West Bengal : फारेंसिक टीम पहुंची एसएसकेएम अस्पताल, स्वास्थ्य सचिव ने कहा -होगी जांच

पश्चिम बंगाल के कोलकाता के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों में शुमार एसएसकेएम में गुरुवार रात को आग लगने की घटना के बाद इसका कारण जानने के लिए फॉरेंसिक विभाग की टीम ने अस्पताल का दौरा किया.

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 19, 2022 11:06 AM

पश्चिम बंगाल के कोलकाता के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों में शुमार एसएसकेएम में गुरुवार रात को आग लगने की घटना के बाद इसका कारण जानने के लिए फॉरेंसिक विभाग की टीम ने अस्पताल का दौरा किया. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक यहां के इमरजेंसी विभाग के पास मौजूद सिटी स्कैन बिल्डिंग के पहले तल में यह टीम पहुंची. वहां सिटी स्कैन विभाग के अलावा यूएसजी विभाग में भी फॉरेंसिक की टीम पहुंची और हर विभाग में क्षतिग्रस्त वस्तुओं की जांच की. वहां से पर्याप्त नमूने एकत्रित किये. करीब डेढ़ घंटे तक वहां का दौरा करने के बाद टीम वहां से बाहर निकल गयी. राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम ने कहा कि एसएसकेएम (पीजी) अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच होगी. श्री निगम ने कहा कि बीते एक दशम में पीजी में तीसरी बार आग लगी है. यह राज देखना जरूरी है कि कहीं इसके पीछे साजिश तो नहीं है.

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कोलकाना पुलिस ने भी शुरु की जांच 

एसएसकेएम अस्पताल में लगी आग की घटना के एक दिन बाद कोलकाता पुलिस की तरफ से इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि कोलकाता पुलिस की तरफ से डीसी डीडी (स्पेशल) आरिफ बिलाल के नेतृत्व में छह सदस्यों की एक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जब आग लगी थी, उस समय वहां किन लोगों की ड्यूटी थी. आग लगने के समय कौन-कौन विभाग बंद थे. इसका भी पता लगाया जा रहा है. प्राथमिक जांच में पता चला कि आग सिटी स्कैन के कमरे में नहीं, बल्कि यूसीजी यूनिट में स्थित एसी मशीन में लगी थी.

राज्यभर में सरकारी अस्पताल में लगनेवाली घटनाओं पर एक नजर

28 अगस्त 2016 : बरहमपुर मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के विश्रामघर में एसी में शॉट सर्किट होने से लगी थी आग

30 अगस्त 2016 : महानगर में शंभुनाथ पंडित अस्पताल में बिल्डिंग की दूसरी मंजिल में फॉल्स सीलिंग में लगी थी आग

1 फरवरी 2018 : महानगर के नेशनल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग लगने से मरीजों में फैली थी दहशत

7 अगस्त 2018 : डायमंड हार्बर अस्पताल में इमारत के दूसरी मंजिल में स्थित बिजली के पैनल बोर्ड में लगी थी आग

3 अक्तूबर 2018 : कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में दवा की दुकान में लगी आग

14 जून 2021 : एमआर बांगुर अस्पताल के चौथे तल में लगी थी आग

6: 29 जनवरी 2022: बर्दवान मेडिकल कॉलेज में कोरोना वार्ड में आग लगने की घटना में संध्या मंडल नामक एक मरीज की मौत हुई थी

22 जुलाई 2022 : बांकुड़ा के विष्णुपुर में गैर सरकारी अस्पताल में लगी आग, बचने के लिए मरीज ने लगायी थी छलांग

दमकल की एक गाड़ी को अस्पताल में रखने का सरकार ने लिया फैसला

महानगर समेत राज्यभर में समय-समय पर सरकारी अस्पतालों हुईं आग की घटनाओं ने राज्य सरकार को कड़ा फैसला लेने के लिए विवश कर दिया. इसके बाद सरकार की तरफ से शहर के सरकारी अस्पतालों में दमकल की एक गाड़ी को हमेशा स्टैंडबाई मोड में रखने का फैसला लिया. जिससे कभी भी आग लगने की घटना हो तो उसे फैलने से रोका जा सके. गौरतलब है कि दक्षिण कोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में आग लगने की बड़ी घटना हुई थी. उस घटना में 89 मरीजों की मौत हो गयी थी.

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