तापसी पन्नू के खिलाफ इंदौर थाने में शिकायत दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगा आरोप

थाना प्रभारी कपिल शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘स्थानीय संगठन हिंद रक्षक के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ ने हमें शिकायत की है कि तापसी पन्नू ने मुंबई में कुछ दिन पहले एक फैशन शो के दौरान अंग प्रदर्शन करने वाले परिधान के साथ एक ऐसा हार पहना था जिसमें देवी लक्ष्मी की छवि उकेरी गई थी.’’

इंदौर के एक दक्षिणपंथी संगठन ने अभिनेत्री तापसी पन्नू के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. संगठन का आरोप है कि पन्नू ने एक फैशन शो में अंग प्रदर्शन करने वाले परिधान के साथ देवी लक्ष्मी की छवि वाला हार पहनकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं. छत्रीपुरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगा आरोप

थाना प्रभारी कपिल शर्मा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘स्थानीय संगठन हिंद रक्षक के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ ने हमें शिकायत की है कि तापसी पन्नू ने मुंबई में कुछ दिन पहले एक फैशन शो के दौरान अंग प्रदर्शन करने वाले परिधान के साथ एक ऐसा हार पहना था जिसमें देवी लक्ष्मी की छवि उकेरी गई थी.’’ शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पन्नू के इस कृत्य से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और सनातन धर्म की छवि को ठेस पहुंची है.

जानें क्या है मामला

उन्होंने कहा, “हम तापसी पन्नू के खिलाफ पेश शिकायत की जांच कर रहे हैं. अभी इस पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. जांच के बाद इस विषय में उचित कदम उठाए जाएंगे.” दरअसल तापसी पन्नू ने 14 मार्च को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और तस्वीर पोस्ट की थी. वीडियो एक फैशन शो की है जिसमें वो डीप नेक ड्रेस में देवी लक्ष्मी मां का लॉकेट पहने नजर आ रही हैं. वो रेड कलर के आउटफिट में दिख रही हैं. इसी बात को लेकर हिन्दू संगठन ने आपत्ति जताई है.

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बायकॉट ट्रेंड पर तापसी ने कही ये बात

पिछले दिनों तापसी ने बायकॉट ट्रेंड पर खुलकर बात की थी. उनका कहना है कि हिंदी फिल्मों का बहिष्कार करने का चलन एक ‘मजाक’ के अलावा और कुछ नहीं है. अभिनेत्री का मानना है कि सोशल मीडिया पर हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की अपील करना दर्शकों की बुद्धिमता को कम करके आंकने जैसा ही है. तापसी का कहना है कि वह उस दौर से गुजर चुकी हैं जब सोशल मीडिया पर टिप्पणियों से वह परेशान हो जाया करती थीं, लेकिन अब उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. तापसी ने कहा था, ‘‘यदि दर्शक कोई फिल्म पसंद करते हैं तो वे निश्चित रूप से फिल्म देखने जाएंगे. अगर उन्हें फिल्म नहीं पसंद है, तो वे नहीं देखेंगे. लेकिन, हिंदी फिल्मों के बहिष्कार की अपील करना मेरे दर्शकों की बुद्धिमता को कम करके आंकने जैसा ही है.”

पीटीआई भाषा से इनपुट

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लेखक के बारे में

By Budhmani Minj

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