कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में मतदाताओं को लुभाने के लिए राज्य के महापुरुषों को अब आगे किया जा रहा है. यही वजह है कि रवींद्रनाथ टैगोर के बाद अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आगे किया गया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘देश नायक दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा. नेताजी की 125वीं जयंती की तैयारियों के लिए आयोजित वर्चुअल मीटिंग में ममता बनर्जी ने यह घोषणा की.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय नेताओं की ओर से बंगाल के महापुरुषों को आदर दिये जाने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसी हथियार से केंद्र में सत्तारूढ़ दल को मात देने की चाल चली है. पिछले कुछ दिनों से ममता बनर्जी इस बात पर जोर दे रही हैं कि महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन यानी 23 जनवरी को राष्ट्रीय छुट्टी घोषित किया जाये.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संबंध में केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखी है. सोमवार को उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को इस साल ‘देश नायक दिवस’ के रूप में मनायेगी.
ममता बनर्जी ने कहा, ‘व्यक्तिगत रूप से मुझे लगता है कि आजादी के बाद हमने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लिए कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया है. मैंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि नेताजी की जयंती (23 जनवरी) के दिन राष्ट्रीय छुट्टी घोषित की जाये. यह मेरी मांग है.’
ममता बनर्जी ने कहा है कि 23 जनवरी को कोलकाता में श्याम बाजार से नेताजी की प्रतिमा तक दिन में 12:15 बजे पुलिस बैंड के साथ एक रैली निकाली जायेगी. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली परेड में नेताजी की जीवनी पर आधारित एक टैब्लो का भी प्रदर्शन किया जायेगा.
Posted By : Mithilesh Jha
