. बहुत जरूरी काम रहने पर ही लोग घर से निकले. बाजार में भी लोगों की भीड़ कम थी. गुरुवार से बादलों के छंटने का दौर शुरू होगा. ऐसे में कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना बन रहेगी है.

बारिश के कारण शहर के रानीबांध के समीप सड़क पर पानी भर गया है. रास्ते को पार करने के लिए लोगों को पानी में उतरना पड़ा. व्यवस्था को लेकर लोग नाराजगी जाहिर करते दिखे. सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो व फोटो को शेयर किया जा रहा था. इसके अलावा धैया में बारिश का पानी आस-पास की दुकानों में घुस गया. इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा.

किसानों में खेती होने की, तो आम लोगों में इस बात की खुशी है कि इलाके में भू-गर्भीय जल स्तर में वृद्धि होगी. हालांकि शहरी क्षेत्र में जल जमाव और बिजली संकट से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मंगलवार की रात से कटी बिजली बुधवार की रात तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पायी थी. तेज हवा के कारण बिजली के तारों पर पेड़ व डाल के टूटकर गिरने के साथ-साथ बिजली के उपकरणों में आयी खराबी के कारण शहर में बिजली संकट रहा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Nutan kumari

Digital and Broadcast Journalist. Having more than 4 years of experience in the field of media industry. Specialist in Hindi Content Writing & Editing.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >