झारखंड में भीषण गर्मी में पेयजल संकट ऐसा कि ससुराल छोड़ मायके में रहने को मजबूर है नवविवाहिता

Jharkhand News: पड़ोसी महिलाओं की मानें तो नवविवाहिता तब तक ससुराल लौटना नहीं चाहती, जब तक कि पानी की समस्या का हल नहीं निकल जाए. इस टोले का चापाकल खराब हो गया है. इस कारण लोगों को दूर से पानी लाना पड़ता है. इसी परेशानी से तंग आकर वह मायके में रह रही है.

Jharkhand News: झारखंड के लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के कचनपुर गांव के बरवाही टोले की एक नवविवाहिता पेयजल संकट के कारण ससुराल छोड़ मायके में रह रही है. पड़ोसी महिलाओं की मानें तो वह तब तक ससुराल लौटना नहीं चाहती, जब तक कि पानी की समस्या का कोई हल नहीं निकल जाए. दरअसल इस टोले का चापाकल खराब हो गया है. टोले से करीब आधा किलोमीटर दूर जल मीनार है, जहां से पानी लाकर इस टोले के लोग अपनी प्यास बुझाते हैं. यही वजह है कि नवविवाहिता ससुराल छोड़कर मायके में रह रही है.

पेयजल की किल्लत से बढ़ी परेशानी

जंल संकट की ऐसी ही स्थिति लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के कई गांवों में है. केड़ गांव में भी पानी की समस्या है. इस बार प्रचंड गर्मी के कारण कई जलाशय सूख गये हैं. इस कारण चापाकल के पानी का स्तर नीचे चला गया है. इसलिए कई लोगों को पानी के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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मायके जाने का कर रहीं विचार

कचनपुर की बुधनी देवी, विंदा देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि पानी के लिए उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. गांव की कई महिलाएं अपने बाल-बच्चों के साथ मायके जाने का विचार कर रही हैं. कई गांव में पथरीली भूमि होने के कारण जलस्तर काफी नीचे चला गया है. चापाकल बेकार हो गये हैं. कई गांवों में लगी जल मीनार भी खराब हो गयी है. इस कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है.

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रिपोर्ट: संतोष कुमार

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