Gyanvapi Survey Case: ज्ञानवापी के तहखानों के मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना, अगली तिथि 15 फरवरी को

वाराणसी जिला न्यायाधीश की अदालत में सोमवार को याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में बंद अन्य सभी तहखानों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वेक्षण कराने की मांग की गई थी.

वाराणसी: वाराणसी जिला जज की कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में बंद पड़े तहखानों के एएसआई सर्वे की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई की. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और 15 फरवरी की डेट अगली सुनवाई के लिए दी है. विश्व वैदिक सनातन संघ की संस्थापक सदस्य और मां श्रृंगार गौरी मामले में एक पक्षकार राखी सिंह ने यह याचिका दाखिल की है, जिनकी पहले की एक याचिका पर एएसआई सर्वेक्षण हुआ था. उन्होंने वाराणसी जिला न्यायाधीश की अदालत में सोमवार को याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में बंद अन्य सभी तहखानों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वेक्षण कराने की मांग की थी. जिस पर जिला अदालत ने सुनवाई के लिए 6 फरवरी की तारीख मुकर्रर की थी.

इस याचिका में अनुरोध किया गया था कि ज्ञानवापी परिसर में बंद सभी तहखानों का एएसआई से सर्वेक्षण कराया जाए. आवेदन में बंद भूतल का नक्शा भी शामिल किया गया है. जिसमें कहा गया है कि अंदर गुप्त तहखाने हैं, जिनका सर्वेक्षण करना जरूरी है. ताकि ज्ञानवापी का पूरा सच सामने आ सके. पांच महिलाओं की पूर्व याचिका के आधार पर, एएसआई ने काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण किया था. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ज्ञानवापी मस्जिद का तहखाना खोल दिया गया और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों ने पूजा शुरू की थी. इस पूजा के विरोध में अगली सुबह तड़के तीन बजे मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में पूजा रोकने की याचिका दाखिल की थी. जिसे SC ने खारिज कर दिया था.

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By Amit yadav

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