Dhanteras 2022: धनतेरस पर भूलकर भी घर ना लाएं ये चीजें, लक्ष्मी जी हो जाएंगी नाराज

Dhanteras 2022: धनतेरस का त्योहार नजदीक आ रहा है. खरीदारी करना शुभ माना जाता है. इस दिन लोग सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के अलावा वाहन भी खरीदे जाते हैं. धनतेरस पर चीजों को खरीदने का अलग महत्व है, पर क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनकी खरीदारी इस दिन नहीं करनी चाहिए.

धनतेरस का त्योहार नजदीक आ रहा है. धनतेरस पर चीजों को खरीदने का अलग महत्व है, पर क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिनकी खरीदारी इस दिन नहीं करनी चाहिए

नकली आभूषण

मात्र औपचारिकता या फिर पैसों की कमी के चलते के लिए कई लोग धनतेरस पर आर्टिफिशियल आभूषण खरीद लेते हैं लेकिन ऐसा करना अशुभ माना जाता है. इससे दरिद्रता का वास होता है.

लोहा ना खरीदें

धनतेरस के दिन आमतौर पर लोग बर्तन खरीदते हैं लेकिन ऐसा करते समय हमेशा ध्यान रखें कि बर्तन लोहे के बने हुए ना हों. इस दिन स्टील के बर्तन खरीदना भी शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह भी एक प्रकार का लोहा होता है, इसलिए स्टील की जगह तांबे या पीतल के बर्तन खरीदने चाहिए.

कार ना खरीदें

अक्सर लोग धनतेरस के शुभ मौके पर कार खरीदते हैं लेकिन कार घर लाने से एक दिन पहले इसकी कीमत चुका देनी चाहिए.

प्लास्टिक झाड़ू

धनतेरस पर प्लास्टिक के बर्तन और इससे निर्मित दूसरी वस्तुओं जैसा गुलदस्ता की खरीदारी से बचना चाहिए. प्लास्टिक कभी बरकत नहीं देता. धनतेरस पर झाड़ू जरुर खरीदी जाती है लेकिन सिर्फ सींकों या फूल वाली झाड़ू खरीदना ही शुभ है. गलती से भी प्लास्टिक की झाड़ू घर न लाएं.

नुकीली चीजें

कैंची, चाकू, सुई या किसी भी तरह की नुकीली चीजों को धनतेरस के दिन घर में खरीदकर नहीं लाना चाहिए ये चीजें क्लेश का कारण बन सकती हैं. जहां अशांति रहती है, वहां कभी लक्ष्मी का वास नहीं होता है.

चीनी मिट्टी की चीजें

चीनी मिट्टी के शोपीस, बर्तन आदि को भी धनतेरस के दिन नहीं लाना चाहिए. इन चीजों को घर में लाना शुभ नहीं होता है इन चीजों में स्थायित्व नहीं होता ये चीजें कभी भी टूट-फूट सकती हैं. ऐसे में इनसे कभी बरकत नहीं आती.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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