Hindi Diwas 2022: हिंदी दिवस पर सोशल मीडिया में वायरल हैं ये कूल स्टेटस, आप भी देखें और शेयर करें

Hindi Diwas 2022 Facebook WhatsApp Status: साल 1949 में 14 सितंबर को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था. इसके बाद साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया था.

Hindi Diwas 2022 Facebook, WhatsApp Status, Wishes, Quotes, Slogan, Images: साल 1949 में 14 सितंबर को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था. साल 1949 में भारत सरकार ने अंग्रेजी के बाद देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया. इसके बाद साल 1953 में पहली बार हिंदी दिवस मनाया गया था. इस दिन को मनाने के लिए देश भर में कई सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. आज के दिन स्कूल, कॉलेजों और ऑफिसों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. हिंदी भाषा का महत्व बताया जाता है. इस मौके पर आप भी अपने दोस्तों और प्रियजनों को तरह-तरह के मैसेज, कोट्स और शायरी भेजकर इस दिन की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

हम सब का अभिमान है हिंदी

भारत देश की शान है हिंदी

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

बिछड़ जाएंगे अपने हमसे,

अगर अंग्रेजी टिक जाएगी

मिट जाएगा वजूद हमारा,

अगर हिंदी मिट जाएगी.

हिंदी और हिंदुस्तान हमारा है और हम इसकी शान हैं

दिल हमारा एक है और एक हमारी जान है

हिंदी दिवस की शुभकामनाएं.

हिंदुस्तान की शान है हिंदी,

हर हिंदुस्तानी की पहचान है हिंदी,

एकता की अनुपम परंपरा है हिंदी,

हर दिल का अरमान है हिंदी

हैप्‍पी हिंदी दिवस.

हर कण में है हिंदी बसी

मेरी मां की इसमें बोली बसी

मेरा मान है हिंदी

मेरी शान है हिंदी.

Why we celebrate Hindi Diwas? Hindi Diwas Importance, Significance: हिंदी केंद्र सरकार की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक है. दूसरी भाषा अंग्रेजी है. हिंदी भारत गणराज्य की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है. कहते हैं कि बोहर राजेंद्र सिंह के प्रयासों से हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिली शरण गुप्त और सेठ गोविंद दास के साथ हिंदी को दो आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में मान्यता मिली थी. यह बोहर राजेंद्र सिंह के 50वें जन्मदिन पर हुआ था, जिन्होंने भारत के संविधान की मूल अंतिम पांडुलिपि का चित्रण किया था. अंग्रेजी के चलन की वजह से आजकल बच्चे-बड़े तक अंग्रेजी में बात करना पसंद करते हैं. लेकिन हमें अपने देश की भाषा और हिंदी का ज्ञान जरूर होना चाहिए. बच्चों को हिंदी बोलना और पढ़ना आना चाहिए. ऐसे में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सऐप और फेसबुक के जरिये अपने दोस्तों, प्रियजनों को हिंदी दिवस के शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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