वाराणसी में गंगा की लहरों पर तैरेगी देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी, 15 अगस्त से होगा संचालन

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा की लहरों पर देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी दौड़ती नजर आएगी. गुजरात के भावनगर में तैयार हाइड्रोजन टैक्सी जुलाई के दूसरे सप्ताह तक वाराणसी पहुंच जाएगी. इसके संचालन के लिए चार घाट पर स्टेशन बनाया जाएगा.

Varanasi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा की लहरों पर देश की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी दौड़ता नजर आएगी. इस हाइड्रोजन वाटर टैक्सी को गंगा में प्रदूषण मुक्त जल परिवहन को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्रता दिवस पर वाराणसी के नमो घाट पर लॉन्च किया जाएगा. श्री काशी विश्वनाथ धाम की यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने के लिए नमो घाट और अस्सी घाट के दोनों छोर से एक-एक हाइड्रोजन वाटर टैक्सी का संचालन किया जाएगा.

हाइड्रोजन संचालित वाटर टैक्सी दूसरे जलयान की तुलना में आधे से भी कम समय में यह दूरी तय करेगी. इसमें विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक इंजन लगाया गया है. ईंधन की उपलब्धता के लिए चार घाटों पर स्टेशन भी तैयार किया जा रहा है.

हाइड्रोजन वाटर टैक्सी में इलेक्ट्रिक मोटर व्यवस्था भी

हाइड्रोजन संचालित वाटर टैक्सी को जलमार्ग प्राधिकरण ने गुजरात के भावनगर में तैयार कराया है. जुलाई में टैक्सी काशी पहुंच जाएगी और 15 अगस्त से उसका संचालन काशी विश्वनाथ धाम के लिए शुरू होगा. इसके लिए ईंधन के खर्च के आधार पर किराया और फेरे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. सबसे अहम बात यह है कि हाइड्रोजन वाटर टैक्सी को विकल्प के लिए इलेक्ट्रिक मोटर से भी लैस किया जा रहा है. ताकि ईंधन समाप्त होने की स्थिति में यह दूसरे इंजन से संचालित हो सके.

इसलिए फ्यूअल स्टेशन पर चार्जिंग प्वाइंट भी बनाए जाएंगे. यहां बता दें कि पिछले महीने ही गुजरात के भावनगर से 10 वाटर टैक्सी वाराणसी पहुंची है. इसमें वाटर एंबुलेंस, शव वाहिनी के अलावा यात्रियों के लिए जलयान शामिल हैं.

काशी से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

हाइड्रोजन वाटर टैक्सी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में काशी के गंगा नदी में लांच करने की तैयारी है. यदि इसका सफल संचालन हो गया तो यहां के सभी जलयान को हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित किया जाएगा. इसके बाद आगरा और मथुरा के यमुना नदी में और देश के दूसरे शहरों में जलमार्ग पर चलने वाले जलयानों पर यह विधि अमल में लाई जाएगी.

काशी के बाद मथुरा और आगरा में भी होगा संचालान

भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि कुल छह हाइड्रोजन वाटर टैक्सियों का प्रस्ताव किया गया है. जिसमें दो-दो वाराणसी, मथुरा और आगरा में संचालन किया जाएगा. भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के सहायक जलीय संरक्षक रमेश चंद्र पांडेय बताया कि गुजरात के भावनगर में तैयार देश की पहली हाइड्रोजन टैक्सी जुलाई के दूसरे सप्ताह तक वाराणसी पहुंच जाएगी. इसके संचालन के लिए चार घाट पर स्टेशन बनाया जाएगा। 15 अगस्त से हाइड्रोजन वाटर टैक्सी का संचालन शुरू करा दिया जाएगा.

इन घाटों पर बनेगा फ्यूल स्टेशन

गंगा में उतरने वाली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी के सुगम यातायात के लिए चार घाटों पर हाइड्रोजन स्टेशन और चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए सर्वे शुरू कराया गया है. इसमें नमो घाट, शिवाला घाट, रविदास घाट और ललिता घाट पर यह स्टेशन बनाया जाएगा.

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Author: Sandeep kumar

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