Jharkhand News: रेल दुर्घटना पर लगेगी लगाम, मानपुर से प्रधानखंटा रेलखंड पर लगेगी कवच प्रणाली

अभी परंपरागत एब्सल्यूट ब्लाक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें एक ब्लॉक सेक्शन में ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंच जाने के बाद ही पीछे वाली ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए ग्रीन सिग्नल मिलता है

पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से मानपुर (214 किमी) तथा मानपुर से प्रधानखंटा (203 किमी) रेलखंड स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली के साथ ‘कवच‘ प्रणाली से भी युक्त होगा. इसकी तैयारी रेलवे की ओर से की गयी है. काम पूरा होने के बाद इस रेल खंड पर दुर्घटनाओं से बचाव में मदद मिलेगी. मिशन रफ्तार के तहत पूर्व मध्य रेल के कई रेलखंडों को इस प्रणाली से लैस किया जाना है. वर्तमान में यह प्रणाली प्रारंभिक चरण में है.

फिलहाल क्या है व्यवस्था :

अभी परंपरागत एब्सल्यूट ब्लाक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें एक ब्लॉक सेक्शन में ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंच जाने के बाद ही पीछे वाली ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए ग्रीन सिग्नल मिलता है, जिससे खाली रेल लाइनों की क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता है. कवच प्रणाली की वजह से खाली रेल लाइनों का पूरी क्षमता का इस्तेमाल हो पायेगा.

क्या है कवच

कवच प्रणाली किसी भी आपात स्थिति में स्टेशन एवं लोको ड्राइवर को तत्काल कार्रवाई के लिए सचेत करने, साइड-टक्कर, आमाने-सामाने की टक्कर व पीछे से होने वाली टक्करों की रोकथाम करने में सक्षम है.

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Published by: Sameer oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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