Dhoni Retired : धौनी के बाल थोड़ा सफेद होने लगे तो उन्होंने…

वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने हाल में संन्यास लेने महेंद्र सिंह धौनी को ‘लीक से हटकर' खिलाड़ी करार दिया जिन्होंने अपने करियर के शुरू से ही विरोधी टीमों को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ी और फिर हमेशा खुद के खेल पर नियंत्रण बनाये रखा.

वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने हाल में संन्यास लेने महेंद्र सिंह धौनी को ‘लीक से हटकर’ खिलाड़ी करार दिया जिन्होंने अपने करियर के शुरू से ही विरोधी टीमों को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ी और फिर हमेशा खुद के खेल पर नियंत्रण बनाये रखा.

कप्तान के तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की सभी ट्राफियां जीतने वाले धौनी ने 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा… उन्होंने अपना आखिरी मैच एक साल से भी अधिक समय पहले विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था. होल्डिंग में दुनिया भर के अन्य क्रिकेटरों की तरह धौनी की जमकर प्रशंसा की.

होल्डिंग ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, धौनी ने जब पहली बार भारत की तरफ से वनडे खेलने शुरू किया तो उनके लंबे बाल हुआ करते थे. वह लीक से हटकर नजर आते थे. वह ऐसे नजर आते हैं जैसे वह अपने सामने आने वाली हर चीज को तहस नहस करने के लिये आये हैं और उन्होंने काफी हद तक ऐसा किया. धौनी ने अपने करियर में कई तरह की ‘हेयरस्टायल’ अपनायी लेकिन अपने करियर के शुरुआती चरण में वह लंबे बाल रखा करते थे जिनको लेकर काफी चर्चा हुई थी. उन्होंने भारत की तरफ से 2004 में पदार्पण किया था.

होल्डिंग ने उनकी लंबे शॉट लगाने की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा, अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने 229 छक्के (वनडे में) लगाये. जब आप इस संख्या के बारे में सोचते हो तो आप यह भी सोचते हों कि उसने इतने छक्के और चौके लगाने के लिये 40 साल तक क्रिकेट खेली होगी. लेकिन यही उनका स्वभाव है. उन्होंने कहा, जब धौनी ने शुरुआत की थी तो वह बिग हिटर थे और इसलिए उन्होंने इतने अधिक चौके और छक्के लगाये. जब उनके बाल थोड़ा सफेद होने लगे तो उन्होंने इसमें थोड़ा बदलाव किया और उनकी बल्लेबाजी अधिक नियंत्रित हो गयी. जिसने भी मैदान पर धौनी को देखा होगा वह जानता था कि वह नियंत्रण में और शांतचित रहता है और कभी नियंत्रण से बाहर नहीं जाता. भारत को टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियन्स ट्राफी में जीत दिलाने वाले कप्तान धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में गिना जाता रहा है.

होल्डिंग ने कहा, वह क्या शानदार कप्तान था. वह कितना सफल रहा. जब वह कप्तानी कर रहा होता था तो आपने कभी उन्हें उत्तेजित होते हुए नहीं देखा होगा. उन्होंने कहा, अगर चीजें नियंत्रण से बाहर जा रही हों तो वह अपने खिलाड़ियों को बुलाते थे. उनसे शांतचित होकर बात करते थे और चीजें खुद ही बदल जाती थी. उनका इस तरह का प्रभाव था. धौनी ने अपने करियर में 90 टेस्ट मैचों में 4,876 रन बनाये तथा 256 कैच लेने के अलावा 38 स्टंप किये. उन्होंने 321 वनडे में 10,773 रन बनाने के अलावा 321 कैच लिये और 123 स्टंप किये. उन्होंने 98 टी20 मैच खेले जिसमें 1617 रन बनाये, 57 कैच लिये और 34 स्टंप किये। उन्होंने टेस्ट मैचों में छह शतक और वनडे में 10 शतक लगाये.

होल्डिंग ने कहा कि यह सराहनीय है कि धौनी ने अपने करियर में लगभग 5000 टेस्ट रन बनाये और विकेटकीपर की अपनी भूमिका के साथ हमेशा न्याय किया. उन्होंने कहा, उनका करियर क्या शानदार था. इस खिलाड़ी ने लगभग 5000 टेस्ट रन बनाये जबकि वह विशुद्ध बल्लेबाज नहीं था, वह विकेटकीपर था. इतने लंबे करियर में विकेटकीपर रहते हुए इतनी अच्छी भूमिका निभाना सराहनीय है.

Posted By : Amitabh Kumar

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >