Exclusive: सुनील शेट्टी का बेटा हूं तो फिट रहने का स्ट्रेस होता ही है- अहान शेट्टी

अहान शेट्टी साजिद नाडियाडवाला वाला की फ़िल्म तड़प से हिंदी फिल्मों में अपनी शुरुआत कर रहे हैं. एक्टर ने फ़िल्म को लेकर कई सारी बातें की है.

इंडस्ट्री में स्टार किड की फेहरिस्त में जल्द ही सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी का नाम जुड़ने वाला है. अहान साजिद नाडियाडवाला वाला की फ़िल्म तड़प से हिंदी फिल्मों में अपनी शुरुआत कर रहे हैं. उनकी इस फ़िल्म,स्टार किड होने के प्रेशर सहित उनके परिवार पर हुई उर्मिला कोरी की खास बातचीत.

तड़प फ़िल्म का हिस्सा किस तरह से आप बनें?

2014 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद मैंने ट्रेनिंग शुरू कर दी. अपने डिक्शन पर काम किया. मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग ली. गिटार बजाना भी सीखा. 2016 के आसपास साजिद सर ने मेरे एक्शन और डांस का वीडियो इंस्टाग्राम पर देखा. मेरे पापा के दोस्त विक्रम अंकल के ज़रिए मैं साजिद सर से मिला. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुझे तुम्हारा एक्शन और डांस पसंद आया क्या तुम एक्ट भी कर सकते हो. मैंने उन्हें अपने नाटकों की डीवीडी भेज दी. जो मैं अपने स्कूल के दिनों में किया था. साजिद सर को वो बहुत पसंद आयी.

तड़प फ़िल्म में आप एक्शन कर रहे हैं और रोमांस भी आपके और तारा के बीच इंटिमेट सीन भी हैं कितने सहज थे?

इस फ़िल्म के सारे एक्शन मैंने खुद किये हैं कोई बॉडी डबल नहीं. फ़िल्म में मोटर बाइक्स के स्टंट की ट्रेनिंग मैंने फ़िल्म के फ्लोर पर जाने के छह महीने पहले से ही शुरू कर दिया था. जहां तक इंटिमेट सीन की बात है तो निर्देशक मिलन सर ने मुझे और तारा को डर्टी पिक्चर के एक सीन पर परफॉर्म करने को कहा उस वक़्त मैं थोड़ा नर्वस था. मेरे हाथ भी कांप रहे थे लेकिन उस सीन करते हुए हमारी झिझक खत्म हो गयी जिस वजह से शूटिंग के दौरान हम हर दृश्य में एक दूसरे के साथ सहज थे.

आप एक्टिंग से किस तरह से जुड़े पिता सुनील शेट्टी अभिनय में थे इसलिए क्या आपका रुझान एक्टिंग में हुआ?

मैं अपने स्कूल में ड्रामा में बहुत एक्टिव था. खासकर 10 क्लास से।एक्टिंग करते हुए मैंने पाया कि मैं खुद को एक्सप्रेस एक्टिंग के ज़रिए कर पा रहा हूं. मैं बहुत ही शर्मिला और अपने आप में रहने वाला लड़का हूं. एक्टिंग ने मेरे लिए एक थेरैपी का काम किया. एक्टिंग की वजह से ही मैं अपने इमोशन बाहर निकालने लगा. हम सभी में दुख,गुस्सा,नाराजगी,परेशानी होती है पहले यह मेरे अंदर ही रह जाता था लेकिन एक्टिंग के ज़रिए मैं इसे अब व्यक्त कर पाता हूं. यही वजह है कि क्लास 10 से मैं एक्टर बनना चाहता था क्योंकि एक्टिंग मुझे खुशी के साथ साथ सुकून देती है.

क्या आपने कैमरे के सामने एक्टिंग करने से पहले कैमरे के पीछे डायरेक्टर्स को असिस्ट किया है?

हां मैंने रोहित शेट्टी सर को उनकी फिल्म दिलवाले में असिस्ट किया था तकरीबन 15 दिनों के लिए. उस दौरान मैं रोहित सर और शाहरुख सर की परछाई बन गया था. उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला. मैं जुड़वा फ़िल्म के एक गाने का भी हिस्सा रहा हूं. वरुण धवन को बहुत करीब से देखा. मैंने देखा कि एक्टर्स कितनी जल्दी से किरदार में घुस जाते हैं और अगले ही पल उससे निकल जाते हैं.

फ़िल्म तड़प में आपका पहला शॉट कौन सा था?

इस फ़िल्म के पहले शॉट की शूटिंग मुझे पुरानी यादों में लेकर गयी. हम लोग साउथ मुम्बई के एक थिएटर में शूटिंग कर रहे थे. खास बात है कि मेरे दादाजी का रेस्टोरेंट उसी थिएटर के पास था. उन्होंने अपनी जर्नी वहीं से शुरू की थी और उसी के बगल से मैंने बॉलीवुड में अपनी जर्नी की शुरुआत की।.वह बहुत ही खास पल था. मेरे माता पिता वहां थे. मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन एक बार शूटिंग शुरू हो गयी तो मैं फिर आप किरदार में चले जाते हैं.

अपनी पिता सुनील शेट्टी की फिल्मों के सेट से जुड़ी कोई खास याद?

पापा जब विदेश में शूट करते थे तो हम उनके साथ जाते थे. मुझे दस फ़िल्म की शूटिंग थोड़ी बहुत याद है. हमलोग फ़िल्म की शूटिंग के लिए कनाडा गए थे. अभी भैया (अभिषेक बच्चन) मुझे और अथिया को साथ में डिनर पर ले गए थे . उन्होंने हमें बहुत पैम्पर किया था. वो याद है.

आपके पिता सुनील शेट्टी ने इंडस्ट्री में आपकी शुरुआत करने से पहले क्या आपको कोई नसीहत भी दी?

सच कहूं तो वे ज़्यादा नसीहत नहीं देते हैं. उन्होंने हमेशा मुझे वो चीज़ें करने दी जो मैं करना चाहता था. उनका कहना है कि इंसान अपनी गलतियों से भी बहुत कुछ सीखता है. उन्होंने मुझे एक ही सीख दी है कि अच्छा एक्टर बनने से ज़रूरी अच्छा इंसान बनना है. जो मेरे पापा ने अचीव किया है . उसका 20 प्रतिशत भी मैं कर पाया तो मैं खुद को खुशनसीब समझूंगा.

स्टार किड होने के फायदे हैं तो नुकसान भी हैं लगातार आपको लोगों की आलोचनाएं भी सुननी पड़ती है?

आलोचनाएं हमेशा रहेंगी. फिर चाहे आप स्टार किड हो या नहीं हो. सबसे महत्वपूर्ण ये है कि आप आलोचनाओं को किस तरह से लेते हैं क्या आप उन्हें अपने को और बेहतरीन बनाने के लिए लेते हो तो वह बहुत अच्छा है. मैंने पापा और आथिया दोनों की गलतियों से सीखा है. यहां तक की दोनों को जो भी आलोचनाएं मिली हैं. वो भी मुझे बहुत कुछ सीखा गयी हैं.

आपके पिता अभी भी काफी फिट हैं आपका फिटनेस मंत्र क्या रहा है?

मेरे पिता मुझसे भी ज़्यादा फिट हैं. सुनील शेट्टी का बेटा हूं तो आपको फिटनेस को लेकर फिक्रमंद होना ही पड़ता है. मैं इस तरह के माइंडसेट को लेकर बड़ा हुआ हूं जहां एक्सरसाइज करना और सेहतमंद खाना ज़रूरी रहा है. हफ्ते में छह दिन मैं जिम जाता हूं. चीट डे मेरा मुश्किल से होता है. मेरे पिता को क्रिकेट से लगाव रहा है और मुझे फुटबॉल से तो सबकुछ मिलाकर मुझे फिट रखते है.

आप अपनी पहली कमाई से अपने परिवार को क्या खास गिफ्ट देने को प्लान कर रहे है?

अभी तक मैंने उन्हें कुछ नहीं दिया है. सोच रहा हूं कि क्या उनको दूं. मेरी माँ को शॉपिंग बहुत पसंद है खासकर बैग्स तो वो दे सकता हूं. एक फैमिली हॉलिडे पर काफी लंबे समय से हम नहीं गए हैं. लगभग 12 साल पहले हमसाथ में दुबई गए थे. उसके बाद से सभी अपने अपने काम में मशरूफ है तो दिसंबर में फैमिली हॉलीडेज पर जा सकता हूं. आथिया भी मुझे पॉकेट मनी देती है. कई बार मम्मी पापा से नहीं मांग पाता था तो आथिया से मांग लेता था. उम्मीद करता हूं कि अब मैं उसको कुछ दे सकूं क्योंकि अब मैं भी पैसे कमाने लगा हूं.

3 दिसंबर को आपकी फ़िल्म रिलीज हो रही है उस दिन क्या खास करने की प्लानिंग है?

मैं सिंगल स्क्रीन थिएटर जाने की सोच रहा हूं ताकि दर्शकों के लाइव रिएक्शन को देख सकूं. परिवार के साथ फ़िल्म देखने का मतलब सिर्फ आपकी अच्छी बातें सुनने को मिलेगी. दर्शक आपको सही रिएक्शन देंगे.

साजिद नाडियाडवाला फिल्म्स से कितनी फिल्मों की डील है?

मेरी पांच फिल्मों की डील है. मेरे पिता की छवि एक्शन हीरो की रही है. मेरी पहली फ़िल्म तड़प भी एक्शन फिल्म है लेकिन मैं आगे आनेवाली फिल्मों में अलग अलग तरह के किरदार करना चाहता हूं.

आप अपनी लव लाइफ तानिया श्रॉफ के लेकर भी लगातार सुर्खियों में हैं क्या आपको लगता नहीं कि इससे आपकी फीमेल फैंस कम हो सकती है?

मैं ज़िन्दगी को उस तरह से जीना चाहता हूं जैसा कि मैं चाहता हूं. यह बहुत ज़रूरी है कि अगर आपकी कोई फैन फॉलोइंग है तो आप उससे ईमानदार रहें. तानिया मेरी ज़िंदगी में पिछले दस सालों से है और वह मेरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है. वह मेरी क्रिटिक भी है और सपोर्ट सिस्टम भी तो उसे अपने फैंस से क्यों छुपाना.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: कोरी

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >