Govardhan Puja Aarti: गोवर्धन पूजा आज, धन वृद्धि और सुख समृद्धि के लिए जरूर पढ़ें ये आरती

Govardhan Puja Aarti: कार्तिक मास की प्रतिपदा को मनाया जाने वाले पर्व गोवर्धन पूजा का सीधा संबंध प्रकृति और मनुष्य से है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है.

Govardhan Maharaj Ki Aarti: आज गोवर्धन पूजा है. देश भी में आज धूमधाम से गोवर्धन पूजा की जा रही है. कार्तिक मास की प्रतिपदा को मनाया जाने वाले पर्व गोवर्धन पूजा का सीधा संबंध प्रकृति और मनुष्य से है. गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है. हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत का पूजन करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं. इस दिन पूजा करने से घर में धन की वृद्धि होती है. ऐसे में पूजा के समय गोवर्धन महाराज की आरती जरूरी करनी चाहिए. गोवर्धन महाराज की आरती इस प्रकार है…

गोवर्धन महाराज की आरती (Govardhan Maharaj Ki Aarti)

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,

तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,

तोपे चढ़े ( जय हो )

तोपे चढ़े ( जय हो )

तोपे चढ़े दूध की धार, हो धार,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो,

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

तेरे कानन कुंडल साज रहे,

तेरे कानन कुंडल साज रहे,

ठोड़ी पे ( जय हो )

ठोड़ी पे ( जय हो )

ठोड़ी पे हीरा लाल, हो लाल,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो,

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

तेरे गले में कंठा सोने को,

तेरे गले में कंठा सोने को,

तेरी झांकी ( जय हो )

तेरी झांकी ( जय हो )

तेरी झांकी बनी विशाल, हो विशाल,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो,

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

तेरी सात कोस की परिक्रमा,

तेरी सात कोस की परिक्रमा,

और चकले ( जय हो )

और चकले ( जय हो )

और चकलेश्वर विश्राम, विश्राम,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो,

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

श्री गोवर्धन महाराज, महाराज,

तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो ।

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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