छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बीच बोले टीएस सिंहदेव, कांग्रेस ने कभी मुझे मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए हो रहे मतदान के बीच उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है. अंबिकापुर से चुनाव लड़ रहे छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने कभी मुझे मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया.

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए हो रहे मतदान के बीच उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ा बयान दिया है. अंबिकापुर से चुनाव लड़ रहे छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने कभी मुझे मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया. हमलोग सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं. भूपेश बघेल हम सबके नेता हैं. मैंने कभी नहीं सुना कि कांग्रेस ने मुझे मुख्यमंत्री के पद के लिए प्रोजेक्ट किया है. हां, मेरे संपर्क में कई ऐसे लोग हैं, जिनके दिमाग में यह बात है. बता दें कि काफी विवाद के बाद कांग्रेस पार्टी ने टीएस सिंहदेव को छत्तीसगढ़ का उपमुख्यमंत्री बनाया था. उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से पहले यह भी चर्चा थी कि टीएस सिंहदेव कांग्रेस पार्टी छोड़ सकते हैं. दरअसल, कांग्रेस ने वर्ष 2018 के चुनाव में टीएस सिंहदेव से वादा किया था कि भूपेश बघेल ढाई साल मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद ढाई साल के लिए उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. लेकिन, ऐसा हुआ नहीं. बाद में तनातनी बढ़ी, तो वक्त की नजाकत को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का डिप्टी बनाया और राज्य में दूसरे नंबर के नेता का ओहदा दिया. इसके बाद टीएस सिंहदेव माने थे.

ईडी के दुरुपयोग और अत्यधिक उपयोग पर बरसे टीएस

विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले भी एक इंटरव्यू में टीएस सिंहदेव ने कहा था कि वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं. भूपेश बघेल मुख्यमंत्री हैं और उनके नेतृत्व में ही हम सब मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. अगर छत्तीसगढ़ में फिर से कांग्रेस की सरकार बनी, तो मुख्यमंत्री के रूप में पार्टी की पहली पसंद भूपेश बघेल ही होंगे. इस बीच, टीएस सिंहदेव ने बीजेपी पर निशाना भी साधा है. उन्होंने कहा है कि आज लोग ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा कर रहे हैं. ‘ऑपरेशन लोटस’ की फंडिंग कौन करता है? उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग किया जा रहा है. इस केंद्रीय एजेंसी का अत्यधिक उपयोज किया जा रहा है. यह सब राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हो रहा है. ईडी आज निष्पक्ष एवं स्वतंत्र एजेंसी के रूप में अपनी विश्वसनीयता खो चुका है.

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तीन दिसंबर को होगा अगली सरकार का फैसला

बता दें कि छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से 20 सीट पर सात नवंबर को मतदान संपन्न हो चुका है. बाकी 70 सीटों पर शुक्रवार (17 नवंबर) को मतदान जारी है. मतदान के बीच सभी दलों के नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने 74 से अधिक सीटें जीतने का विश्वास जताया है, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कहा है कि इस बार छत्तीसगढ़ की जनता परिवर्तन के लिए मतदान करेगी. कांग्रेस की सरकार जा रही है और बीजेपी की सरकार फिर से छत्तीसगढ़ में आ रही है. भूपेश बघेल ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने जो वादे प्रदेश की जनता से किए हैं, उन्हें अच्छे लगे हैं. इसलिए इस बार लोग कांग्रेस के पक्ष में ही वोट करेंगे. वहीं, बीजेपी का कहना है कि समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए मतदाता बीजेपी को ही अपना समर्थन देंगे. बहरहाल, तीन दिसंबर को मतगणना के बाद ही यह पता चलेगा कि सरकार किसकी बन रही है. कांग्रेस की सरकार बनी रहेगी, या सत्ता बीजेपी के हाथों में चली जाएगी.

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By Mithilesh Jha

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