एनकाउंटर का डर! 18 साल बाद अतीक अहमद के गुर्गे अब्दुल कवि ने CBI कोर्ट में किया सरेंडर, एक लाख का था इनाम

अतीक अहमद के गुर्गे एक लाख के इनामी बदमाश अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ में सरेंडर कर दिया. अब्दुल कवि ने लखनऊ CBI की स्पेशल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण किया है. उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

प्रयागराज. बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में फरार चल रहे अतीक अहमद के गुर्गे एक लाख के इनामी बदमाश अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ में सरेंडर कर दिया. अब्दुल कवि ने लखनऊ CBI की स्पेशल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण किया है. उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अब्‍दुल कवि प‍िछले 18 साल से फरार चल रहा था. पुलिस ने इस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था. बताया जा रहा है कि पुलिस ने 14 मार्च को उसके दो फोटो जारी किए थे. अब्दुल कवि साल 2005 में हुई राजू पाल की हत्या के बाद से ही फरार चल रहा था. शूटर अब्दुल कवि राजू पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. उसके भाई अब्दुल कादिर को कौशांबी से पुलिस ने कुछ समय पहले गिरफ्तार किया था. उसके घर पर छापेमारी में असलहे भी बरामद हुए थे.

18 साल से खोज रही थी पुलिस

अब्दुल कवि पिछले 18 सालों से फरार चल रहा था. अब्दुल कवि ने अतीक के कहने पर 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजू पाल को भरे बाजार गोलियों से भून दिया था. वह अतीक अहमद और अशरफ का बेहद करीबी और राजू पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है. लंबे समय से सीबीआई, STF और यूपी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. बता दें कि उमेश पाल ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सजा दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी. उमेश पाल अपहरण केस की सुनवाई के बाद ही घर लौट रहे थे. इसी दौरान उन पर जानेलवा हमला हुआ था. इस हमले में उनकी जान चली गई थी.

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पुलिस ने घर के अंदर से किया था भारी मात्रा में असलहा बरामद

विधायक राजू पाल को भरे बाजार दिन-दहाड़े गोलियों से भूनने सहित करीब आधा दर्जन संगीन अपराध अब्दुल कवि के नाम दर्ज हैं. बीते 24 फरवरी को चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था. इसके बाद से उसकी तलाश तेज हो गई थी. बता दें कि प्रयागराज में 24 फरवरी को दिनदहाड़े हुए उमेश पाल और दो गनर सिपाहियों की हत्या में भी पुलिस को अतीक अहमद के इस शार्प शूटर अब्दुल कवि की तलाश थी. अब्दुल कवि के कौशाम्बी जिले के भाखान्दा उपरहार गांव में उसके घर को भी जमीदोंज दिया गया है. ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने घर के अंदर से भारी मात्रा में असलहा बरामद किया था, जिसके आरोप में अब्दुल कवि के भाई को जेल भेजा जा चुका है.

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