रणबीर कपूर संग ब्रेकअप के बाद टूट गई थीं दीपिका पादुकोण, पति रणवीर ने ऐसे डिप्रेशन से निपटने में की मदद

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने मानसिक बीमारी से अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की और बताया कि कैसे वह समय के साथ इससे निपटने में सक्षम रहीं. अब, करण जौहर के कॉफ़ी विद करण सीज़न 8 के शुरुआती एपिसोड में, रणवीर सिंह ने साझा किया कि उन्होंने दीपिका की कैसे मदद की.

करण जौहर के शो का पहला एपिसोड जैसे ही स्ट्रीम हुआ, वैसे ही तुरंत हिट हो गया. हिट हो भी क्यों न… बॉलीवुड इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने जो शिरकत की थी. ये कपल शादी के बाद पहली बार कॉफी विद करण में एक साथ पहुंचे थे. दोनों की केमिस्ट्री शानदार थी और कपल ने अपनी शादी, फिल्में और पर्सनल लाइफ को लेकर कई बड़े खुलासे किए, जिसे सुनकर दर्शकों ने अपने दिल थाम लिए. इस जोड़े ने अपनी शादी का वीडियो साझा किया और करण जौहर सहित अपने सभी फैंस के रोंगटे खड़े कर दिए. करण ने भी पहली बार वीडियो देखा और उनकी आंखों में आंसू आ गए और यही शो का मुख्य आकर्षण था. हालांकि एक पल को सब शांत रह गए थे, जब रणवीर ने खुलासा किया कि शादी से पहले दीपिका डिप्रेशन में रहती थी और वह टूटी हुई थी. मैंने काफी मेहनत करके उनको आज हंसती खेलती लड़की बनाया है.

रणबीर कपूर संग ब्रेकअप के बाद टूट गई थी दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण ने कॉफी विद करण के काउच पर बताया कि साल 2014 में वह कितनी दुखी थीं और समझ नहीं पा रही थीं कि वह किस दौर से गुजर रही हैं और उस समय, रणवीर ने उनका काफी साथ दिया. उन्होंने उन पर ज़्यादा दबाव नहीं डाला या उन्हें खुश होने, संगीत सुनने या ड्राइव पर जाने के लिए नहीं कहा. वह जैसी थी वैसी ही वह उनके साथ रहे और उन्होंने दावा किया कि यह किसी भी पुरुष के लिए सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग है.

दीपिका को डिप्रेशन से रणवीर ने निकाला था बाहर

जब दीपिका पादुकोण डिप्रेशन से गुजर रही थीं तो रणवीर सिंह उनके साथ थे. रणवीर ने कहा, “जब यह पहली बार 2014 में हुआ, मैं शूटिंग कर रहा था. उन्होंने फोन किया और कहा ‘मुझे ब्लैकआउट हो गया है और मैं गिर गई हूं. क्या आप घर आ सकते हैं?’ मैंने कॉल काट दी और मैं अपनी बाइक से सीधे उनके घर जा रहा था. जब मैंने उन्हें देखा तो पता चला कि कुछ ठीक नहीं था. वह सामने है, वह आपको देख रही है, लेकिन वह वहां नहीं है.” बाद में, एक दिन वे साथ में नाश्ता कर रहे थे और वह लगातार रो रही थी. तभी रणवीर को असहाय महसूस हुआ. उन्होंने आगे कहा, “एक दिन नाश्ते के समय वह मेरे पास बैठी थी और रो रही थी और सिर्फ आंसू थे. बहुत सारे आंसू बह रहे थे. मैं उठा और उनके पास गया और मैंने कहा, ‘क्या हुआ बेबी? मैं क्या कर सकता हूं’ आपके लिए?’ मुझे वह स्पष्ट रूप से याद है उस वक्त मैं पूरी तरह से असहाय महसूस हुआ था.”

रणवीर चट्टाण की तरह दीपिका के साथ थे खड़े

तभी रणवीर ने बेंगलुरु से दीपिका के माता-पिता और बहन को फोन किया. दीपिका ने इसमें जोड़ा और खुलासा किया कि इस फेज के दौरान रणवीर उनके साथ खड़े थे और काफी मददगार थे. दीपिका ने कहा, “उस समय उसने जो किया वह यह था कि उसने मेरे लिए एक हैप्पी स्पेस बनाई. उसने एक बार भी ऐसा नहीं कहा कि, ‘यह ठीक है, इसे भूल जाओ’, या ‘चलो ड्राइव पर चलते हैं’ या ऐसा कुछ भी नहीं कहा उस तरह, उस समय, वह इसे ज्यादा नहीं समझता था, आज वह इसे बहुत बेहतर ढंग से समझता है, लेकिन वह बस वहीं था. वह बहुत धैर्यवान रहा है.”

रणवीर को कब हुआ दीपिका से प्यार

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के बीच प्यार की शुरुआत 2012 में ही हो गई थी. उस पल को साझा करते हुए जब रणवीर को दीपिका से प्यार हो गया था, अभिनेता ने खुलासा किया कि यह उनकी पहली फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ के रीडिंग सेशन के दौरान हुआ था. रणवीर ने खुलासा किया कि करीना कपूर संजय लीला भंसाली की फिल्म का हिस्सा बनने वाली थीं और वह शूटिंग से कुछ दिन पहले ही पीछे हट गईं. हाल ही में ‘कॉकटेल’ देखने के बाद रणवीर ने दीपिका का नाम सुझाया. इसके बाद उन्होंने कहा कि जब वह पहले दिन भंसाली के वर्सोवा स्थित घर में रीडिंग सेशन में दाखिल हुईं तो वह सफेद चिकनकारी कुर्ते में बिल्कुल परफेक्ट लग रही थीं.

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दीपिका की सादगी पर मर मिटे थे रणवीर

उन्होंने कहा, ”वर्सोवा में श्री भंसाली के घर पर राम लीला का एक प्रसिद्ध पाठ हुआ था. दीपिका के आने से पहले मुझे उनसे मिलना था. तो मैं मेज़ पर बैठा था और दरवाज़ा मेरी बायीं ओर था. अचानक दरवाजा खुला और दीपिका आई. उनकी सादगी ने बड़ा दिल जीत लिया. मैं ‘ओह माय गॉड’ जैसा था! हालांकि, रणवीर को जुड़ाव तब महसूस हुआ जब दीपिका ने उनसे अपने दांतों के बीच फंसे केकड़े के टुकड़े को साफ करने के लिए कहा. अभिनेता ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे उन्होंने अपनी छोटी उंगली सॉकेट पर रख दी हो और उन्हें झटका लगा हो. छह महीने बाद, वह उन्हें फील हुआ कि हां दीपिका ही उनकी सच्ची मोहब्बत है.

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Author: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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