EVM की वजह से 2 लाख पेड़ कटने से बच गए, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि EVM की वजह से 2 लाख पेड़ कटने से बच गए. उन्होंने दिल्ली में हुई बारिश को लेकर भी अपनी राय रखी.

ईवीएम की वजह से 2 लाख पेड़ कटने से बच गए. यह बात पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कही है. उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ईवीएम ने केवल विपक्ष की पोल ही नहीं खोली, बल्कि पेड़ों को कटने से भी बचाया. पर्यावरण मंत्री की ओर से तर्क दिया गया कि बैलेट पेपर को तैयार करने के लिए पेड़ों की कटाई की जाती, लेकिन ईवीएम से चुनाव संपन्न करवाया गया जिसकी वजह से 2 लाख पेड़ कटने से बच गए.

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ईवीएम ने केवल विपक्ष के झूठ का ही खुलासा नहीं किया, बल्कि पर्यावरण के क्षेत्र में भी इसने अहम भूमिका निभाई. ईवीएम से चुनाव कराने से पूरी दुनिया को यह मैसेज गया कि कैसे हम इस टेक्नोलॉजी का यूज करके पेड़ों को बचा सकते हैं. ये बातें भूपेंद्र यादव ने दिल्ली के एक कार्यक्रम में कही, जहां शुक्रवार को बारिश ने 88 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है.

सिंगल यूज वाली प्लास्टिक पर बैन लगाया था: भूपेंद्र यादव

दिल्ली में हुई बारिश की वजह से जो परेशानी लोगों को झेलनी पड़ी, उसके लिए पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि यहां की सरकार लापरवाही की वजह से दिल्ली में जलजमाव की समस्या देखने को मिली. हमने सिंगल यूज वाली प्लास्टिक पर बैन लगाया था. दिल्ली सरकार से भी कार्रवाई करने को कहा था. दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग से कई बार इन इकाइयों को बंद करने को कहा था, लेकिन कुछ ठोस निकलकर सामने नहीं आया.

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जलभराव का प्रमुख कारण नालों में पॉलिथीन जमा होना : भूपेंद्र यादव

भूपेंद्र यादव ने कहा कि इन इकाइयों ने न केवल पर्यावरण को प्रदूषित किया है बल्कि औद्योगिक आपदा की भी स्थिति पैदा हुई है. इसके बाद भी दिल्ली सरकार की आंख नहीं खुली है. जलभराव का प्रमुख कारण नालों में पॉलिथीन जमा होना है. हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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