Independence Day 2023: भारत का वो शहर जहां 52 सेकेंड के लिए सब कुछ थम जाता है, जानिए इसके पीछे का रहस्य

Telangana Nalgonda: 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में जश्न का माहौल है. लेकिन इन सब के बीच भारत में एक ऐसा शहर है जहां हर रोज लोग करीब 52 सेकेंड शांत खड़े रहते हैं. तो आइए जानते हैं क्या है मामला.

Telangana Nalgonda: 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में जश्न का माहौल है. चारों ओर लोग तैयारियों में डूबे हुए हैं. लेकिन इन सब के बीच भारत में एक ऐसा शहर है जहां हर रोज लोग करीब 52 सेकेंड शांत खड़े रहते हैं. जी हां आपने सही सुना. इन 52 सेकेंड के लिए सब कुछ रुक जाता है. बच्चों से लेकर बूढ़े तक हर कोई एक जहां रहता है वहीं रुक जाता है.  तो आइए जानते हैं क्या है मामला. दरअसल तेलंगाना में नालगोंडा शहर  है. जहां रोज सुबह 7 से 8 बजे के बीच लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान बजता है. इस दौरान लोग जहां रहते हैं वहां खड़ा हो जाते हैं और राष्ट्रगान गाते हैं. इस दौरान शहर के सभी हिस्सों में बड़े-बड़े लाउडस्पीकर लगे हुए हैं.

देशभक्ति की मिसाल है ये शहर

बता दें कि तेलंगाना का नलगोंडा शहर देशभक्ति की मिसाल है. इस शहर के करीब 12 प्रमुख कस्बों के अंदर हर रोज सुबह 8:30 बजे एकसाथ राष्ट्रगान बजाया जाता है. इस दौरान पूरे शहर में जो शख्स जहां भी, जिस भी स्थिति में है, वो वहीं सावधान होकर राष्ट्रगान को सम्मान देता है.

कैसे आया आइडिया

बताया जाता है इसको लेकर आइडिया जम्मिकुंता नाम की एक जगह से मिली थी, जहां हर रोज राष्ट्रगान बजाया जाता था. इसी से प्रेरित होकर नालगोंडा में जन-गण-मन उत्सव समिति द्वारा ही इस कार्यक्रम को शुरू किया गया. पहली बार 23 जनवरी 2021 को शहर में इसे शुरू किया गया था. इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति के इस पहल की काफी तारीफ की है. जिस वक्त राष्ट्रगान बजाया जाता है उस समय पूरे शहर में अलग-अलग जगहों पर हाथ में लोग तिरंगा लेकर खड़े हो जाते हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग इस कदम की काफी तारीफ भी करते हैं.

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स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है

आपको बताते चलें हर साल भारत में बड़े ही धूमधाम से 15 अगस्त का दिन सेलिब्रेट किया जाता है. इस भारत के कई वीर-सपूतों और वीरांगनाओं ने अपनी जान की बाजी लगाई थी. तब जाकर ब्रिटिश शासक भारत छोड़कर भागे थें.दरअसल15 अगस्त 1947 में हमारे देश को लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासकों से आजादी मिली थी. इसीलिए हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. बता दें भारत स्वतंत्रता प्राप्ति की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है.

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Author: Shweta Pandey

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