Ganesh Chaturthi 2020 Date, Puja Vidhi, Muhurat : देशभर में गणपति की पूजा को लेकर उत्साह, विघ्नहर्ता से मंगलकामना कर रहे हैं भक्त...

Ganesh Chaturthi (Ganpati Puja) 2020 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Timings in India: गणेश चतुर्थी को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है. देश के विभिन्न जगहों में भगवान गणेश की पूजा की जा रही है. कोरोना संकट के बावजूद भक्तों का उत्साह थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संकट में आयोजन को सीमित रखने के आदेश दिए गए हैं. इसको देखते हुए विशेष सावधानियां बरती जा रही है. दस दिनों तक चलने वाले त्योहार पर गणपति की स्थापना और उनकी पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. यह त्योहार पूरे भारतवर्ष में पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि भाद्रपद की चतुर्थी के दिन गणेश जी का जन्म हुआ था. गणेश जी को विध्नहर्ता कहा गया है. इनकी पूजा से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं.

Live Updates
5:51 PM. 22 Aug 20 5:51 PM. 22 Aug

सचिन तेंदुलकर ने की बप्पा की आरती 

मुंबई में गणेश चतुर्थी के मौके पर पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने अपने घर में विघ्नहर्ता की आरती की. इस दौरान उनके परिवार के सदस्य समेत अन्य मौजूद रहे. परिवार के अन्य सदस्यों समेत करीबियों के लिए उनके घर पर लाइव दर्शन की व्यवस्था भी की गयी थी.

5:51 PM. 22 Aug 20 5:51 PM. 22 Aug

मदुरै में विघ्नहर्ता से की मंगलकामना

तमिलनाडु में भी गणेश चतुर्थी पर भक्तों में उत्साह देखा जा रहा है. मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर में भगवान गणेश की पुजारियों ने पूजा करके मंगलकामना की।

5:51 PM. 22 Aug 20 5:51 PM. 22 Aug

पुडुचेरी में भक्तों में दिखा उत्साह 

पुडुचेरी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर अरूलमिगू मानाकुला विनयागर मंदिर में भगवान विघ्नहर्ता की श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा की.

5:51 PM. 22 Aug 20 5:51 PM. 22 Aug

उपराष्ट्रपति ने की भगवान गणेश की पूजा

गणेश चतुर्थी के मौके पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भगवान गणपति की पूजा की. इस मौके पर उनकी पत्नी उषा नायडू भी मौजूद रहीं.

2:35 PM. 22 Aug 20 2:35 PM. 22 Aug

मंदिर के बाहर भक्तों ने की पूजा

असम के गुवाहाटी में भक्तों ने गणेश मंदिर के बाहर गणेश चतुर्थी के मौके पर पूजा की. बता दें कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए असम में 31 अगस्त तक सप्ताह के अंत में लॉकडाउन लागू करने का निर्देश दिया गया है.

2:35 PM. 22 Aug 20 2:35 PM. 22 Aug

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की पूजा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर स्थित अपने आवास में गणेश चतुर्थी के मौके पर परिवार की साथ पूजा की.

2:35 PM. 22 Aug 20 2:35 PM. 22 Aug

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की पूजा

गणेश चतुर्थी के मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित अपने आवास में पूजा अर्चना की.

2:35 PM. 22 Aug 20 2:35 PM. 22 Aug

गणेश चतुर्थी पर घर को कोरोना थीम से सजाया

तमिलनाडु में एक महिला ने गणेश चतुर्थी के मौके पर अपने घर को कोरोना थीम पर सजाया है. उन्होंने अपने घर में भगवान गणेश की हजारों मूर्तियां रखी है. नंदिनी विग्नेश ने बताया कि उन्होंने भगवान गणेश की मूर्तियां इकट्ठा करना शुरू किया और अब उनके घर में गणेश जी की 3500 मूर्तियां हैं. इन मूर्तियों को जमा करने के लिए कई जगहों की यात्रा भी इन्होंने की है.

2:35 PM. 22 Aug 20 2:35 PM. 22 Aug

कर्नाटक में गणेश चतुर्थी के मौके पर गणेश पूजा

कर्नाटक के बेंगालुरू में स्थित श्री सत्य गणपति मंदिर में श्रद्धालुओं ने गणेश चतुर्थी के मौके पर पूजा की

1:03 PM. 22 Aug 20 1:03 PM. 22 Aug

दिल्ली में गणेश चतुर्थी के मौके पर कनॉट प्लेस के गणेश मंदिर में भगवान गणेश की पूजा-आरती

1:03 PM. 22 Aug 20 1:03 PM. 22 Aug

महाराष्ट्र गणेश चतुर्थी के मौके पर नागपुर के श्री गणेश मंदिर टेकड़ी में भगवान गणेश की महाआरती की करें यहां दर्शन 

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

यहां पढ़े  गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,

माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,

लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,

बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..

माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

यहां देखें आरती

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गणेश जी का पसंद है लाल रंग

गणेशजी को लाल रंग पसंद है, इसलिए उनको लाल रंग अर्पित किया जाता है. लाल और सिंदूरी गणेश जी के प्रिय रंग हैं. मान्यता है कि गणेश जी को लाल फूल अर्पित करने से वह प्रसन्न हो जाते हैं

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

मूर्ति स्थापना के बाद इन बातों का रखें ध्यान

गणेश चतुर्थी के दिन गणेशोत्सव में भगवान गणेशजी की 10 दिन के लिए स्थापना करके उनकी पूजा अर्चना की जाती है. शास्त्रों के अनुसार, श्रीगणेश की प्रतिमा की 10 दिनों तक पूजा करने के बाद उसका विसर्जन करते हैं. कहा जाता है कि गणेश जी को घर पर स्थापित करने के बाद से विसर्जन करने तक उनका पूरा ख्याल रखा जाता है और उन्हें अकेला भी नहीं छोड़ा जाता.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गणेश जी को क्या क्या चढ़ाएं

चावल, सिंदूर, केसर, हल्दी, चन्दन, मौली और लौंग जरूर चढ़ाएं. पूजा में दूर्वा का काफी महत्व है. मान्यता है कि इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है. गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं. गणेश जी के पास पांच लड्डू रखकर बाकी बांट देने चाहिए.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

भगवान गणेश को दुर्वा है अतिप्रिय

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दुर्वा जरूर अर्पित करें. भगवान गणेश को दुर्वा अतिप्रिय होता है. आप नित्य भी गणेश भगवान को दुर्वा अर्पित कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं.

5:51 PM. 22 Aug 20 5:51 PM. 22 Aug

जानें पूजा विधि

स्नान करने के बाद ध्यान करके गणपति के व्रत का संकल्प लें, इसके बाद दोपहर के समय गणपति की मूर्ति या फिर उनका चित्र लाल कपड़े के ऊपर रखें. फिर गंगाजल छिड़कने के बाद भगवान गणेश का आह्वान करें. भगवान गणेश को पुष्प, सिंदूर, जनेऊ और दूर्वा (घास) चढ़ाए. इसके बाद गणपति को मोदक लड्डू चढ़ाएं, मंत्रोच्चार से उनका पूजन करें. गणेश जी की कथा पढ़ें या सुनें, गणेश चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें.

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गणेश मंत्र : Ganesh Mantra

पूजा के समय इन मंत्रों का जाप करें और प्रसाद के रूप में मोदक और लड्डू वितरित करें.

– ऊं गं गणपतये नम: मंत्र का जाप करें.

– ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा

– ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।

– गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:

– ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश

– ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति। मेरे दूर करो क्लेश।।

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

भगवान गणेश जी से क्षमा-प्रार्थना मंत्र

गणेशपूजने कर्म यत् न्यूनमधिकम कृतम।

तेन सर्वेण सर्वात्मा प्रसन्न अस्तु गणपति सदा मम।।

आप अपने घर पर गणपति का विधि विधान से स्थापना करें और 10 दिन तक उनकी आराधना करें, इसके बाद विसर्जन के दिन विधि पूर्वक हर्षोल्लास के साथ गण​पति को विदा करें.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

श्री गणेश स्थापना मंत्र

अस्य प्राण प्रतिषठन्तु अस्य प्राणा: क्षरंतु च।

श्री गणपते त्वम सुप्रतिष्ठ वरदे भवेताम।।

विघ्नहर्ता श्री गणेश की 10 दिनों तक पूजा एवं आरती के बाद परिक्रमा करें और क्षमा मांगें कि पूजा में हुई कमी और भूल को माफ करें.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की विधि

गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर में गणेश मूर्ति की स्थापना की जानी चाहिए. मूर्ति स्थापना के लिए सबसे पहले एक लाल वस्त्र चौकी पर बिछाएं. फिर उस लाल वस्त्र पर अक्षत छिड़कें और उसके ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें. इसके बाद गणेश भगवान को स्नान कराएं. रिद्धि-सिद्धि के रूप में प्रतिमा के दोनों ओर एक-एक सुपारी भी रखें, इसके बाद भगवान गणेश जी की अराधना करें.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त

सुबह 11 बजकर 07 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक

दूसरा शाम 4 बजकर 23 मिनट से 7 बजकर 22 मिनट तक

रात में 9 बजकर 12 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक

वर्जित चंद्रदर्शन का समय 8 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक

चतुर्थी तिथि आरंभ 21 अगस्त की रात 11 बजकर 02 मिनट से

चतुर्थी तिथि समाप्त 22 अगस्त की रात 7 बजकर 56 मिनट तक

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

माता-पिता की सात बार परिक्रमा कर नापा पूरा संसार

मान्यता है कि एक बार सभी देवता मुसीबत में थे. ऐसे में सभी भगवान शिव के शरण में गये. भगवान शिव के साथ उनके दोनों पुत्र गणेश और कार्तिकेय भी बैठे हुए थे. देवताओं की परेशानी सुनने के बाद भगवान शिव ने दोनों पुत्र गणेश और कार्तिकेय में से कौन देवताओं की मदद करेगा पूछा. इस पर दोनों तैयार हो गये. ऐसे में भगवान शिव ने दोनों भाइयों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की. दोनों भाई में जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा पूरी करेगा उसे देवताओं की मदद करने की अनुमति दी जायेगी. पिता के निर्देश के बाद कार्तिकेय अपनी सवारी मोर लेकर पृथ्वी की परिक्रमा करने निकल पड़े. जबकि भगवान गणेश अपनी सवारी मूषक के साथ पृथ्वी की परिक्रमा करने की सोचने लगे. भगवान गणेश ने पृथ्वी की परिक्रमा के लिए पिता शिव और माता पर्वती के नजदीक आकर सात बार परिक्रमा किया और अपना स्थान ग्रहण कर लिया. पृथ्वी की परिक्रमा कर लौटे कार्तिकेय ने खुद को विजेता बताया, जबकि गणेश जी ने माता-पिता को ही पूरा संसार माना.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गजमुख को सेवक और मित्र बना लिये भगवान गणेश

असुरों के राजा गजमुख की तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ने वरदान दे दिया कि वह किसी शस्त्र से नहीं मारा जायेगा. इसका दुरुपयोग करते हुए राजा गजमुख देवी-देवताओं पर भी आक्रमण करने लगे. परेशान देवता भगवान शिव के पास पहुंचे, तब उन्होंने गजमुख से युद्ध करने गणेश को भेजा. भगवान गणेश बिना किसी शस्त्र लिये राजा गजमुख से भीड़ गये. गजमुख की पीठ पर कूदकर बैठ गये. जीवनभर के लिए मूषक बना दिया. और अपने वाहन के रूप में रख लिया. वहीं राजा गजमुख हमेशा के लिए भगवान गणेश के सेवक और मित्र बन गये.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गणेश चतुर्थी पूजन विधि (Ganesh Chaturthi Pujan Vidhi)

– सबसे पहले स्नानादि कर पवित्र हो जाएं.

– जिस स्थल पर प्रतिमा विराजमान करनी है, उस जगह की साफ-सफाई कर लें.

– इसके बाद गंगाजल डाल कर पवित्र करें.

– भगवान गणेश की प्रतिमा को चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर विराजमान करें.

– धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं.

– ध्यान रखें कि जब तक गणेश जी आपके घर में रहेंगे तब तक अखंड दीपक जलाकर रखें.

– गणेश जी के मस्तक पर कुमकुम का तिलक लगाएं.

– फिर चावल, दुर्वा घास और पुष्प अर्पित करें.

– गणेश जी का स्मरण कर गणेश स्तुति और गणेश चालीसा का पाठ करें.

– इसके बाद ॐ गं गणपते नमः का जप करें.

– भगवान गणेश की आरती करें.

– आरती के बाद गणेश जी को फल या मिठाई आदि का भोग लगाएं.

– संभव हो तो मोदक का भोग जरूर लगाएं.

– भगवान गणेश को मोदक प्रिय हैं.

– रात्रि जागरण करें.

– गणेश जी को जब तक अपने घर में रखें, उन्हें अकेला न छोड़ें.

– कोई न कोई व्यक्ति हर समय गणेश जी की प्रतिमा के पास रहे.

12:44 PM. 22 Aug 20 12:44 PM. 22 Aug

गोबर गणेश देते है मनचाहा वरदान

गणपति बप्पा के चमत्कार की कई कहानियां है. उनके कई रुप भी है. मध्यप्रदेश के महेश्वर में बप्पा का एक ऐसा रूप है जिसे गोबर गणेश के नाम से पुकारा जाता है. यहां गजानन की गोबर की मूर्ति है. जो हजारों साल पुरानी है, मान्यता है कि यहां नारियल चढ़ाकर भक्त बप्पा की पूजा करनेवाले को बप्पा मनचाहा वरदान देते है.

9:02 PM. 21 Aug 20 9:02 PM. 21 Aug

जब गणेश जी से नाराज हुए परशुराम…

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शंकर और माता पार्वती अपने कक्ष में आराम कर रहे थे. उन्होंने किसी को भी अंदर आने के लिए नहीं कहा था. द्वारपाल के रूप में भगवान गणेश तैनात थे. इसी बीच भगवान शिव से मुलाकात करने के लिए परशुराम जी पहुंचे. लेकिन, भगवान गणेश ने उन्हें भगवान शिव से मुलाकात करने की मंजूरी नहीं दी. इससे नाराज होकर परशुराम ने फरसे से गणेश जी का एक दांत तोड़ दिया. हालांकि, सच्चाई पता चलने पर उन्हें काफी दुख भी हुआ. इस घटना के बाद भगवान गणेश एकदंत के नाम से भी पूजे जाने लगें.

9:02 PM. 21 Aug 20 9:02 PM. 21 Aug

चतुर्थी तिथि को गणेश की उत्पत्ति

भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं. भगवान गणेश अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं. श्रद्धा और विश्वास के साथ कोई भी व्यक्ति गणेश जी की आराधना और पूजा करता है तो उसकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है. गणेश चतुर्थी हर वर्ष भाद्रपद मास को शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है. मान्यता है कि चतुर्थी तिथि को ही विघ्नों का नाश करने वाले और ऋद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश की उत्पत्ति हुई थी. भगवान गणेश भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं और मनचाहा वरदान भी देते हैं.

गणेश जी के गजानन बनने की कहानी

पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार माता पार्वती स्नान के लिए गयीं. उन्होंने द्वार पर गणेश जी को बिठा दिया. माता पार्वती ने गणेश जी को बिना उनकी इजाजत के किसी को भी अंदर नहीं आने देने को कहा था. इसी दौरान भगवान शिव पहुंचे और अंदर जाने की कोशिश करने लगें. जब गणेश जी ने उन्हें रोका तो क्रोधित होकर भगवान शिव ने गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया. जब माता पार्वती बाहर निकलीं तो यह देखकर व्याकुल हो उठीं. उन्होंने भगवान शिव से गणेश जी को बचाने के लिए कहा. भगवान शिव ने गणेश जी को हाथी का सिर लगा दिया. इस तरह भगवान गणेश गजानन के नाम से भी पूजे जानें लगे.

गणेश भगवान को प्रिय है मोदक 

गणपति की स्थापना करते समय कुछ जरूरी बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखनी चाहिए. गणेश जी की मूर्ति का मुंह पूर्व की दिशा की तरफ होनी चाहिए. गणेश जी की पूजा शुरू करने से पहले संकल्प लेना होता है. इसके बाद भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है. इसके बाद भगवान गणेश के मंत्रों के उच्चारण के साथ मूर्ति की स्थापना की जाती है. भगवान गणेश को धूप, दीप, फूल, फल, मोदक, वस्त्र, अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारी जाती है. प्रसाद में मोदक जरूर रखें. भगवान गणेश को मोदक काफी प्रिय है.

क्या होता है मोदक का मतलब ?

पुराणों में मोदक का वर्णन मिलता है. मोदक का अर्थ खुशी होता है और भगवान श्रीगणेश हमेशा खुश रहा करते थे. इसी वजह से उन्हें गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग लगाया जाता है. भगवान गणेश को ज्ञान का देवता भी माना जाता है और मोदक को भी ज्ञान का प्रतीक माना जाता है. इस वजह से भी उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है.

गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी ना देखें चांद

गणेश चतुर्थी के दिन गणेशोत्सव में भगवान गणेशजी की 10 दिन के लिए स्थापना करके उनकी पूजा-अर्चना की जाती है. कुछ राज्यों में गणेशोत्सव तीन दिन तक ही चलता है. बाद में प्रतिमा का विसर्जन कर दिया जाता है. गणेश चतुर्थी को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. एक मान्यता यह है कि इस दिन चंद्रमा का दर्शन करने से पाप लगता है. मान्यताओं के अनुसार जो व्यक्ति इस दिन चंद्रमा के दर्शन कर लेता है उस पर झूठा आरोप लगता है.

आपको क्यों नहीं देखना चाहिए चांद?

मान्यताओं के अनुसार जब भगवान गणेश को हाथी का सिर लगाया गया तो उन्होंने पृथ्वी की सबसे पहले परिक्रमा की और प्रथम पूज्य कहलाए. सभी देवताओं ने उनकी वंदना की, लेकिन अपने रूप के घमंड में चांद उन पर हंसने लगा. इससे गणेशजी ने गुस्से में आकर चंद्रमा को काले होने का श्राप दिया. चंद्रमा को गलती का अहसास हुआ, उसने गणेश जी से माफी मांगी. प्रसन्न होकर गणेशजी ने कहा कि जैसे-जैसे सूर्य की किरणें उन पर पड़ेंगी, चमक लौट आएगी.

चांद देखने पर करें इस मंत्र का जाप

गणेश चतुर्थी के दिन चांद को क्यों नहीं देखना चाहिए इसके बारे में आप जान गए. इसके बावजूद अगर आपने इस दिन गलती से चांद देख लिया तो घबराए नहीं. आपको इस दौरान एक खास मंत्र का जाप कर लेना चाहिए. ये मंत्र है-

सिंह: प्रसेन मण्वधीत्सिंहो जाम्बवता हत:,

सुकुमार मा रोदीस्तव ह्येष:स्यमन्तक:।

1:58 PM. 21 Aug 20 1:58 PM. 21 Aug

भगवान गणेशजी की भोग सामग्री

गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक यानी कि जब तक भगवान गणेशजी घर में रहते हैं तब तक उनका मेहमान की तरह ध्‍यान रखा जाता है. गणपति को दिन भर में 3 बार भोग लगाना अनिवार्य होता है. वैसे गणपति को मोदक अति प्रिय होते हैं. इसलिए इसका भोग लगाना चाहिए. लेकिन आप चाहें तो गणेश जी को बेसन के लड्डू का भी भोग लगा सकते हैं.

1:58 PM. 21 Aug 20 1:58 PM. 21 Aug

भगवान गणेशजी की पूजन सामग्री

गणेश जी की पूजा के लिए गणेश प्रतिमा, जल कलश, पंचामृत, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत यानी साबुत चावल, कलावा, जनेऊ, इलाइची, नारियल, चांदी का वर्क, सुपारी, लौंग पंचमेवा, घी, कपूर, पूजा के लिए चौकी, लाल कपड़ा और गंगाजल इत्यादि चीजों को इकट्ठा कर लें.

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

इस तरह करें भगवान गणपति की पूजा

गणेश भगवान की प्रतिमा की स्‍थापना के बाद गणेश जी को सिंदूर लगाएं. गणपति की मूर्ति के पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रख लें. उस कलश को गणपति के दांई ओर रखें और उन्हें चांदी का वर्क लगाएं, इसके उपरान्त उन्हें जनेऊ, लाल पुष्‍प, दूब, मोदक, नारियल आदि सामग्री अर्पित करें. आखिरी में उनकी आरती उतारें और भोग लगाएं.

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की विधि

गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर में गणेश मूर्ति की स्थापना की जानी चाहिए. मूर्ति स्थापना के लिए सबसे पहले एक लाल वस्त्र चौकी पर बिछाएं. फिर उस लाल वस्त्र पर अक्षत छिड़कें और उसके ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें. इसके बाद गणेश भगवान को स्नान कराएं. रिद्धि-सिद्धि के रूप में प्रतिमा के दोनों ओर एक-एक सुपारी भी रखें, इसके बाद भगवान गणेश जी की अराधना करें.

1:58 PM. 21 Aug 20 1:58 PM. 21 Aug

पूर्व दिशा की ओर रखें मूर्ति का मुंह

गणपति की स्थापना यदि आप करते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए. गणेश पूजा शुरू करने से पहले संकल्प लेना अनिवार्य होता है, इसके बाद भगवान गणेश का आह्वान करें. इसके बाद गणपति की मंत्रों के उच्चारण के बाद स्थापना करें. भगवान गणेश को धूप, दीप, वस्त्र, फूल, फल, मोदक अर्पित किए जाते हैं. इसके बाद भगवान गणेश की आरती उतारी जाती है.

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

गणपति स्थापना के लिए विशेष मुहूर्त

इस बार 21 अगस्त यानि आज 11 बजे सुबह से चुतुर्थी तिथि शुरू हो गई है और 22 अगस्त कल 7 बजकर 57 मिनट शाम तक चुतुर्थी तिथि रहेगी. इसमें राहुकाल को हटाकर आप गणपति की स्थापना करने का काम कर सकते हैं. पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक है. विशेष मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा. पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 45 मिनट है. विशेष मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक है.

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

कब से शुरू होगी गणेश चतुर्थी तिथि

कल गणेश पूजा है. आज रात में ही गणेश चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. आज 21 अगस्त दिन शुक्रवार की रात 11 बजकर 02 मिनट से गणेश चतुर्थी तिथि लग जाएगी और यह 22 अगस्त दिन शनिवार की शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगी. ऐसा माना जाता है कि गणेश जी का जन्म दोपहर के समय में हुआ था, इसलिए इनकी पूजा दोपहर के समय की जाती है. इस बार 22 अगस्त के दिन भगवान गणपति की पूजा के लिए दोपहर में 02 घंटे 36 मिनट का शुभ समय है. इस साल आप दिन में 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट के बीच विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा कर सकते हैं.

12:34 PM. 21 Aug 20 12:34 PM. 21 Aug

गणेश चतुर्थी पूजा का है विशेष महत्व

विघ्नहर्ता श्रीगणेश के जन्मोत्सव के रूप में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि सभी देवों में प्रथम पूजनीय गणेश जी की उत्पत्ति इसी शुभ मौके पर हुई थी. गणेश चतुर्थी के दिन भक्त गणपति बप्पा को अपने घर लाते हैं और उन्हें स्थापित करते हैं. इसके बाद भक्त गणेश जी का विशेष आशीर्वाद पाने के लिए गणेश चतुर्थी पर पूजा अर्चना करते हैं. इस दौरान 10 दिन तक भगवान गणेश जी की सेवा की जाती हैं और उनसे जीवन में सुख समृद्धि और कामयाबी की कामना करते हैं. गणेश चतुर्थी के ग्यारहवें दिन भक्त उन्हें विसर्जित करते हैं और अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना करते हैं. गणपति बप्पा का आशीर्वाद मिलने से जीवन की कठिनाइयां दूर हो जाती हैं.

12:34 PM. 21 Aug 20 12:34 PM. 21 Aug

जानिए गणपति पूजन का शुभ मुहूर्त

गणेश पूजा मुहूर्त 22 अगस्त की मध्याह्न में सुबह 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक है

चतुर्थी तिथि प्रारम्भ 21 अगस्त की रात 11 बजकर 02 मिनट पर

चतुर्थी तिथि समाप्त 22 अगस्त शाम 07 बजकर 57 मिनट तक

मूर्ति विसर्जन 1 सितंबर को किया जाएगा.

22 अगस्त 2020 को चन्द्रोदय का समय रात 9 बजकर 8 मिनट पर है

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

इस तरह से करें प्रतिमा की स्थापना

कल गणेश चतुर्थी है. इस दिन सुबह स्नान, नित्य कर्म से निवृत होकर गणेश जी की प्रतिमा बनानी चाहिए. प्रतिमा सोने, तांबे, मिट्टी, या गाय के गोबर आदि से बनानी चाहिए. एक कोरे कलश को लेकर उसमें जल भरकर उसमें सुपारी डालें और उसे कोरे कपड़े से बांधना चाहिए, इसके बाद चौकी स्थापित करें और उस पर कलश के साथ गणपति की प्रतिमा स्थापित करें.

4:19 PM. 21 Aug 20 4:19 PM. 21 Aug

विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा विधि

भगवान गणेश जी की प्रतिमा पर सिंदूर, केसर, हल्दी, चन्दन,मौली आदि चढ़ाकर मंत्रोचार के साथ उनका पूजन करे. गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं. गणेश प्रतिमा के पास पांच लड्डू रखकर बाकी ब्राह्मणों और गरीबों में बांट देना चाहिए. ध्यान रहे गणेश जी की पूजा मध्याह्न यानि दोपहर के समय करनी चाहिए.

मुख्य बातें

Ganesh Chaturthi (Ganpati Puja) 2020 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Timings in India: गणेश चतुर्थी को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है. देश के विभिन्न जगहों में भगवान गणेश की पूजा की जा रही है. कोरोना संकट के बावजूद भक्तों का उत्साह थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोरोना संकट में आयोजन को सीमित रखने के आदेश दिए गए हैं. इसको देखते हुए विशेष सावधानियां बरती जा रही है. दस दिनों तक चलने वाले त्योहार पर गणपति की स्थापना और उनकी पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. यह त्योहार पूरे भारतवर्ष में पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि भाद्रपद की चतुर्थी के दिन गणेश जी का जन्म हुआ था. गणेश जी को विध्नहर्ता कहा गया है. इनकी पूजा से सारी बाधाएं दूर हो जाती हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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