गोरखपुर: जिला जज ने एसपी सिटी और एडीएम के साथ बाल संप्रेक्षण गृह का किया निरीक्षण, मिले 22 मोबाइल फोन

गोरखपुर में बाल अपचारियों ने मोबाइल को गड्ढा खोदकर पॉलिथीन में रखकर दबा रखा था. फिलहाल पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, चार्जर, हेडफोन बरामद किया है. एडीएम सिटी विनीत सिंह ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने के लिए कहा है.

यूपीः गोरखपुर के सूरजकुंड स्थित बाल संप्रेक्षण गृह का जिला जज तेज प्रताप त्रिपाठी ने एसपी सिटी व एडीएम सिटी के साथ निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पुलिस ने संप्रेक्षण गृह का जांच की. जहां से पुलिस को बाल अपचारियों के पास 22 मोबाइल फोन, बैटरी, एयरफोन, चार्जर बरामद हुआ है. पुलिस ने बाल अपचारियों के पास से गुटखा भी बरामद किया है. इसके बाद से पुलिस ने एक-एक कमरे की सघनता से तलाशी कराई. जिला जज ने लापरवाही के लिए दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

बाल संरक्षण गृह में पाया गया मोबाइल और तंबाकू

बाल अपचारियों ने मोबाइल को गड्ढा खोदकर पॉलिथीन में रखकर दबा रखा था. कहीं पर बिजली के बोर्ड के अंदर छिपा कर रखा था. फिलहाल पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, चार्जर, हेडफोन बरामद किया है. वहीं पुलिस ने बाल अपचारियों के पास से गुटखा भी बरामद किया है. इस मामले में अधिकारियों ने जब बाल सुधार गृह के अधीक्षक से पूछताछ की तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. जज के निर्देश पर सभी मोबाइल फोन को स्थानीय पुलिस ने जब्त कर लिया है. एडीएम सिटी विनीत सिंह ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने के लिए कहा है.

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क्षमता से अधिक रखे गए बाल अपचारी

बताते चलें बाल संरक्षण गृह ने अपचारी यानी 18 साल से कम उम्र की अपराध करने वाले किशोर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके साथ ही उसके पास चार्ज, ईयर फोन और तंबाकू मिल. गोरखपुर में यह पहली बार नहीं हुआ है जब बाल संरक्षण गृह मोबाइल फोन और तंबाकू मिला हो. यह एक बड़ा सवालिया निशान बाल संरक्षण भी प्रशासन पर खड़ा होता है. बाल सुधार गृह की क्षमता 50 बाल अपचारियों की है, लेकिन यह मौजूदा समय में 170 बाल अपचारी रखे गए.

रिपोर्ट –कुमार प्रदीप,गोरखपुर

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