कोरोना के बढ़ते खतरे और लॉकडाउन के बावजूद फीस वसूलने के लिए खोल दिया स्कूल, पैरेंट्स के साथ बच्चे भी पहुंच गये

Coronavirus Impact : काेरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच खूंटी जिला में एक स्कूल खुला. स्कूल खोलने से काफी संख्या में छात्र पहुंचे. साथ में छात्रों के अभिभावक भी थे. स्कूल द्वारा विद्यार्थियों के काॅपी जमा करने और फीस जमा करने को लेकर वाट्सएप्प के जरिये नोटिस जारी किया गया था. इसके एवज में काफी संख्या में छोटे-छोटे विद्यार्थियों के साथ अभिभावक स्कूल पहुंच गये. यह स्कूल है शहर का उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल. लॉकडाउन के दौरान स्कूल खोलने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्कूल को सील कर दिया है.

Coronavirus Impact : खूंटी (चंदन कुमार) : काेरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बीच खूंटी जिला में एक स्कूल खुला. स्कूल खोलने से काफी संख्या में छात्र पहुंचे. साथ में छात्रों के अभिभावक भी थे. स्कूल द्वारा विद्यार्थियों के काॅपी जमा करने और फीस जमा करने को लेकर वाट्सएप्प के जरिये नोटिस जारी किया गया था. इसके एवज में काफी संख्या में छोटे-छोटे विद्यार्थियों के साथ अभिभावक स्कूल पहुंच गये. यह स्कूल है शहर का उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल. लॉकडाउन के दौरान स्कूल खोलने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्कूल को सील कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, खूंटी शहर के उर्सुलाईन इंग्लिश मीडियम स्कूल की ओर से विद्यार्थियों के काॅपी जमा करने और फीस जमा करने को लेकर वाट्सएप्प के जरिए नोटिस जारी किया गया था. इसको लेकर मंगलवार (18 अगस्त, 2020) को काफी संख्या में स्कूल के छोटे-छोटे विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी स्कूल पहुंच गये. स्कूल में भीड़-भाड़ को देखकर लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी.

शहर में एक स्कूल के खुलने की जानकारी मिलते ही डीएसई महेंद्र पांडे स्कूल पहुंचे. उन्होंने शिकायत को सही पाया. इसके बाद प्रभारी एसडीओ सह कार्यपालक दंडाधिकारी उषा मुंडू और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद गुग्गी स्कूल पहुंचे. तब भी कई बच्चे और अभिभावक स्कूल में ही मौजूद थे.

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इस संबंध में प्रभारी एसडीओ ने बताया कि इस दौरान कई बच्चों ने तो मास्क भी नहीं लगाया था, जबकि अभी कोरोना को लेकर स्पष्ट निर्देश है कि 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलना है. स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद रखने हैं. काॅपी जमा करने और फीस को लेकर स्कूल प्रबंधन द्वारा जिला प्रशासन से किसी प्रकार की अनुमति भी नहीं ली थी.

निर्देशों का उल्लघंन करने के आरोप में स्कूल को सील कर दिया गया. उधर, स्कूल प्रबंधन के अनुसार बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया गया था. अभिभावकों से बच्चों का काॅपी जमा करने के लिए कहा गया था. फिर भी वे बच्चों को लेकर स्कूल आ गये.

Posted By : Samir Ranjan.

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