Deepfake Advisory: डीपफेक पर सरकार ने जारी की एडवाइजरी, सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स से कही यह बात

ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का यह दायित्व होगा कि वे यूजर्स को डिजिटल मध्यस्थों पर निषिद्ध सामग्री से संबंधित किसी भी सूचना को होस्ट करने, प्रदर्शित करने, अपलोड करने, संशोधित करने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, संग्रहीत करने, अपडेट करने या शेयर करने से रोकने के लिए उचित प्रयास करें.

Deepfake Advisory: वीडियो में छेड़छाड़ से संबंधित ‘डीपफेक’ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये गलत सूचना के प्रसार को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार ने सूचना टेक्नोलॉजी नियमों का पालन करने के लिए सभी ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स को सलाह जारी की है. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस परामर्श में कहा गया है कि मध्यस्थ के रूप में काम करने वाले डिजिटल और सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म सूचना टेक्नोलॉजी (आईटी) नियमों के तहत निर्दिष्ट निषिद्ध सामग्री के बारे में प्रयोगकर्ताओं तक स्पष्ट और सटीक रूप से सूचना दें. बयान के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने मौजूदा आईटी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी मध्यस्थ कंपनियों को एक सलाह जारी की है.

गलत सूचना के प्रसार को लेकर बढ़ती चिंताओं से संबंधित

यह सलाह आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा मध्यस्थों के साथ की गई चर्चा का परिणाम है. ये निर्देश खास तौर पर एआई और डीपफेक की मदद से गलत सूचना के प्रसार को लेकर बढ़ती चिंताओं से संबंधित हैं. मंत्रालय ने अपनी सलाह में कहा है कि आईटी नियमों के तहत ऐसी सामग्री के बारे में यूजर्स को स्पष्ट एवं सटीक ढंग से सूचित किया जाना चाहिए, जिनकी अनुमति नहीं है. यूजर्स के पहली बार पंजीकरण करने के समय भी इसके बारे में स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए. परामर्श के मुताबिक, डिजिटल प्लैटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यूजर्स को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आईटी अधिनियम, 2000 जैसे दंडात्मक प्रावधानों के बारे में जानकारी दी जाए. इसके साथ ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स के उपयोग की सेवा शर्तों और यूजर्स समझौतों में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए कि प्रासंगिक भारतीय कानूनों के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कानूनी उल्लंघनों की जानकारी देना मध्यस्थों/ प्लैटफॉर्म्स का दायित्व है.

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ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का यह दायित्व होगा कि वे…

ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स का यह दायित्व होगा कि वे यूजर्स को डिजिटल मध्यस्थों पर निषिद्ध सामग्री से संबंधित किसी भी सूचना को होस्ट करने, प्रदर्शित करने, अपलोड करने, संशोधित करने, प्रकाशित करने, प्रसारित करने, संग्रहीत करने, अपडेट करने या शेयर करने से रोकने के लिए उचित प्रयास करें. डीपफेक का आशय इंटरटेनट पर उपलब्ध सामग्री में छेड़छाड़ कर उसे गलत ढंग से पेश करना है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये किसी भी व्यक्ति को गलत ढंग से पेश करने या उसका प्रतिरूपण करने के लिए डिजिटल हेराफेरी की जाती है. हाल ही में कुछ फिल्मी हस्तियों को डीपफेक की मदद से निशाना बनाने की कोशिश की गई थी. इससे फैली सार्वजनिक चिंता को देखते हुए सरकार ने इस संबंध में सलाह जारी की है.

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