PHOTO: ऐसा है झारखंड हाईकोर्ट का नया भवन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी उद्घाटन

झारखंड हाईकोर्ट के नये भवन का उद्घाटन करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रांची पहुंच चुकीं हैं. आज शाम को एक भव्य समारोह में इस भव्य भवन का उद्घाटन किया जायेगा. कई मायने में झारखंड हाईकोर्ट का नया भवन खास है. देखें इसकी तस्वीरें और जानें इसकी खूबियों के बारे में.

झारखंड के लिए 24 मई का दिन बहुत बड़ा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रांची में झारखंड हाईकोर्ट की नयी ग्रीन बिल्डिंग का उद्घाटन करने के लिए पहुंच चुकीं हैं. यह हाईकोर्ट कई मायने में खास है. क्षेत्रफल के मामले में यह देश का सबसे बड़ा न्यायालय है. सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा है इसका कैंपस.

165 एकड़ में फैले झारखंड हाईकोर्ट की यह नयी बिल्डिंग 68 एकड़ में बनी है. इसमें पार्किंग, कोर्ट रूम, एडवोकेट हॉल, रजिस्ट्री बिल्डिंग और दूसरे कक्ष बने हैं. इस बिल्डिंग में 23 ग्रांड एयर कंडिशनर लगे हैं.

विशाल झारखंड हाईकोर्ट भवन में 2000 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा है. कैंपस में 4,500 पौधे लगाये गये हैं, ताकि कोर्ट परिसर पूरी तरह से हरा-भरा दिखे. 2000 केवीए के सोलर पावर प्लांट से यह ग्रीन कैंपस रौशन होगा. हाईकोर्ट परिसर में पोस्ट ऑफिस, डिस्पेंसरी, रेलवे बुकिंग काउंटर भी हैं. 3 ब्लॉक में दो ब्लॉक न्यायिक काम के लिए हैं. सेकंड फ्लोर पर 12 कोर्ट हैं.

इस शानदार भवन के निर्माण पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इस बिल्डिंग में 550 CCTV लगे हैं. 1200 वकीलों के बैठने की जगह है. 540 चैंबर अलग से बने हैं. एडवोकेट जनरल के बैठने की भी व्यवस्था की गयी है. 30 हजार वर्ग फुट में लाइब्रेरी बनी है, जिसमें कानून से जुड़ी 5 लाख किताबें हैं. 70 पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक बना है. 95 सरकारी वकीलों के चैंबर हैं. 30 लोगों के बैठने के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल का भी निर्माण किया गया है.

झारखंड हाईकोर्ट के इस भवन को वर्ष 2017 में ही बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन कुछ दिक्कतों की वजह से इसके निर्माण में देरी हुई. इस जगह पर हाईकोर्ट भवन का निर्माण वर्ष 2015 में शुरू हुआ था. 8 साल बाद यह भव्य भवन बनकर तैयार हुआ और अब उसका उद्घाटन हो रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >