कोलकाता/नयी दिल्ली : कांग्रेस आलाकमान ने अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वाम दलों के साथ गठबंधन करने के प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ट्वीट करके यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आलाकमान ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में वाम दलों के साथ गठबंधन को आज औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान की.’ कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रभारी जितिन प्रसाद ने कहा, ‘इस चुनाव में कांग्रेस इस गठबंधन में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी. यह चुनाव पश्चिम बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और संस्कार को बचाने का है जिन पर चोट करने की कोशिश की जा रही है.’
श्री प्रसाद ने हाल ही में पश्चिम बंगाल का दौरा किया था और वहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं की राय लेकर नेतृत्व को इससे अवगत कराया था. इसके बाद नेतृत्व ने गठबंधन करने को हरी झंडी दी है. वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में भी वाम दल और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़े थे. हालांकि, ये दोनों केरल में एक-दूसरे मुख्य विरोधी हैं.
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पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव की सरगर्मी अभी से तेज हो गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और उसे चुनौती देने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच लगातार तीखी नोंक-झोंक हो रही है. भाजपा के केंद्रीय नेता लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं और इसकी वजह से सत्तारूढ़ तृणमूल एवं उसकी नेता ममता बनर्जी टेंशन में हैं.
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उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटें हैं. वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने कुल 211 सीटें जीतीं थीं, जबकि कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी. माकपा को 26, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, आरएसपी को 3-3, फॉरवर्ड ब्लॉक को 2, भाकपा और निर्दलीय को 1-1 सीट पर जीत मिली थी.
Posted By : Mithilesh Jha
