कोटा नहीं जा पाने से परेशान झुमरीतिलैया के नीतीश ने दे दी जान, इंजीनियरिंग की तैयारी करना चाहता था युवा

Jharkhand news, Koderma news, झुमरीतिलैया (कोडरमा) : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण काल में आत्महत्या के मामले बढ़े हैं. लॉकडाउन व कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से बेहतर पढ़ाई के लिए कोटा नहीं जा पाने पर अवसाद में आये एक नाबालिग ने सोमवार को यहां फांसी लगाकर जान दे दी. घटना जहां शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं घर के इकलौते चिराग के द्वारा इस तरह का आत्मघाती कदम उठाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पहचान झुमरीतिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 14 स्थित ताराटाड़ निवासी नीतीश कुमार पिता संतोष प्रजापति के रूप में हुई है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 28, 2020 5:50 PM

Jharkhand news, Koderma news, झुमरीतिलैया (कोडरमा) : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण काल में आत्महत्या के मामले बढ़े हैं. लॉकडाउन व कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से बेहतर पढ़ाई के लिए कोटा नहीं जा पाने पर अवसाद में आये एक नाबालिग ने सोमवार को यहां फांसी लगाकर जान दे दी. घटना जहां शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं घर के इकलौते चिराग के द्वारा इस तरह का आत्मघाती कदम उठाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की पहचान झुमरीतिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 14 स्थित ताराटाड़ निवासी नीतीश कुमार पिता संतोष प्रजापति के रूप में हुई है.

जानकारी के अनुसार, दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद से नीतीश 12वीं एवं इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए राजस्थान कोटा जाने की चाहत रखता था. इकलौता चिराग होने व शुरुआती समय में ही कोरोना की वजह से लॉकडाउन व उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने कोटा जाने से रोक दिया था. नीतीश ने 10वीं की परीक्षा सीबीएसई बोर्ड से 89 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण की थी. फिलहाल वह सीएच प्लस टू उच्च विद्यालय में इंटर साइंस के प्रथम वर्ष का छात्र था.

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पिता के अनुसार, नीतीश को पढ़ाई से काफी लगाव था. उच्च शिक्षा के लिए उसने बाहर जाने के सपने संजोये थे. मेरी भी दिली इच्छा थी कि बेटे को सपने को पूरा करुं, लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी ने सपनों को तार-तार कर रखा था. अपने सपने को पूरा करने के लिए नीतीश दिन- रात पढ़ाई में लगा रहता था. रविवार की रात करीब 8 बजे भी पढ़ाई के वक्त युवक की मां संगीता देवी खाना लेकर उसके कमरे में गयी.

नीतीश के कहने पर मां खाना टेबल पर रख कर वापस कमरे से बाहर चली आयी. सोमवार की सुबह नीतीश का एक मित्र प्रतिदिन की तरह ट्यूशन जाने के लिए उसे घर पर बुलाने आया. कमरे के बाहर काफी देर तक आवाज लगाने व मोबाइल से संपर्क करने के बाद भी जब नीतीश ने कोई जवाब नहीं दिया, तो परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा. दरवाजा टूटते ही फंदे से झुलते बेटे को देखते ही परिजनों मे चीख-पुकार मच गयी. घटना की सूचना पर पहुंचे एसआई आनंद कुमार व पुलिस बल ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया.

Posted By : Samir Ranjan.

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