Kamalpreet Kaur: डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत पर 3 साल का बैन, इस दिन के बाद जीते सारे खिताब हो जायेंगे अवैध

भारतीय खिलाड़ी कमलप्रीत कौर पर प्रतिबंधित पदार्थ स्टेनोजोलोल के इस्तेमाल के लिए तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया है. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई (एआईयू) ने यह घोषणा की. कमलप्रीत पर लगा प्रतिबंध 29 मार्च 2022 से प्रभावी होगा.

टोक्यो ओलंपिक में अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाली भारत की टॉप चक्का फेंक खिलाड़ी कमलप्रीत कौर पर तीन साल का प्रतिबंध लग गया. जिसके बाद 29 मार्च 2022 के बाद उन्होंने जीतने भी मेडल या खिताब जीते थे, सभी बेहार हो जाएंगे.

कमलप्रीत कौर पर लगा इस कारण लगाया गया प्रतिबंध

भारतीय खिलाड़ी कमलप्रीत कौर पर प्रतिबंधित पदार्थ स्टेनोजोलोल के इस्तेमाल के लिए तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया है. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई (एआईयू) ने यह घोषणा की. कमलप्रीत पर लगा प्रतिबंध 29 मार्च 2022 से प्रभावी होगा. एआईयू ने सात मार्च को पटियाला में उनका जो नमूना जांच के लिए लिया था उसे परीक्षण में स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाया गया जिसके बाद इस साल मई में उन्होंने अस्थाई रूप से निलंबित किया गया था.

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एआईयू ने क्या बताया

एआईयू ने बयान में कहा, एआईयू ने भारत की कमलप्रीत कौर को स्टेनोजोलोल की मौजूदगी/इस्तेमाल करने पर 29 मार्च 2022 से तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया है. उनके नतीजे सात मार्च 2022 से अमान्य होंगे.

कमलप्रीत कौर ने टोक्यो ओलंपिक में किया था शानदार प्रदर्शन

कमलप्रीत कौर टोक्यो खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रहीं थी. कमलप्रीत ने पिछले साल टोक्यो खेलों से पहले 65.06 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने टोक्यो खेलों के दौरान क्वालीफाइंग दौर में दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 63.70 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहीं थी. यह खेलों में किसी भारतीय खिलाड़ी का फील्ड स्पर्धाओं में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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