IRCTC Rajasthan Tour Package: राजस्थान घूमनें का बना रहे हैं प्लान, तो काफी कम खर्च में इस पैकेज का उठाएं लाभ

IRCTC Rajasthan Tour Package: अगर आप उदयपुर, कुंभलगढ़ और माउंट आबू घूमने का प्लान कर रहे हैं तो जल्द से जल्द इस टूर पैकेज को बुक करें. आप बहुत ही कम बजट में ले सकते हैं यहां घूमने का मजा. आइए जानते हैं इस टूर पैकेज के बारे में क्या मिलेगी सुविधा

IRCTC Rajasthan Tour Package: राजस्थान अपनी संस्कृति के लिए देश और विदेश में बेहद फेमस है. हर साल लाखों की संख्या में सैलानी यहां घूमने को आते हैं. ऐसे में आईआरसीटीसी राजस्थान के लिए एक स्पेशल टूर पैकेज लेकर आया है. रेलवे में अपने ट्वीट में बताया कि ये समय राजस्थान को एक्सप्लोर करने का है. अगर आप उदयपुर, कुंभलगढ़ और माउंट आबू घूमने का प्लान कर रहे हैं तो जल्द से जल्द इस टूर पैकेज को बुक करें. आप बहुत ही कम बजट में ले सकते हैं यहां घूमने का मजा. आइए जानते हैं इस टूर पैकेज के बारे में
क्या मिलेगी सुविधा

IRCTC Tour Package: कितने दिनों का होगा ये टूर पैकेज

ये टूर पैकेज 4 रात और 5 दिनों का होता है.

IRCTC Tour Package: कितना आएगा खर्च

इस टूर पैकेज में आपको 37700 रुपये खर्च आएगा.

IRCTC Tour Package: किन जगहों पर घूमने का मिलेगा मौका

इस टूप पैकेज में आपको उदयपुर, कुंभलगढ़ और माउंट आबू घूमने का मौका मिलेगा.

IRCTC Tour Package: ये रहा कॉन्टेक्ट नंबर

अगर आपको बुकिंग से संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो आप दिए गए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं.

ये रहा नंबर

8287930759

8287930745

राजस्थान में घूमने की जगह

हवा महल राजस्थान का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. यह जयपुर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है. हवा महल का निर्माण महाराजा सवाई प्रताप सिंह द्वितीय ने 1799 में करवाया था. यह महल उनकी महारानी के लिए एक विशेष इमारत के रूप में बनाया गया था ताकि उन्हें दिनभर के दौरान अपने महल से बाहर न निकलकर बाहर की जगहों का दर्शन कर सकें. हवा महल की विशेषता उसकी पच्छीस छज्जे वाली दीवारों में है, जिनमें से प्रत्येक दीवार में छोटी-छोटी खिड़किया हैं जो हवा को आने देती हैं और महल को ठंडी बनाती है. यही कारण है कि महल को “हवा महल” के नाम से भी जाना जाता है.

जंतर-मंतर

जंतर-मंतर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो जयपुर, राजस्थान में स्थित है. यह महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के शासनकाल में निर्मित किया गया था. यह यूनेस्को के ‘विश्व धरोहर के सूची में शामिल है. इसे देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं. बता दें इसका निर्माण बहुत बड़े पत्थरों और संरचनाओं से किया गया है.

सिटी पैलेस

जयपुर के सिटी पैलेस राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है. यह राजपूत शासकों के आवास के रूप में बनाया गया था और इसका निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा 18वीं सदी में किया गया था. सिटी पैलेस का निर्माण एक समृद्धि और शौक दिखाने का प्रतीक है जो राजपूतों के राजमहलों की सुंदरता को दिखाता है. सिटी पैलेस एक संरचित किले के रूप में बना है, जिसमें कई महल और मंदिर है.

विजय स्तम्भ

विजय स्तम्भ (Vijay Stambh) राजस्थान में स्थित एक ऐतिहासिक स्मारक है जो चित्तौड़गढ़ किले के भीतर स्थित है. यह एक विशाल खंडहर का हिस्सा है और यह राजपूतों की शौर्य और वीरता की कहानियों का प्रतीक माना जाता है. विजय स्तम्भ का निर्माण महाराणा कुम्भा द्वितीय ने 1448 ईसा पूर्व किया था. यह स्तम्भ विजयपूर स्तम्भ के रूप में भी जाना जाता है. विजय स्तम्भ की ऊंचाई करीब 37 मीटर (122 फीट) है और इसकी चौड़ाई 14.5 मीटर (47.5 फीट) है. यह पूरी तरह से रेड संगमरमर से बना हुआ है. यहां आप अपनी फैमिली के साथ घूमने जा सकते हैं.

चित्तौड़गढ़ किला

चित्तौड़गढ़ किला, राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ शहर में स्थित है. यह किला भारतीय इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण स्मारकों में से एक है. जिसे चित्रांगद मौर्या ने बनवाया था. यह एक विश्व विरासत स्थल है. यह इतिहास की सबसे खूनी लड़ाईयों का गवाह है. चित्तौड़गढ़ किले के भीतर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे कि पद्मिनी की पालकी, कुम्भश्याम टेम्पल, राज्य प्रतिहार द्वार है. जिसे देखने हर साल लाखों पर्यटक आते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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