युवा देश के लिए भारतीय रेल भी युवा अवतार ले रहा है, वंदे भारत को हरी झंडी दिखाने के बाद बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यही वजह है कि केंद्र सरकार भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट कर रही है. रेलवे के कायाकल्प का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है. वंदे भारत, तेजस और हमसफर जैसी आधुनिक ट्रेनें अब देश में बन रहीं हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (30 दिसंबर) को पश्चिम बंगाल को वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई सौगातें दीं. इस अवसर पर पीएम ने कहा कि भारत जैसे युवा देश के लिए भारतीय रेल भी युवा अवतार लेने जा रहा है. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि इक्कीसवीं सदी में भारत के तीव्र विकास के लिए भारतीय रेलवे का भी तेज विकास, तेज सुधार जरूरी है.

देश में बन रहीं हैं आधुनिक ट्रेनें : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यही वजह है कि केंद्र सरकार भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए रिकॉर्ड इन्वेस्टमेंट कर रही है. रेलवे के कायाकल्प का राष्ट्रव्यापी अभियान चल रहा है. वंदे भारत, तेजस और हमसफर जैसी आधुनिक ट्रेनें अब देश में बन रहीं हैं. विस्टाडोम प्रोजेक्ट रेल यात्रियों को नये अनुभव करवा रहे हैं. रेलवे स्टेशन को भी एयरपोर्ट की तरह विकसित किया जा रहा है. न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन भी इसी लिस्ट में शामिल है.

रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से हो रहा है विकास

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज रेलवे लाइनों का दोहरीकरण, विद्युतीकरण जिस रफ्तार से हो रहा है, वो पहले कभी नहीं हुआ. देश में ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लॉजिस्टिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं. बीते 8 वर्षों में भारतीय रेलवे ने आधुनिकता की नींव पर काम किया है. आने वाले 8 वर्षों में भारतीय रेलवे को आधुनिकता की नयी यात्रा पर निकलते हुए देखेंगे. भारत जैसे युवा देश के लिए भारतीय रेल भी युवा अवतार लेने जा रहा है.

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सबसे शक्तिशाली बिजली इंजन अब भारत में बनेंगे

उन्होंने आगे कहा कि इसमें निश्चित तौर पर वंदे भारत ट्रेनों की बहुत बड़ी भूमिका होगी. आजादी के बाद के 7 दशकों में 30 हजार किलोमीटर रेलवे लाइन का बिजलीकरण हुआ. पिछले 7-8 वर्षों में 32 हजार रूट किलोमीटर रेलवे लाइन का बिजलीकरण हो चुका है. ये है देश में काम करने की रफ्तार. रेलवे के आधुनिकीकरण की रफ्तार. इस रफ्तार को तेज करने के लिए अब भारत में दुनिया के सबसे शक्तिशाली बिजली रेल इंजनों का भी निर्माण होगा. आज के भारत की स्पीड और स्केल का एक और प्रमाण हमारा मेट्रो रेल सिस्टम है.

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रेलवे की छह परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित

  • हावड़ा-एनजेपी वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन

  • जोका-तारातला मेट्रो परियोजना का उद्घाटन (2475 करोड़ रुपये से अधिक)

  • बैंची- शक्तिगढ़ थर्ड लाइन (25.83 किमी, 495 करोड़ रुपये)

  • डानकुनी- चंदनपुर चौथी लाइन (25.41 किमी, 565 करोड़ रुपये)

  • सागरदिघी-मालदा टाउन (निमतीता-न्यू फरक्का) दोहरीकरण (25.42 किमी, 254 करोड़ रुपये)

  • आमबाड़ी फालाकाटा-न्यू मयनागुड़ी एवं न्यू मयनागुड़ी-गुमानीहाट दोहरीकरण (88.17 किमी, 1080 करोड़ रुपये)

  • (नोट : न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पुनर्विकास के लिए रखी आधारशिला, 335 करोड़)

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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